जेल में बीतेगी अर्णव की दीवाली, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गये


अदालत ने अर्णव के इस आरोप को भी खारिज कर दिया कि बुधवार को गिरफ़्तार करने उनके घर पहुँची पुलिस ने उनके साथ मारपीट की। इस मामले के अन्य आरोपियों फिरोज शेख और नितेश सार्दा को भी गिरफ़्तार कर लिया गया है। अदालत ने उन्हें भी 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा दिया है।


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ख़ुदकुशी के लिए उकसाने के मामले में गिरफ़्तार रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्णब गोस्वामी को मुंबई की अलीबाग कोर्ट ने 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अलीबाग ज़िला मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 18 नवंबर तक के लिए उनकी न्यायिक हिरासत को मंज़ूरी दी है। अदालत ने अर्णव के इस आरोप को भी खारिज कर दिया कि बुधवार को गिरफ़्तार करने उनके घर पहुँची पुलिस ने उनके साथ मारपीट की। इस मामले के अन्य आरोपियों फिरोज शेख और नितेश सार्दा को भी गिरफ़्तार कर लिया गया है। अदालत ने उन्हें भी 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा दिया है।

ख़ुदकुशी के लिए उकसाने का यह मामला मई 2018 का है जब 53 साल के अन्वय नाइक और उनकी मां कुमुद नाइक ने अलीबाग के अपने बंगले में खुदकुशी कर ली थी। अन्वय नाइक ने सुसाइड नोट में अर्नब गोस्वामी, फिरोज शेख और नितैश सार्दा को ज़िम्मेदार ठहराया था। अन्वय नाइक कॉन्कर्ड डिज़ाइन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर थे। अन्वय की मां, कुमुद नाईक भी कंपनी में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर में थीं। कॉन्कर्ड डिज़ाइन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने रिपब्लिक टीवी के स्टूडियो और दफ्तर के डिज़ाइन का काम किया था।

अन्वय नाइक की पत्नी के मुताबिक, इस काम के बदले कॉन्कर्ड डिज़ाइन कंपनी ने जो बिल दिया था, उसका भुगतान रिपब्लिक टीवी ने नहीं किया। अन्वय के सुसाइड नोट के मुताबिक 5 करोड़ 40 लाख रुपए का भुगतान नहीं करने से उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ और तंगी के चलते उनकी माली हालत ख़राब हो गई। अन्वय की पत्नी की शिकायत और सुसाइड नोट के आधार पर अलीबाग पुलिस ने इस मामले को दर्ज किया था। लेकिन सबूत न मिलने की बात कहकर रायगढ़ पुलिस ने केस की क्लोजर रिपोर्ट फ़ाइल कर दी थी। तब आरोप लगा था कि में बीजेपी की देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई वाली सरकार ने दबाव डालकर केस क्लोज़ करवाया है। अर्णव और बीजेपी की नज़दीकी जगज़ाहिर है।

महाराष्ट्र में सरकार बदल गयी तो अन्वय नाइक की पत्नी ने नये सिरे से कोशिश की। मई 2020 में महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने अन्वय नाइक की बेटी अदन्या नाइक की लिखित शिकायत पत्र के आधार पर एक बार फिर केस की जांच शुरू करने के आदेश दिया। मामला क्राइम ब्रांच को सौंपा गया है।

हालाँकि अर्णव के वकीलों ने ज़मानत के प्रयास शुरूु कर दिये हैं। अगर ज़मानत न मिली तो अर्णव को इस बार जेल में ही दीवाली मनानी होगी।

 


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