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JU: कॉलरपकड़ मंत्री का वाम के घेराव और ABVP की आगजनी से वेलकम, बवाल

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जादवपुर यूनिवर्सिटी में गुरुवार, 19 सितम्बर को बीजेपी नेता और केन्द्रीय राज्यमंत्री बाबुल सुप्रियो के आने से जमकर हंगामा हुआ. जादवपुर यूनिवर्सिटी कैंपस में बाबुल सुप्रियो का तक़रीबन साढ़े पांच घंटे तक घेराव किया गया, बाद में जब राज्यपाल उन्हें छुड़ाने पहुंचे तो लगभग एक घंटे तक उनको भी घेरकर रखा गया. केंद्रीय मंत्री यूनिवर्सिटी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे.

विरोध करने वाले छात्रों का कहना है कि केन्द्रीय मंत्री ने यूनिवर्सिटी के छात्रों को गाली दी जिसके बाद उनका विरोध शुरू हुआ. इस बीच एबीवीपी के लोगों ने जय श्रीराम के नारे लगाते हुए सुप्रियो के समर्थन में छात्रों के साथ मारपीट की जिसके बाद छात्रों ने बाबुल सुप्रियो का घेराव किया.

सुप्रियो का घेराव करने वाले छात्रों का यह भी कहना है  कि केन्द्रीय मंत्री फासीवादी ताकतों का प्रतिनिधित्व करते हैं और छात्र इस बात से भी नाराज थे कि बाबुल सुप्रियो ने भाजपा की ओर से एनआरसी को देश के अन्य हिस्सों विशेषकर बंगाल में लागू करने की बात की थी. इसलिए छात्रों ने बाबुल सुप्रियो के खिलाफ वापस जाओ के नारे लगाए और उनका घेराव किया.

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बाबुल सुप्रियो ने वाइस चांसलर से पुलिस को बुलाने को कहा लेकिन उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थान में पुलिस बुलाने की बजाय वो इस्तीफ़ा देना ज़्यादा पसंद करेंगे.

टीएमसी महासचिव पार्थ चटर्जी ने बयान जारी किया है कि राज्यपाल राज्य सरकार को सूचित किए बिना वहां गए और उन्होंने रास्ते में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को फ़ोन किया, मुख्यमंत्री ने उन्हें वहां न जाने की सलाह दी लेकिन वह फिर भी वहां चले गए.

सत्ताधारी टीएमसी ने कहा है कि यह क़ानून-व्यवस्था का मामला नहीं है. टीएमसी ने कहा है कि राज्य की पुलिस यूनिवर्सिटी के बाहर खड़ी थी लेकिन वाइस चांसलर की ओर से कोई अनुरोध न आने के कारण वह अंदर नहीं गई.

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कहा कि बाबुल सुप्रियो का घेराव किया जाना एक गंभीर मुद्दा है. उन्होंने घटना के संबंध में राज्य के मुख्य सचिव को तुरंत कदम उठाने को कहा है. मुख्य सचिव मलय डे ने विश्वविद्यालय के कुलाधिपति राज्यपाल को आश्वस्त किया कि शहर के पुलिस आयुक्त को फौरन मामले पर गौर करने का निर्देश दिया गया है.

इन सब घटना के बीच एबीवीपी समर्थकों ने आर्ट्स फ़ैकल्टी में छात्रसंघ के कमरे में तोड़फ़ोड़ की. सुप्रियो का विरोध करने वाले छात्रों का कहना है कि एबीवीपी के लोगों ने उनके साथ मारपीट की जिसमें कई छात्र बुरी तरह घायल हो गये.

सीपीआइ एमएल पोलित ब्यूरो सदस्य कविता कृष्णन ने ट्वीट कर लिखा है कि बाबुल सुप्रियो यूनिवर्सिटी कैंपस में फ्रेशर वेलकम के नाम पर आये थे किन्तु उन्होंने अन्य संगठनों के छात्रों को गाली दी जिसका विरोध करने पर एबीवीपी के लोगों ने छात्रों के साथ मारपीट की.

कविता कृष्णन का कहना है कि राज्यपाल और मंत्री दोनों ही सच को ढंक रहे हैं. टेलीग्राफ की रिपोर्ट में साफ दिख रहा है कि मंत्री ने छात्र की शर्ट को पकड़ा, खुद हाथापाई शुरू की. बाहर से आए ABVP के लोगों ने विश्वविद्यालय में घुसकर आगजनी की, जय श्री राम का नारा लगाते हुए. ये सब चाहते थे कि छात्रों के खिलाफ campus में पुलिस को बुलाया जाए. वीसी ने बिल्कुल सही किया पुलिस न बुलाकर. मंत्री ने माचिस जलाया और उसे लगाया, ABVP ने आग फैलाया, गवर्नर और मंत्री ने आग में घी डाला. जावि के टीचर्स ने आग बुझाने का काम किया.

एबीवीपी के सदस्यों ने यूनिवर्सिटी कैंपस में जमकर तोड़फोड़ किया और गेट नम्बर चार पर आग लगा दी.

बाबुल सुप्रियो पश्चिम बंगाल के आसनसोल से सांसद हैं. केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने लोकसभा चुनाव-2019 में आसनसोल संसदीय सीट से जीत दर्ज की. उन्होंने टीएमसी प्रत्याशी मुनमुन सेन को करारी शिकस्त दी थी. बाबुल सुप्रियो फिलहाल मोदी सरकार में पर्यावरण राज्य मंत्री हैं.

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