Times Now पर चला NBSA का हथौड़ा! कहा जज मत बनो- जुर्माना भरो और माफ़ी मांगो!

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अंग्रेज़ी समाचार चैनल Times Now पर न्यूज़ ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी (एनबीएसए) ने 50,000 रुपये का जुर्माना ठोंका है और ”ऑन एयर” माफी मांगने को कहा है। मामला अगस्त 2015 का है जब चैनल ने एक कथित शोहदे का साक्षात्कार दिखाते हुए उसे दोषी करार दिया था।

अथॉरिटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति आर.वी. रवींद्रन द्वारा जारी एक विस्तृत आदेश में कहा गया है कि एनबीएसए ने Times Now द्वारा 24 अगस्त 2015 को चलाई गई उस खबर के खिलाफ दर्ज शिकायत पर संज्ञान लेते हुए यह आदेश दिया है, जो दिल्ली में छेड़छाड़ की एक घटना से संबंधित थी।

शिकायत यह थी कि चैनल के रिपोर्टर ने कथित छेड़छाड़ के आरोपी का पीछा करते हुए उसका साक्षात्कार लिया जो कि ”आक्रामक, धमकी भरे और धौंस भरे अंदाज़ में था और इसका प्रसारण करते हुए चलाई गई टैगलाइन में आरोपी को दोषी बताया था।” शिकायतकर्ता और चैनल के नुमाइंदों की दलीलें विस्तार से सुनने के बाद एनबीएसए ने अपना आदेश दिया जिसमें उसने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा एक अहम मुद्दा है लेकिन मीडिया में निष्पक्ष सुनवाई और बरताव का अधिकार भी एक व्यक्ति के लिए गंभीर मसला है।

अथॉरिटी ने कहा, ”प्रसारक किसी आरोपी को अपराध का दोषी नहीं बता सकते जब मामले की जांच जारी हो या फिर अदालत को अब भी उसके दोष पर फैसला लेना बाकी हो।”

आदेश कहता है, ”मीडिया की मंशा चाहे कितनी ही प्रामाणिक क्यों न हो, वह किसी अदालत या जांच के समक्ष लंबित किसी मामले में जज, जूरी, वकील या जांचकर्ता की भूमिका नहीं अपना सकता। यह बात ध्यान में रखी जानी चाहिए कि मीडिया के लगातार प्रचार के चलते एक बार किसी व्यक्ति की इज्ज़त चली गई तो वह दोबारा वापस नहीं आ सकती।”

अथॉरिटी ने 22 मार्च को 9 बजे के प्राइम टाइम से ठीक पहले  पूरे परदे पर लिखित रूप में बड़े अक्षरों में माफी मांगने का आदेश दिया है जिसे साफ़ आवाज़ में पढ़कर सुनाया जाए और जिसमें यह स्वीकार किया जाए कि चैनल एनबीएसए के प्रसारण मानकों और आदर्श संहिता का अनुपालन करने में नाकाम रहा है। अथॉरिटी ने चैनल से उक्त वीडियो को चैनल की वेबसाइट से हटाने का भी आदेश दिया है।

 


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