खून के प्‍यासे चैनलों पर शुरू हो चुकी है भारत-पाक की जंग, अपने टीवी पत्रकारों का हुनर देखिए!

मीडिया विजिल मीडिया विजिल
अभी-अभी Published On :

SONY DSC


कश्‍मीर और पाकिस्‍तान भारतीय समाचार चैनलों का प्रिय शगल है। नफ़रत और जंग भारतीय टीवी पत्रकारों का प्रिय विषय। इसीलिए जब कभी मौका मिलता है, भारतीय टीवी चैनलों के पत्रकार अपनी रचनात्‍मकता दिखाने से नहीं चूकते।

कश्‍मीर के उरी में सेना के कैंप पर हुए हमले में मारे गए भारतीय फौजियों के जवाब में क्‍या किया जाना है, यह दिल्‍ली के साउथ ब्‍लॉक के दिमाग में भले अब तक साफ़ न हो लेकिन भारत का टीवी पत्रकार इस बारे में कोई दो राय नहीं रखता। उसका दिमाग एकदम साफ़ है- बदला!

मंगलवार को समाचार चैनलों का प्राइम टाइम भारत और पाकिस्‍तान के बीच युद्ध अभ्‍यास के नज़ारे से कम नहीं था। एक से एक वादे और एक से एक दावे। एक से एक नुस्‍खे और एक से एक कविताई।

कोई पाकिस्‍तान के सैनिकों को कूड़े में जलाने की बात कर रहा है। कोई उसके एटम बम को फुस्‍सी बता रहा है। कोई कह रहा है कि प्रधानमंत्री ने हमले की मंजूरी दे दी है। कोई सीधे हमला करने का आह्वान कर रहा है। कोई कह रहा है कि पाकिस्‍तान का एक चक्‍कर लगा लेने से इंसान आतंकवादी बन जाता है। कोई भारत का सुरक्षा कवच गिनवा रहा है तो कोई भारत की बदला मशीन के बारे में बता रहा है।

कुल मिलाकर बात यह समझ में आ रही है कि ज़मीन पर जंग हो न हो, समाचार चैनल अपने दर्शकों को जंग का आनंद ज़रूर दिलवा कर रहेंगे।

आज तक पर अब तक 18 के बदले 14 का हिसाब बराबर किया जा चुका है। केवल चार जानें और चाहिए खून के प्‍यासे इस मीडिया की प्‍यास मिटाने को। जब तक उसकी प्‍यास बुझे, आइए तस्‍वीरों में देखते हैं कि किस चैनल ने दुनिया के दो अहम देशों को जंग की आग में झोंकने के लिए कैसी रचनात्‍मकता दिखाई, क्‍या नुस्‍खे सुझाए, क्‍या दावे किए और कल्‍पना की कितनी ऊंची उड़ान भरी।

 

SONY DSC
SONY DSC
SONY DSC
SONY DSC
SONY DSC
SONY DSC
SONY DSC
SONY DSC
SONY DSC
SONY DSC
SONY DSC
SONY DSC
SONY DSC
SONY DSC
SONY DSC
SONY DSC
SONY DSC
SONY DSC
SONY DSC
SONY DSC
SONY DSC
SONY DSC
SONY DSC
SONY DSC
SONY DSC
SONY DSC
SONY DSC
SONY DSC
SONY DSC
SONY DSC
SONY DSC
SONY DSC
SONY DSC
SONY DSC

मीडिया विजिल जनता के दम पर चलने वाली वेबसाइट है। आज़ाद पत्रकारिता दमदार हो सके, इसलिए दिल खोलकर मदद कीजिए। अपनी पसंद की राशि पर क्लिक करके मीडिया विजिल ट्रस्ट के अकाउंट में सीधे आर्थिक मदद भेजें।

Related



मीडिया विजिल से जुड़ने के लिए शुक्रिया। जनता के सहयोग से जनता का मीडिया बनाने के अभियान में कृपया हमारी आर्थिक मदद करें।