मुरादाबाद में गरजीं प्रियंका- जाति और धर्म पर वोट मांंगने वालों से हिसाब लो, सपा-बसपा संघर्ष से ग़ायब रहीं!

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कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने गुरूवार को मुरादाबाद में प्रतिज्ञा रैली को संबोधित किया। इस दौरान प्रियंका के साथ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल भी नज़र आए। प्रियंका के मंच पर आने पहले ही लोगो में उत्साह साफ दिख रहा था।  मंच पर आते ही प्रियंका ने मुस्कुराते हुए कहा, आप सबका मेरे ससुराल में बहुत स्वागत। ससुराल वालों आपसे माफी चाहती हूँ कि बहुत दिन बाद आयी हूँ। आपके शहर ने मेरे परिवार को संरक्षण दिया। उन्हें खड़ा किया। बंटवारे के बाद मेरे ससुर जी के पिता मुरादाबाद आ गए। यहीं से कारोबार शुरू किया। यहां के टैलेंट की मदद से उन्होंने अपने बच्चों का भविष्य बनाया। पुरानी बातों को बताते हुए प्रियंका ने बीजेपी को महंगाई, नोटबंदी, जीएसटी, सब्सिडी समेत कोई बड़े मुद्दों पर भाजपा की मोदी सरकार को घेरा।

यहां मेरे पिता राजीव जी ने हर तरह से मदद की..

उन्होंने प्रतिज्ञा रैली के संबोधन के दौरान कहा, मुरादाबाद को दुनिया भर में पीतलनगरी के रूप में जाना जाता है। शादी के समय यह एक खुशहाल शहर था। व्यापारियों से लेकर मजदूरों तक की मेहनत के साथ-साथ एक ऐसी सरकार भी थी जिसने आपकी मदद की। एक्सपोर्ट काउंसिल का गठन किया गया, निर्यातकों को हर तरह की मदद दी गई। मेरे पिता राजीव जी ने हर तरह से मदद की। उस समय आठ हज़ार करोड़ का निर्यात होता था, आज दो हज़ार का हो रहा है।

दो लाख लोगों की रोज़ी-रोटी खत्म हो गई। बीजेपी सरकार की नीतियों से व्यापारी बर्बाद हुए। नोटबंदी से कोई काला धन वापस नहीं आया। जीएसटी ने व्यापारियों की कमर तोड़ी। मजदूरों की दिहाड़ी आधी कर दी गई। बिजली डीजल महंगा, कच्चा माल महंगा। ब्याज पर सब्सिडी कम की गई। आपने पीतल नगरी बनाई। बीजेपी ने अंधेर नगरी बनाई, जिसका चौपट राजा है।

12 बार पेपर आउट हो चुका है, 10 लाख सरकारी पद खाली पड़े: प्रियंका गांधी

आगे प्रियंका ने यूपी-टीईटी के पेपर लीक होने का ज़िक्र करते हुए कहा, 27 नवंबर को यूपी-टीईटी की परीक्षा हुई, 22 लाख युवाओं ने मेहनत की 2 सालों के लिए काम किया। क्या हुआ पेपर आउट हो गया। भर्ती लटक गई। ये कोई पहली बार नहीं हुआ। 12 बार पेपर आउट हो चुका है। 10 लाख सरकारी पद खाली पड़े हैं लेकिन युवाओं को रोज़गार नही मिल रहा। योगी जी कहते हैं कि यूपी में नौकरियां बहुत हैं, नौकरी योग्य युवा कम हैं। प्रियंका ने आगे कहा, जहां-जहां मै जाती हूं मुझे ऐसा युवा मिलते है जिन्होंने या तो बीए पास की है या आईआईटी पास किया है या एमए किया है, लेकिन फिर भी हर तरफ नौजवान बेरोजगारी का शिकार हैं। जहाँ जाइये यही सवाल उठ रहा है। कई लोगो ने मुझसे कहा मैने पढ़ाई तो की है पर कहीं रोजगार नहीं।

मुख्यमंत्री जानते हैं कि चुनाव के समय धर्म जाति की बात करके चुनाव जीत जाएंगे..

प्रियंका ने कहा मुझे बघेल जी ने बताया, योगी जी से व्यापारी मिलना चाहते हैं पिछले चार साल से योगी जी उनसे नही मिले उनके पास समय नहीं है। जब मैंने बघेल जी से कहा ऐसा कैसे हो सकता है, कोई अपनी समस्या लेकर सीएम से मिलना चाहता है और वह मिल नही रही तब बघेल जी ने मुझे कहा कि यूपी में जाति और सांप्रदायिकता की राजनीति इतनी भयानक है कि मुख्यमंत्री जानते हैं कि लोगो की समस्याएं हल करने के बजाय वे चुनाव के समय आ कर धर्म जाति की बात कहकर चुनाव जीत कर चले जायेंगे।

कोई जवाबदेही नही होगी। प्रियंका ने कहा यह बात सही ही जब तक जनता नेता से जवाबदेही नही मांगेगी तब तक यह सिलसिला चलता रहेगा। जब तक आप वोट विकास के आधार पर नहीं डलेगा, जब तक ये नहीं पूछा जायेगा कि हमारे शहर के लिए आपने अपने कार्यकाल में क्या किया, तब तक इसी तरह की राजनीति में आप फंसे रहेंगे। माफियों के दलदल में आप फेस रहेंगे।

मुझे आश्चर्य हुआ जब मैं यूपी आई नदी माफिया, बालू माफिया, पढ़ाई का माफिया, मुझे आश्चर्य है कि कहीं सांस का माफिया न हो और सांस के लिए लोगों से हफ्ता न लिया जाये। ऐसे हालात है आपके प्रदेश के। मुझे आपसे बहुत बड़ी शिकायत है कि जब तक आप इस तरह की राजनीति के घेरे में फेस रहेंगे कोई बदलाव नहीं होगा। आपकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। आपने नेताओं को सिखाओ, जवाबदेह बनाओ। मंच पर आ कर खोखले वचन देने से अब नही चलेगा। इसी लिए कांग्रेस पार्टी सिर्फ और सिर्फ विकास के आधार पर लड़ना चाहती है।

किसान आंदोलन से एक बात सामने आई कि जब आप अटल रहते हैं तो सरकार झुकेगी..

हमने प्रतिज्ञा की है कि हम 20 लाख रोजगार दिलाएंगे। हर जिले में हम उद्योगों के हब लगाएंगे। यह प्रतिज्ञा इसलिए है क्योंकि खोखला वचन नहीं है। जिस तरह से छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार 25 सौ रुपए कुंटल धान खरीद रही है। यह कोई कल्पना नहीं है सच्चाई है। अगर हम कह रहे हैं तो करके भी दिखाएंगे। किसानों ने जो आंदोलन किया उससे एक बात सामने आई है कि जब आप अटल रहते हैं तो सरकार को झुकना पड़ता है। प्रियंका ने कहा कि आंदोलन में 700 किसान शहीद हुए लेकिन प्रधानमंत्री संसद में 2 मिनट भी उनके लिए मौन नहीं रहे। संसद में उन कानूनों पर चर्चा भी नहीं की जिन कानूनों को वह रद्द करने जा रहे थे।

पीएम मोदी और सीएम योगी पर प्रियंका का हमला..

प्रियंका ने लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ पर हमला किया उन्होंने कहा कि किसानों को मंत्री के बेटे ने कुचल दिया और प्रधानमंत्री और यूपी के सीएम ने एक लफ्ज़ नहीं बोला, बल्कि लखनऊ के मंच पर मंत्री उनके साथ थे। किसान कह रहे हैं कि गृहराज्यमंत्री को हटाओ लेकिन ऐसा नही हुआ। प्रियंका गांधी ने जनता से कहा, शक्ति आपके हाथों में है शक्ति को पहचानिए तीन काले कानूनों के अलावा किसानों की बहुत बड़ी-बड़ी समस्याएं हैं जिनको सरकार बार-बार नकार रही है।

आपको मालूम है किसानों की गन्ने का कितना भुगतान मिला। अभी भी चार हजार रुपये बकाया है, पर मोदी जी ने आठ हजार करोड़ का जहाज खरीद लिया। 20 हजार करोड़ संसद के सुंदरीकरण के लिए खर्च किया जा रहा है, पर आपके लिए कुछ नहीं। कर्ज माफ होने की बात होती है तो वह चुप हो जाते हैं कहते हैं पैसा नहीं है।

मेरी शिकायत है कि आप नेताओं से हिसाब नहीं मांगते..

प्रियंका ने आगे कहा, लोग महंगाई से तड़प रहे हैं। महिलाओ का शोषण हो रहा है। उन्हें कुचला जा रहा है। कोई कुछ नहीं कर रहा है। सबकुछ विज्ञापन में है। आपके लिए लड़ने वाली महिला कैसे आगे बढ़ेगी। इसी लिए हम महिलाओं को 40% टिकट देंगे। हो सकता है कि कुछ न जीतें लेकिन वे सश्कत होंगी। अगली बार जीतेंगे। प्रियंका ने लोगो में साहस जगाने का प्रयास करते हुए कहा, लोकतंत्र में जनता जिन्दाबाद है। मेरी शिकायत है कि आप नेताओं से हिसाब नहीं मांगते।

चुनाव में सफाई कर्मियो के साथ मोदी जी फोटो खिंचवाते हैं और आगरा मे अरुण बाल्मीकि को तीन दिन हिरासत में रखकर मार दिया जाता है। हाथरस में दलित बेटी को बलात्कार किया जाता है। मार दिया जाता है। प्रशासन बिना घर को बताये चिता जला देता है। किसानों को देशद्रोही, आंदोलनजीवी सब कहा, अब कह रहे हैं कि मुझे माफ करिये। माफ मत कीजिए, हिसाब मांगिए। कोरोना काल में लापरवाही हुई, तो हिसाब मांगिए। नेताओं से रिश्ता बदलिए, उनसे हिसाब मांगिए।

प्रियंका ने अखिलेश यादव को लिया आड़े हाथ..

भाजपा के बाद प्रियंका गांधी ने सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव को भी आड़े हाथों लेते हुए सवाल किया। उन्होंने कहा, सपा में जातिवाद और गुंडई, बसपा में लूट देखी। नया नारा है “आ रहे हैं अखिलेश” मैं पूछना चाहती हूं कि बिजनौर में जब एक नौजवान अनस और सुलेमान के मामले में क्या अखिलेश जी आये? लखीमपुर खीरी में क्या नरसंहार के बाद अखिलेश जी आये? सीएए-एनआरसी के समय क्या अखिलेश जी आये? तो चुनाव के समय अखिलेश जी क्यों आये हैं? पांच साल में कहां थे जब कांग्रेस के 18 हजार कार्यकर्ता जेल में थे? अजय लल्लू जी जेल में थे।

बसपा के नेता कहां थे? उन्होंने आवाज़ क्यों नहीं उठायी: प्रियंका गांधी

प्रियंका ने सवाल करते हुए कहा, हाथरस और फाफामऊ में दलितों की हत्या और बलात्कार हुआ, बसपा के नेता कहां थे? उन्होंने आवाज़ क्यों नहीं उठायी? प्रियंका गांधी ने दोबारा अपनी बात को दोहराते हुए कहा, क्योंकि सब सोचते हैं कि आपकी पीड़ा से उनकी राजनीति से कोई मतलब नहीं है। सब सोचते हैं कि जाति और संप्रदाय के नाम पर आपसे वोट ले लेंगे। ये सोच आपको बदलवानी है। किसानों की शहादत ने इस देश को बनाया है। आपके पूर्वजों ने आजादी के लिए लड़ाई लड़ी थी। इसमें आपसे ताकतवर कोई नहीं है।

कोई भी युद्ध ऐसा नहीं है जो बिना लड़े जीता जाता है। जो लोग कह रहे हैं कि हम जीतेंगे जब वे लड़ ही नहीं रहे हैं तो कैसे जीतेंगे? इस देश को बदलना है, इस राज्य को खाई से निकालना है तो बहुत सोच समझकर वोट करना होगा। मैं आपको राजनीति बदलने का मौका देना चाहता हूं। विकास के आधार पर राजनीति करें। देश आपका है, किसी की संपत्ति नहीं। कोई कितना भी बड़ा क्यों न हो, यह उसकी संपत्ति नहीं है। अपने परिवार, देश का ख्याल रखें। सही फैसला यही है कि चुनाव के समय विकास होना चाहिए।

कांग्रेस की सरकार बनने पर जनता को दी जाने वाली सुविधाओं को लेकर प्रियंका गांधी ने कहा..

  • किसानों का पूरा कर्ज़ कांग्रेस माफ करेगी।
  • 2500 में गेहूं और धान 400 में गन्ना खरीदा जाएगा।
  • बिजली बिल हाफ होंगे। कोरोना काल का बकाया साफ किया जायेगा।
  • सबसे गरीब परिवार, जिन्हें कोरोना से सबसे ज़्यादा परेशानी हुई, उन्हें 25 हजार की मदद करेंगे।
  • अगर हमारी सरकार आयेगी, तो कोई भी बीमारी हो दस लाख तक का इलाज सरकार मुफ्त में करायेगी।
  • वृद्धा एवं विधवा पेंशन में हजार रुपये देंगे।
  • आरक्षण नियमों को लागू करते हुए 40% नौकरी महिलाओं को मिलेगीं।

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