अब मीडिया मालिकों के जेल जाने के दिन आने वाले हैं!

मीडिया विजिल मीडिया विजिल
अभी-अभी Published On :


 

सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख : अब एक एक को देख लेने का इरादा…!!! अब नहीं बचेंगे मीडिया मालिकों की चमचागिरी करने वाले ‪अधिकारी भी..!!! पांच राज्यों के ‎सचिव तलब

‎मीडिया मालिकों के कदाचार और ‎सरकारी ‪‎अफसरों की नपुंसकता से नाराज ‪‎सुप्रीम ‪‎कोर्ट ने मजीठिया ‪‎वेज ‪‎बोर्ड मामले में अब एक एक को देख लेने का इरादा बना लिया है. अपना ‎रुख बहुत सख्त करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि राज्यों से आई रिपोर्ट को एक साथ एक बार में नहीं देखा जा सकता और इसमें बहुत सारी बातें स्पष्ट भी नहीं है इसलिए अब पांच पांच राज्यों की समीक्षा होगी और समीक्षा के दौरान संबंधित राज्यों के सचिव सुप्रीम कोर्ट में मौजूद रहेंगे. शुरुआत में नार्थ इस्ट के पांच राज्य हैं जिनके सचिवों को अपनी नवीनतम एक्शन ‪रिपोर्ट तैयार करके 23 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष हाजिर रहने को कहा है.

बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद अब उन राज्यों के श्रम विभागों में हलचल शुरू हो जाएगी जहां क्लेम फाइल करने वालों को उनका वाजिब हक दिलाने की बजाय श्रम विभाग के अधिकारी मीडिया मालिकों की चमचागिरी करते हुए पूरे प्रकरण को लीपपोत कर अनिर्णय की स्थिति में डाले हुए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि संबंधित पांच राज्यों के सचिव अपने यहां के सारे क्लेम और सारे दावों के निपटान की स्थिति लेकर 23 अगस्त को कोर्ट आएं. 23 अगस्त की सुनवाई के बाद ऐसे ही फिर अन्य पांच राज्यों के सचिवों को नवीनतम एक्शन रिपोर्ट के साथ सुप्रीम कोर्ट बुलाया जाएगा. तो, इस पूरे घटनाक्रम और सुप्रीम कोर्ट के रुख से जाहिर है कि मामला मीडियाकर्मियों के पक्ष में है और मीडिया मालिकों व उनके चाटुकार अफसरों की चालबाजी सफल नहीं होने वाली है.

मजीठिया वेज बोर्ड मामले की 19 जुलाई को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने पांच-पांच राज्यों के सचिवों को नवीनतम एक्शन रिपोर्ट के साथ तलब करना शुरू किया है और कहा है कि अपने साथ नवीनतम एक्शन रिपोर्ट लाकर बताओ कि कितनों को न्याय मिला और कितनों को नहीं मिला. जाहिर है कि संबंधित राज्यों के सचिव खुद सुप्रीम कोर्ट में खड़े रहेंगे और इसका मतलब हुआ कि अगर अफसरों ने तनिक भी चालाकी दिखाई और मीडियाकर्मियों को उनका हक नहीं दिला पाए तो सुप्रीम कोर्ट में खड़े खड़े ही अफसरों को कोर्ट की अवमानना में गिरफ्तार कर के जेल भेजने की आदेश सुप्रीम कोर्ट दे सकती है. इसके ठीक बाद उस मीडिया मालिक को भी अरेस्ट करने का आदेश दे सकती है जिसने अपने कर्मी को उसका हक नहीं दिया. यानि अब मीडिया मालिकों और अफसरों के जेल जाने के दिन आने वाले हैं.

मजीठिया मंच


मीडिया विजिल जनता के दम पर चलने वाली वेबसाइट है। आज़ाद पत्रकारिता दमदार हो सके, इसलिए दिल खोलकर मदद कीजिए। अपनी पसंद की राशि पर क्लिक करके मीडिया विजिल ट्रस्ट के अकाउंट में सीधे आर्थिक मदद भेजें।

Related



मीडिया विजिल से जुड़ने के लिए शुक्रिया। जनता के सहयोग से जनता का मीडिया बनाने के अभियान में कृपया हमारी आर्थिक मदद करें।