चौथा चरण: दो केंद्रीय मंत्रियों पर EC सख्‍त, BJP नेता पर FIR, सुनीता केजरीवाल पर मुकदमा



लोकसभा चुनावों के लिए सोमवार को हुआ चौथे चरण का मतदान कई मामलों में घटनाप्रद रहा। कुल नौ राज्‍यों की 72 सीटों के लिए हुए मतदान में औसतन 50.6 फीसदी वोटिंग हुई। सबसे ज्‍यादा मतदान दर बंगाल की रही और सबसे कम मतदान जम्‍मू और कश्‍मीर में हुआ।

सोमवार की सबसे बड़ी खबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान से जुड़ी रही जिसमें उन्‍होंने बंगाल की एक जनसभा में कहा कि टीएमसी के 40 विधायक उनके संपर्क में हैं। टीएमसी नेता डेरेक ओ ब्रायन ने इस पर कहा कि एक पार्षद भी एक्‍सपायरी बाबू पीएम के साथ नहीं जाएगा। उन्‍होंने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री चुनाव प्रचार कर रहे हैं या खरीद-फरोख्‍त। ब्रायन ने चुनाव आयोग में इसकी शिकायत करने की बात कही है।

इस बीच उत्‍तर प्रदेश के कानपुर में बीजेपी नेता सुरेश अवस्‍थी द्वारा सीओ को धमकाए जाने पर उनके खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई तो बंगाल के आसनसोल से तृणमूल की प्रत्‍याशी मुनमुन सेन का वह बयान चर्चा में रहा जिसमें उन्‍होंने मतदान के दौरान हुई हिंसा पर कहा कि ‘थोड़ा बहुत तो होगा ही, हर जगह होता है।‘’

भाजपा के दो केंद्रीय मंत्रियों और बड़े नेताओं पर सोमवार को चुनाव आयोग ने कार्रवाई की। बेगूसराय से भाजपा के उम्‍मीदवार गिरिराज सिंह को चुनाव आयोग ने उनके 24 अप्रैल के बयान के लिए नोटिस थमा दिया। गिरिराज ने बेगूसराय के एक कॉलेज में हुई सभा में बयान दिया था कि ‘’जो वंदे मातरम नहीं कहता वह इस धरती को पूज्‍य नहीं मान सकता।‘’ गिरिराज की चुनावी किस्‍मत ईवीएम में बंद हो चुकी है।

दूसरी ओर आसनसोल से भाजपा प्रत्‍याशी बाबुल सुप्रियो के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने का आदेश चुनाव आयोग ने दिया। सुप्रियो मतदान के बीच बूथ संख्‍या 199 में घुस आए थे और पोलिंग एजेंट व अफसर को धमका रहे थे।

सोमवार को मुंबई में वोट डालने के बाद दिया गया कंगना रानाउत का एक बयान चर्चा में रहा जिसमें उन्‍होंने कहा कि ‘’भारत अब वास्‍तव में आजाद हो रहा है क्‍ययोंकि पहले हम मुग़लों के गुलाम रहे, फिर अंग्रेजों के गुलाम रहे और इटली वालों के गुलाम रहे।‘’

दिल्‍ली में सोमवार को भाजपा के एक नेता ने मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पत्‍नी के खिलाफ दिल्‍ली की तीस हज़ारी अदालत में दो मतदाता पहचान पत्रों के होने के मामले में मुकदमा दर्ज कराया है।


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