अनिल अंबानी की कंपनी RCom आधिकारिक तौर पर दिवालिया, अगली सुनवाई 30 मई को

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मोदी के राफेल डील में ठेका पाकर लगातर सुर्ख़ियों में रहने के बीच अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस आधिकारिक तौर पर  दिवालिया घोषित हो गई. गुरुवार को नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (NCLT) ने इसके बोर्ड को भंग कर दिया है और उस पर अपना अधिकार कर लिया है. अब इस मामले की सुनवाई 30 मई को होगी.

एनसीएलटी ने गुरुवार को अनिल अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस को इनसॉल्वेंसी यानी दिवालिया के लिए भेजने की बात स्वीकार कर ली. जबकि आरकॉम की ओर से दिवालिया प्रक्रिया में 357 दिनों यानी की छूट दिए जाने की मांग की थी. कम्पनी का कहना था कि मुकदमे में इतने दिन खर्च हो गये थे.
बता दें कि अनिल अंबानी की इस कम्पनी पर 50,000 करोड़ रुपये का कर्ज है. जिनमें सबसे अधिक कर्ज़ भारतीय स्टेट बैंक ने दिया है.

कर्ज में डूबी आरकॉम का ऑपरेशन 3 साल पहले यानी 2005 में बंद हो गया था. गौरतलब है कि टेलीकॉम सेक्टर में टैरिफ वार शुरू होने के बाद आरकॉम को भारी घाटा होने लगा. यह प्रतिस्पर्धा खुद उनके बड़े भाई मुकेश ने जियो के माध्यम से शुरू की थी, जब उन्होंने फ्री कॉल्स और बेहद सस्ता डेटा देना शुरू किया.

इसके पहले अनिल अम्बानी ने स्वीडन की दूरसंचार उपकरण बनाने वाली कंपनी एरिक्सन से 550 करोड़ रुपये कर्ज़ा लिया जिसे समय पर न चुका पाने के कारण उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी. ख़बरों के अनुसार मार्च महीने में उनके बड़े भाई मुकेश अम्बानी ने वह क़र्ज़ चुका कर उन्हें बचा लिया.


फ़िलहाल आर कॉम की दिवालिया प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.
दिलचस्प बात यह है कि राफेल डील में अनिल अम्बानी का नाम आने के बाद से वे लगातर काँग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी के निशाने पर रहें वहीं काँग्रेस के वरिष्ठ नेता और वकील कपिल सिब्बल अदालत में अनिल अम्बानी का केस लड़ रहे हैं.

 

 


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