प्रियंका को DM का नोटिस, जवाब मिला- ‘आगरा मॉडल’ के झूठ का जिम्मेदार कौन?’

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आगरा के डीएम ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी पर झूठी खबर ट्वीट करने का आरोप लगाते हुए नोटिस भेजकर जवाब तलब किया है। डीएम की नोटिस में कहा गया है कि प्रियंका गांधी के ट्वीट से लोगों में भ्रम फैला है और कोरोना योद्धाओं के मनोबल को ठेस पहुंची है। डीएम ने प्रियंका गांधी से 24 घंटे के अंदर खबर के खंडन की मांग भी की है। वहीं डीएम की नोटिस के बाद प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर फिर योगी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्रीजी 48 घंटे के भीतर जनता को बताएं कि कोरोना मरीजों की स्थिति और संख्या में की जा रही हेराफेरी पर जवाबदेही किसकी है?

 

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कोरोना से मरीजों की हो रही मौत और आंकड़ों में हो रही हेराफेरी पर सवाल उठाए हुए मौतों के आंकड़ों में विरोधाभास वाली मुख्यमंत्री कार्यालय की एक चिट्ठी को शेयर किया है। 18 जून को जारी हुई इस चिट्ठी में कहा गया है कि सीएम योगी के सामने कोविड-19 से संक्रमित मरीजों की मौत संबंधित आंकड़े और वास्तविक आंकड़ों में विरोधाभास हो रहा है।

प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर कहा कि “आगरा में कोरोना से मृत्युदर दिल्ली व मुंबई से भी अधिक है। यहाँ कोरोना से मरीजों की मृत्यदर 6.8% है। यहाँ कोरोना से जान गंवाने वाले 79 मरीजों में से कुल 35% यानि 28 लोगों की मौत अस्पताल में भर्ती होने के 48 घण्टे के अंदर हुई है।“

प्रियंका गांधी ने कहा कि ‘आगरा मॉडल’ का झूठ फैलाकर इन विषम परिस्थितियों में धकेलने के जिम्मेदार कौन हैं?

मुख्यमंत्रीजी 48 घंटे के भीतर जनता को इसका स्पष्टीकरण दें और कोविड मरीजों की स्थिति और संख्या में की जा रही हेराफेरी पर जवाबदेही बनाएँ।“

इसके बाद प्रियंका गांधी ने एक और ट्वीट कर मुख्यमंत्री से जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की। प्रियंका गांधी ने कहा कि “आगरा में कोरोना से मृत्युदर डराने वाली है। यहां हर 15 में एक कोरोना पीड़ित की जान चली गई। यहां के 79 मरीजों में से 28 की मौत अस्पताल में भर्ती होने के 48 घण्टे में होना बड़ी लापरवाही है। मुख्यमंत्रीजी, कृपया 48 घण्टे में जांच रिपोर्ट जनता के सामने रखें।

दरअसल सोमवार को प्रियंका गांधी ने नवभारत टाइम्स की एक खबर को ट्वीट किया था। इस खबर के मुताबिक आगरा के एसएन अस्पताल में भर्ती होने के 48 घंटे के अंदर 28 कोरोना मरीजों की मौत हो गई है।

प्रियंका गांधी ने इस खबर को शेयर करके ट्वीट किया था कि “आगरा में 48 घंटे में भर्ती हुए 28 कोरोना मरीजों की मृत्यु हो गई। यूपी सरकार के लिए कितनी शर्म की बात है कि इसी मॉडल का झूठा प्रचार करके सच दबाने की कोशिश की गई।”

प्रिंयका गांधी ने कहा कि “सरकार की नो टेस्ट- नो कोरोना पॉलिसी पर सवाल उठे थे लेकिन सरकार ने उसका कोई जवाब नहीं दिया। अगर यूपी सरकार सच दबाकर कोरोना मामले में इसी तरह लगातार लापरवाही करती रही तो बहुत घातक होने वाला है।”

प्रियंका गांधी द्वार शेयर की गई नवभारत टाइम्स की एक खबर के मुताबिक आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में 28 कोरोना मरीजों की एडमिट होने के 48 घंटे के भीतर ही मौत हो गई। ये खुलासा खुद योगी सरकार की एक ऑडिट रिपोर्ट में हुआ है। सरकार की ऑडिट रिपोर्ट में मृतकों के परिजनों के बयान भी दर्ज हैं, जिसके बाद यूपी सरकार ने मामले के जांच के आदेश दिए हैं।

खबर के मुताबिक सरकार ने स्वास्थ्य विभाग से सभी 28 मरीजों की जानकारी मांगी है, जिनकी भर्ती होने के 48 घंटे के भीतर ही मौत हो गई। सरकार ने इन मरीजों के भर्ती होने की डिटेल्स, कोरोना के अलावा इन्हें हुई अन्य बीमारियों और इलाज के दौरान इन्हें दी गईं दवाओं की डिटेल्स मांगी है। साथ ही इनका इलाज करने वाले डॉक्टरों के नाम भी मांगे गये हैं। बता दें कि आगरा में पिछले 20 दिनों के भीतर कुल 32 कोरोना मरीजों की जान गई है।


 


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