कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ केएमपी हाईवे पर किसानों ने लगाया 24 घंटे का जाम


सुबह से ही गाज़ीपुर बॉर्डर व डासना प्लाजा पर किसानों ने जाम करके रखा है। किसानों ने लंगर-पानी का प्रबंध इस हाईवे पर कर लिया। टिकरी बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने भी KMP को जाम किया व मंच स्थापित किया। सिंघु बॉर्डर के आन्दोलनकारी किसानों की अगुवाई में KMP पर तीन जगह जाम लगाया गया।


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सयुंक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर आज आंदोलन 135 वें दिन भी जारी रहा। किसानों ने केएमपी हाईवे जाम किया। संयुक्त किसान मोर्चा ने आज शाम को ये बयान जारी किया-

 

आज सयुंक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसान मजदूरों द्वारा कुंडली मानेसर पलवल KMP हाईवे व कुंडली गाज़ियाबाद पलवल KGP हाईवे 24 घंटे के लिए जाम कर दिया है जो दिल्ली की सीमाओं को जोड़ता है व सभी बाहरी शहरों के लिए बाईपास है। सुबह से ही किसान हाईवे पर पहुंचने लगे। इस सड़क को को जाम करने के लिए आसपास के लोगो के साथ साथ पंजाब व हरियाणा से नौजवान व महिलाएं भारी संख्या में पहुंची। किसान नेताओ ने आज के बंद को चेतावनी के तौर पर पेश करते हुए कहा कि अगर सरकार किसानों की मांग नहीं मानती है तो इसी तरह अन्य तरीकों से सरकार पर दबाव मनाया जाएगा।

सुबह से ही गाज़ीपुर बॉर्डर व डासना प्लाजा पर किसानों ने जाम करके रखा है। किसानों ने लंगर-पानी का प्रबंध इस हाईवे पर कर लिया। टिकरी बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने भी KMP को जाम किया व मंच स्थापित किया। सिंघु बॉर्डर के आन्दोलनकारी किसानों की अगुवाई में KMP पर तीन जगह जाम लगाया गया।

आज किसानों का यह कार्यक्रम पूर्ण रूप से शांतमयी रहा। आम लोगों के पूर्ण सहयोग के चलते किसानो का यह कार्यक्रम सफल साबित हो रहा है। सरकार हमेशा से किसानों के आन्दोलन को हिंसक रूप में प्रदर्शित करती रही है। आज रेवासन मेवात में प्रदर्शन कर रहे किसानों को हरियाणा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। हालांकि बाद में किसानों के दबाव में इन किसानों को छोड़ दिया गया। कुछ किसानों के साथ मारपीट भी की गई। हम हरियाणा पुलिस के इस बर्ताव की कड़ी निंदा करते है। पहले भी पुलिस की हिंसा से किसान डरे नहीं है व आगे भी नहीं डरेंगे।

आगामी 14 अप्रैल को हरियाणा के मुख्यमंत्री ने किसानों व मजदूरों को लड़ाने के मकसद से सिंघु बॉर्डर के पास एक कार्यक्रम रखा है। वहीं हरियाणा के उपमुख्यमंत्री ने भी कैथल में एक कार्यक्रम रखा है।हरियाणा के किसान लगातार भाजपा-जजपा सरकार का लगातार सामाजिक बॉयकॉट कर रहे है। खट्टर सरकार इसे इस तरह पेश कर सकती है कि किसान दलितों के कार्यक्रम नहीं होने दे रहे। हम स्पष्ट कर रहे है कि किसान किसी भी तरह से दलितों की भावनाएं आहत नहीं होने देंगे एवं साथ ही भाजपा सरकार का दलित विरोधी चेहरा भी किसी से छुपा नहीं है। पिछले समय मे इस सरकार द्वारा छात्रवृत्ति, SC-ST एक्ट, रोजगार व अन्य मसलो पर दलितों पर बेहद अत्याचार किये है। खट्टर सरकार का यह कार्यक्रम पूर्ण रूप से दलितों व किसानों को लड़ाने के उद्देश्य से करवाया जा रहा है। भाजपा इसमें हिंसा भी करवा सकती है। हम हरियाणा के सभी दलित बहुजन संगठनों से अपील करते है कि इस कार्यक्रम मे खट्टर का शांतमयी ढंग से विरोध करें।

कल 11 अप्रैल को समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती दिल्ली मोर्चो पर मनाई जाएगी। ज्योतिबा फुले एक महान समाज सुधारक, लैंगिक न्याय के प्रेरणात्मक होने के साथ साथ किसानों हको के लिए भी लड़ते रहे थे। कल उनके सम्मान में सभी किसानी मोर्चो पर शोषणमुक्त समाज के लिए कार्यक्रम होंगे।

– डॉ दर्शन पाल
सयुंक्त किसान मोर्चा


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