बस्तर में दैनन्दिनी के ब्यूरो हेड दीपक जायसवाल गिरफ्तार, पत्रकारों ने किया पुलिस और नक्सलियों से जुड़ी खबरों का बहिष्कार

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बस्तर पुलिस ने एक और पत्रकार को शनिवार को गिरफ्तार किया है। दैनिक दैनन्दिनी के पत्रकार दीपक जायसवाल ने 22 मार्च, २०१५ को गिरफ्तार पत्रिका के पत्रकार प्रभात सिंह के साथ मिलकर गीदम के एक सरकारी स्कूल में खुलेआम हो रही नक़ल के बारे में खबर लिखी थी, जिसके बाद स्कूल के प्राचार्य ने इन दोनों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करवाई थी। यह सात महीने पुराना मामला है।

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक यह बीते छह महीनों में इस इलाके में चौथे पत्रकार की गिरफ्तारी है। दीपक शनिवार को गिरफ्तार पत्रकार साथी प्रभात की सुनवाई के लिए अदालत गए हुए थे जहां उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया। स्क्रॉल डॉट कॉम की खबर के मुताबिक दंतेवाड़ा के पुलिस अधीक्षक कामलोचन कश्यप ने कहा है कि दीपक जायसवाल पत्रकार नहीं हैं क्योंकि उनके पास सरकार के जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी प्रेस कार्ड नहीं है।

इस घटना के विरोध में दक्षिणी बस्तर पत्रकार संघ ने फैसला किया है कि उससे जुड़े पत्रकार अब नक्सलियों और पुलिस दोनों से जुड़ी खबरें नही लिखेंगे। पत्रकार संघ के अध्यक्ष बप्पी राय ने स्क्रॉल डॉट काम को बताया कि ”अगर हम तटस्थ तरीके से खबर नहीं लिख सकते तो बेहतर है कि हम खबर ही न लिखें। हम बस्तर के सात जिलों में अपने सहयोगियों से अपील करेंगे कि वे इस बहिष्कार में शामिल हों।”

पत्रकार सुरक्षा कानून संयुक्त संघर्ष समिति के महासचिव कमल शुक्ल ने अपनी फेसबुक दीवार पर पत्रकार संघ के इस फैसले का स्वागत करते हुए पत्रकारों की एकजुटता को सलाम कहा है।

 

दक्षिण बस्तर पत्रकार संघ ने पत्रकार प्रभात सिंह और दीलीप जायसवाल की गिप्तारी पर कठोर निर्णय लिया है कि वे नक्सली और पुलि…

Posted by Kamal Shukla on Sunday, March 27, 2016

 

 


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