‘GDP यानी गैस, डीज़ल और पेट्रोल’- महँगाई को लेकर मोदी सरकार पर बरसे राहुल गाँधी


राहुल गांधी ने कहा, जब हमारी सरकार थी तब 105 डॉलर प्रति बैरल क्रूड ऑयल था। उस समय देश में पेट्रोल 71 रुपये लीटर था। आज के समय में क्रूड ऑयल 71 डॉलर प्रति बैरल में है। तब पेट्रोल की कीमत 100 रुपए के पार है। केंद्र सरकार को 23 लाख करोड़ रुपये की रकम बढ़े हुए टैक्स से मिली है। आखिर यह रकम कहां जाएगी?


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कांग्रेस के वरिष्ठ  नेता और सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को मोदी सरकार को जीडीपी यानी रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतों को लेकर जमकर घेरा है। साथ ही उन्होंने सरकार की एनएमपी योजना पर भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पीएम की न्यू इंडिया, मेक इन इंडिया की बात को खोखली बताया और कहां की महंगाई बढ़ने से लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है।

जीडीपी बढ़ने का मतलब है दामों में बढ़ोतरी..

राहुल गांधी ने कहां की जब बीजेपी सत्ता में आई थी तो कह कर आई थी कि पेट्रोल-डीजल और गैस के दाम बढ़ रहे हैं। लेकिन अब गैस और पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं। जब 2014 में यूपीए सरकार से बाहर हुई तब एलपीजी सिलिंडर के दाम 410 रुपये में थे,और आज यह दाम 885 रुपये है। राहुल ने मोदी सरकार पर तंज कसे हुए कहा कि ‘मोदी जी कहते रहते हैं कि जीडीपी बढ़ रही है, वित्त मंत्री कहती हैं कि जीडीपी में ऊपर की ओर का रुख दिख रहा है। तब मैं समझा कि जीडीपी का मतलब है ‘गैस-डीजल-पेट्रोल’।’ और जीडीपी बढ़ने, ऊपर जाने का मतलब है कि इनके दामों में बढ़ोतरी।

केंद्र सरकार को 23 लाख करोड़ रुपये टैक्स से मिले..

राहुल गांधी ने कहा, जब हमारी सरकार थी तब 105 डॉलर प्रति बैरल क्रूड ऑयल था। उस समय देश में पेट्रोल 71 रुपये लीटर था। आज के समय में क्रूड ऑयल 71 डॉलर प्रति बैरल में है। तब पेट्रोल की कीमत 100 रुपए के पार है। केंद्र सरकार को 23 लाख करोड़ रुपये की रकम बढ़े हुए टैक्स से मिली है। आखिर यह रकम कहां जाएगी?

गरीबों का डिमोनेटाइजेशन पीएम के मित्रों का मोनेटाइजेशन..

राहुल गांधी ने बीजेपी की नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन (एनएमपी) योजना पर बात करते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस योजना के जरिए देश की संपत्तियां बेचना चाहती है। राहुल ने दो पहलुओं का जिक्र किया, उन्होंने कहा कि एक ओर डिमोनेटाइजेशन है और दूसरी ओर मोनेटाइजेशन। छोटे किसानों, मध्यम वर्ग और गरीबों का डिमोनेटाइजेशन ही हो रहा है। सिर्फ सरकार के चार-पांच मित्रों का ही मोनेटाइजेशन हो रहा है और उनका ही भला हो रहा है। मोनेटाइजेशन प्लान से 6 लाख करोड़ रुपए जुटाने की बात बीजेपी सरकार कर रही है। लेकिन इससे पीएम मोदी के ही 4 से 5 प्रिय मित्रों के हाथों में देश की संपत्ति चली जाएगी।

पीएम और वित्त मंत्री को समझ नहीं आ रहा तो हम भेजते है एक्सपर्ट..

राहुल गांधी का कहना है कि अर्थव्यवस्था विफल हो रही है। अगर पीएम नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री को कुछ समझ नहीं आता, तो हम अपने एक्सपर्ट भेजे देते हैं। उन्होंने कहा शेयर बाजार में तेज़ी है, लेकिन यह सिर्फ 50 कंपनियों का तमाशा है। देश की 300 से 400 बड़ी कंपनियों की हालत बिगड़ रही है। यही देश का भविष्य हैं, लेकिन इनकी हालत बद से बदतर होती जा रही है। मिडिल क्लास इंडस्ट्री ही देश को रोज़गार देती है,पर मोदी जी के दिमाग में उनके लिए कोई जगह नहीं है।

1 सितंबर को भी गैस सिलेंडर के दामों में इज़ाफा..

आपको बता दे की आज भी घरेली गैस सिलेंडर के दामोंं में इज़ाफा हुआ है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने इसे लेकर ट्वीट भी किया। राहुल ने लिखा, ” जनता को भूखे पेट सोने पर मजबूर करने वाला ख़ुद मित्र-छाया में सो रहा है…लेकिन अन्याय के ख़िलाफ़ देश एकजुट हो रहा है।” इसी के साथ उन्होंने कई राज्यों की बढ़ी हुई कीमतें की लिस्ट भी पोस्ट की।

वहीं, प्रियंका गांधी वाड्रा ने लिखा, “प्रधानमंत्री जी, आपके राज में दो ही तरह का “विकास” हो रहा है। एक तरफ आपके खरबपति मित्रों की आय बढ़ती जा रही है। दूसरी तरफ आमजनों के लिए आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ते जा रहे हैं। अगर यही “विकास” है तो इस “विकास” को अवकाश (छुट्टी) पर भेजने का वक्त आ गया है।


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