चारू मजूमदार शहादत दिवस: माले ने लिया सच्चे लोकतंत्र के निर्माण का संकल्प

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भाकपा (माले) के संस्थापक महासचिव चारु मजूमदार की शहादत के 48 साल और पार्टी के पुनर्गठन की 46वीं वर्षगांठ पर आज भाकपा-माले ने अपने नेता को श्रद्धांजलि दी और पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनके अधूरे मिशन और वास्तविक आजादी और सच्चे लोकतांत्रिक भारत के निर्माण के सपने को पूरा करने की प्रतिज्ञा ली. इस अवसर पर भारतीय क्रांति के सभी शहीदों को दो मिनट का मौन के साथ श्रद्धांजलि दी गई।

दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय चारु भवन में माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य, पोलित व्यूरो सदस्य कामरेड स्वदेश भट्टाचार्य, कविता कृष्णन, केंद्रीय कमेटी सदस्य संजय शर्मा, राजीव डिमरी, राजेन्द्र प्रथोली, पुरुषोत्तम शर्मा, सुचेता डे, हरियाणा प्रभारी कामरेड प्रेमसिंह गहलावत, दिल्ली कमेटी के सदस्य कामरेड अमरनाथ तिवारी, बीडीएस गौतम, स्वेता राज, मृत्यंजय, कपिल शर्मा, अरुण, सहित दर्जनों अन्य साथियों ने चारु मजूमदार की मूर्ति पर पुष्पांजलि के साथ श्रद्धांजलि दी. इसके बाद केंद्रीय कमेटी द्वारा जारी संकल्प पत्र पढ़ा गया और पार्टी महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया.

बिहार माले राज्य कार्यालय में पार्टी के वरिष्ठ नेता बृजबिहारी पांडेय, राज्य सचिव कुणाल, केंद्रीय कमिटी की सदस्य सरोज चैबे, प्रदीप झा, प्रकाश कुमार आदि नेताओं ने चारू मजूमदार और अन्य शहीदों की याद में एक मिनट का मौन रखते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी. पटना जिला कार्यालय में पोलित ब्यूरो के सदस्य अमर व दिलीप सिंह, ललन सिंह आदि नेताओं ने श्रद्धांजलि दी.

इसके अलावा राज्य के भोजपुर, सीवान, गोपालगंज, जहानाबाद, अरवल, वैशाली, मुजफ्फर पुर, समस्तीपुर, दरभंगा, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चम्परण, भागलपुर सहित सभी जिला कार्यालयों, प्रखंड कार्यालयों और ग्राम स्तरीय पार्टी ब्रांचों में भी श्रद्धांजलि सभा हुई और संकल्प पत्र पढ़ा गया.

इस मौके पर भाकपा माले नेता बृज बिहारी पांडेय ने कहा कि पार्टी को अपने आखिरी संदेश में चारु मजूमदार ने जनता के हित को ही पार्टी का हित मानते हुए, जनता की सेवा करने का आह्वान किया था. जनता के हितों की सेवा का आह्वान आज की कठिन परिस्थितियों में और भी प्रासंगिक हो जाता है, जब जनता कोरोना महामारी और मोदी सरकार द्वारा जबरन थोपे गए विनाशकारी लॉकडाउन की दोहरी मार से जूझ रही है. हम शपथ लेते हैं कि इन चुनौतियों का साहस पूर्वक सामना करेंगे तथा पूरी ताकत और क्षमता के साथ जनता की सेवा करेंगे.

बृज बिहारी पांडेय ने कहा कि लॉकडाउन का फायदा उठाते हुए मोदी सरकार ने भारत की जनता, संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ एक तरह से युद्ध छेड़ दिया है. कॉर्पोरेटों को सभी संसाधनों को हड़पने की खुली छूट दे दी गयी है तथा एक के बाद एक लगातार हमारे अधिकार छीने जा रहे हैं और इस तरह, हर मुमकिन तरीके से हमारे देश को कमजोर किया जा रहा है. तुर्रा ये कि सरकार हर जिम्मेदारी से यहाँ तक कि लोगों को आवश्यक वस्घ्तु और सेवायें मुहैया कराने तक से पल्ला झाड़ रही है और फिर अपनी इस गैरजिम्मेदारी को आत्मनिर्भरता का नाम देने का पाखंड रच रही है. जनता के बीच घृणा और विभाजन के बीज बोने, देश को कमजोर करने तथा संविधान व लोकतंत्र को नष्ट करने के फासीवादी मंसूबे से लड़ने और उसे परास्त करने की हम शपथ लेते हैं.

माले राज्य सचिव कुणाल ने कहा कि भारत के कामगार लोग, खास तौर पर जो सार्वजनिक स्वास्थ्य और आवश्यक सेवाओं के मोर्चे पर कार्यरत हैं, वे कोरोना के जानलेवा खतरे का सामना करते हुए भी, निरंतर अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं. हम उनकी प्रतिबद्धता और समर्पण को सलाम करते हैं. देश के बहुत सारे बुद्धिजीवी और एक्टिविस्ट इस समय फर्जी मुकदमों और दमनकारी कानूनों के तहत जेलों में डाल दिये गए हैं. हम इन सभी राजनीतिक बंदियों की तत्काल, बिना शर्त रिहाई की मांग करते हैं.

माले राज्य सचिव ने कहा कि मोदी सरकार के तानाशाही रवैये को धता बताते हुए भारत की जनता के अलग-अलग हिस्सों के लोग, मानवीय गरिमा के साथ जीवन जीने और जनवादी अधिकारों के संघर्ष में निरंतर लामबंद हो रहे हैं. हम इन सभी संघर्षों का समर्थन करते हैं और जनता की एकता और जनवादी चेतना व हस्तक्षेप के स्तर को ऊपर उठाने के लिए इन संघर्षों के इर्दगिर्द व्यापक एकजुटता के निर्माण की शपथ लेते हैं. एकजुट और जागरूक लोग कभी हराए नहीं जा सकते. फासीवादी खतरे को ध्वस्त करने और अपने सभी अधिकारों को हासिल करने के लिए जनता की एकता और पहलकदमी के साथ, हम आगे बढ़ने का संकल्प लेते हैं.

एक ऐसे समय में जब भारत में बहुतेरी विपक्षी पार्टियां फासीवादी ताकतों के विरुद्ध डगमगा रही हैं, उनके सामने समर्पण कर रही हैं या उनसे हाथ मिला रही हैं, भाकपा(माले) उसी साहस और निरंतरता के साथ जनवादी प्रतिरोध के मोर्चे की अग्रिम पंक्ति में डटी हुई है जो हमारी क्रांतिकारी विरासत और पहचान की विशेषता रही है. हमें इस क्रांतिकारी कम्युनिस्ट विरासत पर गर्व है और हम  पूरी ऊर्जा और कठोर प्रयास से, अपने संगठन की जीवंतता और शक्ति से इसे और मजबूत करने की शपथ लेते हैं.

उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी, गोरखपुर, चंदौली, गाजीपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र, रायबरेली, जालौन, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, सहित सभी जिलों, ब्लाक मुख्यालयों व ग्राम स्तरीय ब्रांचों में कार्यक्रम आयोजित किये गए। उत्तराखण्ड में मुख्य कार्यक्रम बिन्दुखत्ता स्थित पार्टी राज्य मुख्यालय में आयोजित हुआ। पंजाब में राज्य मुख्यालय मानसा में मुख्य आयोजन हुआ। इसमें पार्टी केंद्रीय कमेटी सदस्य राजविंदर राणा, सुखदर्शन नथ, रुलदू सिंह, गुरनाम सिंह, सहित तमाम नेता उपस्थित थे। इसके अलावा सभी पार्टी ब्रांचों और जिला कमेटियों ने भी कार्यक्रम को लागू किया।

राजस्थान के जयपुर, झुंझुनू, उदयपुर, चित्तौड़गढ़ आदि जिलों में चारु मजूमदार का शहादत दिवस मनाया गया। पश्चिम बंगाल में कोलकाता, बर्धमान, हुगली, हाबड़ा, 24 नार्थ परगना, 24 ईस्ट परगना, सिलीगुड़ी आदि जिलों में चारु मजूमदार का शहादत दिवस मनाया गया। त्रिपुरा में भी कार्यक्रम मनाया गया।

झारखण्ड में मुख्य कार्यक्रम रांची स्थित पार्टी कार्यालय में हुआ। इसके अलावा जयनगर सरमाटांड, गिरिडीह, कोडरमा, हजारीबाग, रामगढ़, बगोदर, सरिया, देवघर, आदि जगहों में भाकपा माले की संस्थापक पूर्व महासचिव चारू मजूमदार का 48 वां शहादत दिवस मनाया गया। असम के गुवाहटी, कार्बी आंगलांग, लखीमपुर, डिब्रूगढ़, विश्वनाथ जिलों में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया।

महाराष्ट्र के मुंबई में पार्टी नेता श्याम गोहिल के नेतृत्व में साथ ही पालघर में भी चारू मजुमदार का शहादत दिवस मनाया गया। पालघर तालुका सचिव अशोक तांडेल, प्रकाश मोरे,  रामदास लिलके,  सुधाकर, रामु, प्रकाश धोधडे व अन्य लोग उपस्थित थे। गुजरात के अहमदाबाद में भी शहादत दिवस मनाया गयस और  केंद्रीय कमेटी के आह्वान पर संकल्प लेते हुए पार्टी को मजबूत करने का वचन लिया गया।

उड़ीसा के भुवनेश्वर स्थित कामरेड नागभूषण पटनायक भवन में मुख्य कार्यक्रम हुआ। इसके अलावा रायगढ़ा, गुनूपुर, पुरी जिलों में भी जिला स्तर से ग्राम स्तर तक शहादत दिवस मनाया गया। इसके अलावा कर्नाटक, तमिलनाडु, पांडुचेरी, केरल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ में भी कार्यक्रम आयोजित हुए।


 


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