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वसुंधरा जी! अकबर पर खेद जताना काफी नहीं है, अब इस मुस्लिम विरोधी ज़हर को रोकिए…

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प्रेस विज्ञप्ति 
अकबर की हत्या पर ‘अमन की पहल’ का राजस्थान के मुख्यमंत्री के नाम पत्र  

श्रीमती वसुंधरा राजे
मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री कार्यालय,
सचिवालय, जयपुर  (302005)
राजस्थान, भारत

विषय: मुस्लिम विरोधी जहर को रोकिए
अपराधियों को तुरंत सजा व पीड़ितों को तुरंत समुचित मुआवजा दिया जाए

मान्यवर,

यह पत्र हम आपको बहुत दुख और शोक में लिख रहे हैं। राजस्थान वीरों की भूमि माना गया है किंतु पिछले कुछ वर्षों से कायरता से किसी व्यक्ति को मुसलमान होने के कारण और गाय के साथ देख कर अकेले में उस पर हमला करना और वीभत्स तरह से मार डालने जैसी घटनाओं ने राजस्थान सरकार के  ऊपर में काला धब्बा लगा दिया है।

हिंदू राष्ट्र के नाम पर जिस तरह के सफल प्रयोग आप के शासनकाल में किए गए हैं उसने राजस्थान की गरिमा को गिराया है। आपके राज्य में मुस्लिम विरोधी हिंदू राष्ट्र की संकल्पना  इस कदर मजबूत कर दी गई है कि अपने अपराधों को छुपाने के लिए कोई व्यक्ति एक मासूम मजदूर को वीभत्स तरह से मारता है, जला देता  है। और उस हत्यारे के पक्ष में भगवा ब्रिगेड झंडे फहराती है, जुलूस निकालती है, उसके बैंक अकाउंट में पैसे डालती है। दूसरी तरफ आपकी सरकार द्वारा गरीब तबके, गाय के नाम पर जिन मुसलमानों की हत्या की गई उनको एक पैसे का भी आर्थिक सहयोग नहीं दिया गया। यह संविधान की व लोकतंत्र की पूरी तरह अवहेलना है।

राज्य में चुनकर -चुनकर जिस तरह गरीब मुसलमानों को गाय के नाम पर निशाना बनाया गया और ऐसे परिवारों को निशाना बनाया गया जो भविष्य में अपनी कानूनी लड़ाई तक नहीं लड़ सकते। उनको बिना किसी जांच के पहले ही गौ हत्या का दोषी मान लिया गया।

मनुष्य हत्या में शामिल आतंकियों को महिमामंडित करने का चलन पिछले दो-तीन साल में दिख रहा है।

आपके मंत्री भी बहुत असंयमित भाषा में बयान देते रहे हैं। जो जितना कटु बयान देगा, उसकी टीआरपी उतनी ही बढ़ती है, शायद वे ऐसा समझते हैं।

मेव मुसलमान ज्यादातर दूध के व्यापारी हैं। इन पर हमलों से न केवल उनके व्यापार और उनकी रोजी-रोटी पर असर पड़ा है बल्कि राज्य के बड़े समूह पर भय और आर्थिक गरीबी का हमला हुआ है।

आप स्वयं एक राजपरिवार से आती हैं और आप जानती हैं कि अब सामंतवादी व साम्राज्यवादी समय नहीं है। आप भी प्रजातंत्र में चुनकर कर आई हैं।

इसलिए यह स्पष्ट है कि भारत का संविधान धर्मनिरपेक्ष राज्य की वकालत करता है । एक चुने हुए प्रतिनिधि के रूप में आपकी यह संवैधानिक जिम्मेदारी है कि आप उस पर खरी उतरें। हमें अफसोस है कि एक लंबे राजनीतिक अनुभव और इतिहास वाले परिवार की सक्रिय राजनीतिक महिला को, जनप्रतिनिधि को हमें यह शब्द लिखने पढ़ रहे हैं।

आपने पहली बार अकबर की दुर्दांत हत्या पर खेद व्यक्त किया है, इसका स्वागत है। किंतु मात्र खेद व्यक्त करना ही पूरा नहीं है। अकबर की हत्या में पुलिस भी जिम्मेदार है क्योंकि स्थानीय लोगों ने एक TV चैनल को बताया है कि पुलिस ने घायल अकबर को गालियां दीं और पीटा। उनको अस्पताल ले जाने से पहले पुलिस वाले चाय पीते रहे, गाय को भेजने का इंतजाम करते रहे और थाने में भी देर लगाई। यानि शासन प्रशासन का रवैया भी उसी आतंकवाद से ग्रस्त है जो कानून अपने हाथ में लेकर किसी को भी अपराधी करार देता है और मार डालता है।

TV चैनल की खबर का लिंक निम्न है।

https://www.ndtv.com/india

हमारी आपकी सरकार से मांग है कि:

  1. हत्यारों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
  2. हत्या में दोषी सभी अपराधियों को त्वरित अदालत में कार्रवाई करके सजा दी जाए।
  3. राज्य सरकार की ओर से पूरे राज्य में एक कड़ा संदेश दिया जाए। जिससे कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को तुरंत रोका जा सके। इसके लिए जिलाधीश से लेकर ब्लॉक और ग्राम स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदार बनाया जाए।
  4. आधिकारिक जांच कराई जाए कि माॅब लिंचिंग को लेकर माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने जो फैसला हाल ही में दिया है कहीं उसकी अवहेलना इस मामले में तो नहीं हुई है।
  5. पीड़ित पक्षों को राज्य सरकार की ओर से अविलंब आर्थिक सहयोग दिया जाए।

आप राजस्थान में सबका साथ सबका विकास के वाक्य को चरितार्थ करेंगी।

ससम्मान आपसे तुरंत कार्यवाही की अपेक्षा में

विमल भाई, अब्दुल रशीद अगवान, मोहम्मद यूनुस खान,  मजहर खान व साथी

प्रतिलिपि: माननीय मुख्य न्यायाधीश जी, सर्वोच्च न्यायालय, भारत

L-23-7-2018