राष्ट्र के नाम संदेश: 33.03 मिनट के संदेश में चौथे लॉकडाउन तक आने में PM ने लिए 29.50 मिनट

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूट्यूब चैनल से साभार


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार की शाम, फिर देश से मुख़ातिब थे। सभी को इंतज़ार था कि लॉकडाउन पर पीएम क्या बोलने वाले हैं, लेकिन आधे घंटे के लगभग पीएम ने उस मुद्दे पर बात नहीं की, जिसका सबको इंतज़ार था। 33.03 मिनट के अपने संबोधन में 29 मिनट और 50 सेकेंड बाद, प्रधानमंत्री ने बताया कि चौथा लॉकडाउन अब शुरु हो रहा है। लॉकडाउन कैसे होगा और क्या होगा इसमें – इस बारे में भी पीएम ने कुछ ख़ास नहीं बताया। लेकिन हां, प्रधानमंत्री ने हमेशा की तरह वो किया, जिसमें वो दक्ष हैं – सरकार के अब तक के काम की प्रगति की जगह, बाकी सारी बातें करना।

पीएम ने बताया कि अब तक विश्व भर में 42 लाख लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं। पौने तीन लाख लोगों की इस संक्रमण से अत्यंत दुखद मृत्यु हुई है। भारत में भी लोगों ने अपने स्वजन खोए हैं। प्रधानमंत्री ने इन सभी के लिए अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने ये भी कहा कि यह क्राइसिस अभूतपूर्व है। लेकिन हमें हारना नहीं है। सतर्क रहना है। इस जंग में सभी नियमों का पालन करना है। हमें बचना भी है और आगे भी बढ़ना है। अपना संकल्प और मजबूत करना है। हमारा संकल्प इस संकट से भी विराट होगा। हालांकि ये संकल्प क्या होगा, इस बारे में पीएम ने स्पष्ट कुछ भी नहीं कहा।

उन्होंने कहा कि पिछली शताब्दी से सुना है कि 21वीं सदी भारत की है। कोरोना संकट के बाद की स्थितियों में 21वीं सदी भारत की हो। यह हम सब का कार्य हो। इसका मार्ग एक ही है आत्मनिर्भर भारत। ये आपदा भारत के लिए एक संकेत और अवसर लेकर आई है। प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत में पहले एक भी पीपीई किट नहीं बनती थी। N 95 मास्क बहुत कम बनते थे। आज 2 लाख पीपीई किट और N 95 मास्क रोज़ बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि आज भारत की दवाइयां विश्व भर में जा रही हैं। भारत के कार्यों का प्रभाव आज विश्व कल्याण पर दिखाई दे रहा है। हालांकि उन्होंने बढ़ते कोरोना कर्व या ग्राफ के बारे में कुछ भी नहीं कहा। आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के पास टैलेंट है। भारत के पास साधन और सामर्थ्य है। हम आत्मनिर्भरता की तरफ़ बढ़ रहे हैं। अगर हम इरादा कर लें तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।

हां, एक बात आज के लिए ख़ास थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने देश के लिए संबोधन में 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज की घोषणा की। आर्थिक पैकेज की घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पैकेज भारत की जीडीपी का 10 प्रतिशत है। लेकिन इसके बारे में भी कुछ खुलासा न करते हुए, प्रधानमंत्री ने बताया कि आर्थिक पैकेज की संपूर्ण जानकरी वित्तमंत्री द्वारा दी जाएगी। यह पैकेज छोटे उद्योगों, प्रवासी मजदूरों, रेहड़ी-पटरी वालों के लिए होगा। यह पैकेज देश को आगे बढ़ाने में मदद करेगा। ये पैकेज क्या होगा, इसको जाने के लिए हमको वित्त मंत्री की प्रेस कांफ्रेंस का इंतज़ार करना होगा। 

हालांकि आज पीएम ने एक अहम बात कही, जिस पर थोड़ा खुश हुआ जा सकता है। उन्होंने शायद अरसे बाद, ग्लोबल इकॉनमी की जगह लोकल इकॉनमी को तरजीह दी और उस की अहमियत पर बात की। पीएम ने कहा कि लोकल इकॉनमी ने ही इस संकट में देश को बचाया है। हालांकि ये भी सच है कि भाजपा शासित राज्यों में इसी लोकल इकॉनमी के सबसे अहम पहियों यानी कि श्रमिकों के अधिकार निरस्त किए जाने की तैयारी भी है। इसके अलावा लाखों प्रवासी श्रमिक सड़कों पर हैं – पीएम ने हालांकि एक बार फिर इसी गरीब जनता के दुख को त्याग बताया। 

इन सारी बातों के अलावा इसी संबोधन में संस्कृति, श्लोक और योग को शामिल करने के बाद, अपने संबोधन के अंत में पीएम ने चौथे लॉकडाउन का लगभग एलान किया। इशारों में ही, उन्होंने ये भी स्वीकारा कि संकट जल्दी टलने वाला नहीं है और जनता को कोरोना वायरस के साथ ही जीने की आदत डालनी पड़ेगी। इसके अलावा पीएम ने एक बार फिर देश में कोरोना की वर्तमान स्थिति, उससे निपटने की सरकार की नीति, आने वाले संकट की भयावहता और प्रवासी श्रमिकों की स्थिति पर कोई बात नहीं की।

 

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