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AIIMS, PGI, JIPMER का एन्ट्रेंस अब NEET के हवाले, अंतिम वर्ष में देना होगा NEXT

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राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) विधेयक, 2019 के तहत एम्स,पीजीआई और जिपमर (AIIMS, PGI, JIPMER) जैसी राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों (INIs) में 2020 से यूजी (UG) प्रवेश के लिए अलग से कोई प्रवेश परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी. वर्तमान में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत आने वाले एम्स और जिपमर अपनी अलग प्रवेश परीक्षा आयोजित करते हैं.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने शुक्रवार को घोषणा की कि सभी एम्स और जिपमर सहित देश भर के मेडिकल कॉलेजों में MBBS पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश सामान्य राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा नीट (NEET) के माध्यम से होगा. यह व्यवस्था अगले शैक्षणिक वर्ष 2020 से लागू होगी.

हर्षवर्धन ने कहा कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम के अनुसार अगले शैक्षणिक वर्ष (2020) से एम्स और जिपमर जैसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों पर सामान्य राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा ‘नीट’ लागू होगी और एमबीबीएस के लिए कॉमन काउंसलिंग होगी. उन्होंने कहा, “इससे देश में चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में सामान्य मानक स्थापित करने में मदद मिलेगी.”

‘राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम, 2019′ में नीट के साथ-साथ एमबीबीएस के लिए कॉमन काउंसलिंग और अंतिम वर्ष की एमबीबीएस परीक्षा के प्रावधान एम्स जैसे राष्ट्रीय महत्व वाले सभी संस्थानों पर लागू होंगे.

घोषणाओं के दौरान स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की सचिव प्रीति सूदन ने कहा, ‘अगले अकादमिक सत्र से पहले एनएमसी काम करने लगेगा. अगले साल से प्रवेश के लिए सिर्फ़ एक परीक्षा देनी होगी और फ़ीस तय करने की प्रक्रिया भी पूरी कर ली जाएगी.’

मेडिकल की पढ़ाई के अंतिम साल में छात्रों को नेशनल एक्ज़िट टेस्ट (नेक्स्ट) देना होगा. इस टेस्ट के जरिए उन्हें मिली मेडिकल की शिक्षा का स्तर तय किया जाएगा, साथ ही ये उनके पोस्ट ग्रेजुएशन (पीजी) में एडमिशन को तय करने वाली परीक्षा के तौर पर भी काम करेगा. इसकी वजह से पीजी की प्रवेश परीक्षा के लिए अलग से पढ़ाई नहीं करनी होगी.

स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि इससे छात्र अब अपने यूजी के विषयों और इंटर्नशिप पर पूरा ध्यान दे सकेंगे. विदेश से मेडिकल की डिग्री पाने वाले छात्रों को भी नेक्स्ट की परीक्षा देनी होगी जिसमें पास होने पर उन्हें लाइसेंस मिलेगा.

वर्तमान में, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) और जवाहरलाल स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (JIPMER) को छोड़कर सभी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) के माध्यम से किए जाते हैं.

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