अमरकंटक ट्राइबल यूनिवर्सिटी में रातोरात उगी हनुमान की मूर्ति, 10 अप्रैल को परिसर रहा बंद

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तामेश्वर कुमार

इंदिरा गांधी नेशनल ट्राइबल यूनिवर्सिटी, अमरकंटक कैम्पस के अंदर रातोरात हनुमान की विशाल मूर्ति रख दी जाती है, सवर्णों द्वारा 10 अप्रैल को बुलाये गए भारत बंद के दौरान पूरी यूनिवर्सिटी बंद हो जाती है, यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में छात्रों को आरएसएस से जुड़ने का दबाव बनाया जाता है और दिल्ली तो छोडिये, बिलासपुर के स्थानीय मीडिया में भी ये खबर नदारद रही.

मीडियाविजिल को मंगलवार दिन में यह सूचना मिली कि रजिस्ट्रार के निर्देश पर विश्वविद्यालय बंद कर दिया गया है. खबर की पुष्टि मंगलवार को नहीं हो सकी क्योंकि रजिस्ट्रार सहित कई अधिकारियों का फ़ोन नहीं लगा.

आपको बता दें कि तीन दिन पहले इंदिरा गांधी नेशनल ट्राइबल यूनिवर्सिटी, अमरकंटक में आरएसएस के लोगों द्वारा रातोरात हनुमान की एक विशाल मूर्ति लाकर यूनिवर्सिटी कैम्पस बस स्टैंड के पास स्थापित कर दी गयी. इसकी जानकारी यूनिवर्सिटी के वीसी तक को नहीं हुई. वहां मौजूद छात्रों को भी इसकी भनक बाद में लगी. वीसी ने जब वहां लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो फुटेज भी गायब थे. साफ़ है यूनिवर्सिटी के अंदर इतनी विशाल मूर्ति रखना किसी के सहयोग के बिना संभव नहीं है.

यूनिवर्सिटी में चर्चा है कि आरएसएस के एजेंडे पर चल रहे प्रोफेसरों ने मूर्ति स्थापना में अपना हाथ बंटाया है. बरहाल यूनिवर्सिटी में वीसी ने मूर्ति से 100 मीटर के दायरे में चार गार्ड की तैनाती कर दी है. वहां जाने पर रोक लगा रखी है. यूनिवर्सिटी के छात्रों को भी वहां जाने की मनाही है. दूसरी ओर आरएसएस के लोग हॉस्टल में जाकर आरएसएस से जुड़ने के लिए छात्रों पर दबाव बना रहे हैं. यूनिवर्सिटी में स्थिति तनावपूर्ण है.

खबर यह भी है कि 2 अप्रैल को भारत बंद के दौरान यूनिवर्सिटी बंद का भी आग्रह किया गया था. रजिस्ट्रार के कथित आदेश पर यूनिवर्सिटी को बंद कर दिया गया.

सूचना है कि आदिवासी छात्र हनुमान की मूर्ति लगाए जाने का विरोध कर रहे हैं जबकि मंगलवार को खुद कुलपति की पत्नी ने मूर्ति की पूजा अर्चना कर के कुलपति और प्रशासन की मंशा को ज़ाहिर कर दिया है.

यूनिवर्सिटी में आरएसएस अपनी शाखा लगाने का प्रयास कर रहा है. छात्र इसका विरोध कर रहे हैं. एक छात्र ने नाम न लिखे जाने की शर्त पर बताया कि यूनिवर्सिटी से लेकर हॉस्टल तक गार्डो की तैनाती कर दी गई है. जगह-जगह एंट्री करने के बाद अंदर जाने दिया जा रहा है. बाहरी लोगों की आवाजाही काफी बढ़ गई है जिससे यूनिवर्सिटी प्रशासन ने यह कदम उठाया है.


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