लोगों के डर का फ़ायदा लेकर, उनकी सहमति के बिना ट्रैक नहीं करना चाहिए : राहुल गांधी

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भारत सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए देश के सभी नागरिकों को आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करने को कहा है। खबर लिखे जाने तक आरोग्य सेतु ऐप को सिर्फ़ एंड्रायड ऑपरेटिंग सिस्टम पर ही 50 मिलियन से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है। इस ऐप को लेकर शुरू से ही विवाद बना रहा है। कई साइबर सिक्यूरिटी एक्सपर्ट्स ने आरोग्य सेतु ऐप को लेकर अपनी चिंता ज़ाहिर की है। अब राहुल गांधी ने भी एक ट्वीट कर के आरोग्य सेतु ऐप पर सवाल खड़े किये हैं। राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में कहा है,

आरोग्य सेतु ऐप एक प्रभावशाली सर्विलांस सिस्टम है, जो कि प्राइवेट ऑपरेटर्स को आउटसोर्स किया गया है और इस ऐप की कोई संस्थागत निगरानी भी नहीं है। जिसके कारण इसके डेटा सुरक्षा और प्राइवेसी को लेकर चिंता हो रही हैतकनीक हमें सुरक्षित रहने में मदद कर सकती है लेकिन भय का लाभ उठाकर लोगों को उनकी सहमती के बिना ट्रैक नहीं किया जाना चाहिए।

असदुद्दीन ओवैसी ने भी लगाया था आरोप 

इसके पहले एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी इस ऐप पर सवाल उठाते हुए कहा था कि केंद्र सरकार कोरोना वायरस से ताली, थाली, बिजली और एक संदेहपूर्ण ऐप से लड़ रही है। अब दिल्ली के सुलतान द्वारा एक फ़रमान जारी किया गया है और जिसमें लोगों के पास कोई विकल्प नहीं है। उन्हें सरकार (और जिसके साथ सरकार चाहे) के साथ अपना निजी डाटा शेयर करना है।

सरकार का जवाब 

असदुद्दीन ओवैसी के ट्वीट का जवाब देते हुए सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, “पूरी दुनिया में कोरोना संक्रमित लोगों को ट्रैक करने और मैपिंग के लिए ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा है। किसी भी कोरोना संक्रमित व्यक्ति के आपके पास आने पर यह ऐप आपको अलर्ट कर देगा। ये एक अच्छा वैज्ञानिक उपाय है। इस ऐप से सूचना इकठ्ठा करने और गोपनीयता भंग होने जैसी कोई बात ही नहीं है। जब तक हम कोरोना वायरस से जीत नहीं लेते तब तक यह ऐप रहेगा।”

आरोग्य सेतु ऐप के काम करने का तरीका 

बता दें कि आरोग्य सेतु ऐप एंड्रायड और आईओएस दोनों ही तरह के ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए उपलब्ध है। यह ऐप आपके आस-पास के लोगों में कोरोना संक्रमित लोगों की पहचान करने में मदद करेगा। आरोग्य सेतु ऐप ब्लूटूथ, लोकेशन, मोबाइल नंबर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करके काम करता है। इस ऐप में ‘सेल्फ़ एसेसमेंट टेस्ट’ फीचर के अंतर्गत आपकी सेहत और कोरोना वायरस के लक्षणों से जुड़े सवाल भी किये जाते हैं। ऐप में हरे रंग में दिख रही सूचना आपको सुरक्षित बताती है। पीले रंग द्वारा दिखाई गयी सूचना में जोखिम के स्तर को दिखाया जाता है। साथ ही अपने परिवार सहित सेल्फ़ आइसोलेशन में जाने के लिए भी सूचित किया जाता है और हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करने का सुझाव दिया जाता है।

 


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