एनडीटीवी के मालिक प्रणय रॉय के घर पर सीबीआइ का छापा

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शुक्रवार की रात जिसका डर था, वो काम सोमवार की सुबह हो गया। एनडीटीवी के संस्‍थापक और मुख्‍य संपादक प्रणव रॉय के घर सीबीआइ ने छापा मार दिया है। पीटीआइ और एएनआइ ने इस ख़बर की पुष्टि की है।

प्रणव रॉय के दिल्‍ली स्थित आवास और देहरादून स्थित कुछ ठिकानों पर सीबीआइ का छापा ख़बर लिखे जाने तक जारी है और ट्विटर पर शीर्ष 10 ट्रेंड में से चार इसी घटना से संबंधित हैं।

छापे की ख़बर आते ही छापे के समर्थन और विरोध में स्‍वाभाविक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। सोशल मीडिया पर इस छापे का समर्थन भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार के समर्थक कर रहे हैं। दूसरी ओर वे लोग हैं जिन्‍हें इस बात की आशंका है कि शुक्रवार की रात एनडीटीवी के स्‍टूडियो में ऐंकर निधि राजदान और भाजपा के प्रवक्‍ता संबित पात्रा के बीच हुई झड़प का यह तात्‍कालिक नतीजा है।

गौरतलब है कि परिचर्चा के बीच में संबित पात्रा ने कह दिया था कि एनडीटीवी का अपना एजेंडा है जिस पर निधि राज़दान ने आपत्ति जताते हुए उन्‍हें चले जाने को कहा था। इसके जवाब में भाजपा प्रवक्‍ता ने कहा कि वे अंत तक एनडीटीवी को ‘एक्‍सपोज़’ करेंगे।

ट्विटर पर कई पत्रकारों ने इस बाबत आशंका जताई है कि छापा पड़ने का समय इस बहस से ताल्‍लुक रखता है। आइसीआइसीआइ बैंक और एनडीटीवी के बीच धोखाधड़ी के मामले की जांच हालांकि कई साल से जारी है, लेकिन छापे का समय बताता है कि भाजपा को अपने प्रवक्‍ता के साथ ऐंकर का व्‍यवहार नागवार गुज़रा है और यह कार्रवाई प्रतिशोध की है।

कुछ पत्रकारों ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए एनडीटीवी के साथ एकजुटता में खड़े होने का आह्वान किया है तो कुछ ऐसे पत्रकारों ने इसका मज़ाक भी उड़ाया है जिनके मालिकान भाजपा से संबंध रखते हैं। नीचे देखें विस्‍तृत प्रतिक्रियाएं।

 


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