4 दशक में पहली बार चीन सीमा पर जानलेवा सैन्य भिड़त, 1 अफसर और 2 जवान शहीद

मयंक सक्सेना मयंक सक्सेना
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चीन सीमा पर बढ़ते भारत-चीन विवाद के बीच, अब तक की सबसे बुरी ख़बर आई है। चीनी सेना के साथ हुई हिंसक फायरिंग में, भारतीय सेना के 1 अफसर और 2 जवान शहीद हो गए हैं। ख़बर की पुष्टि भारतीय सेना के एडीजी-पीआई द्वारा कर दी गई है कि भारत-चीन सीमा पर स्थित गाल्वान घाटी में डी-एस्केलेशन प्रक्रिया के बीच, ये हिंसक झड़प हुई। पिछले 4 दशक से भी ज़्यादा में, भारत और चीन की सेनाओं के बीच ये पहला ऐसा आमना-सामना है – जिसमें सैन्यकर्मियों की जान गई है।

ये फेस-ऑफ सोमवार की रात को हुआ है और मंगलवार को सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया है,

“सेना द्वारा जारी डी-एस्केलेशन प्रक्रिया के दौरान, एक हिंसक झड़प हुई है – जिसमें दोनों ओर जान की क्षति हुई है। भारतीय पक्ष की ओर से एक अफसर और दो जवानो शहीद हुए हैं। दोनों ओर से वरिष्ठ सैन्य अधिकारी इस परिस्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए – मौके पर ही बैठक कर रहे हैं।”

हालांकि सेना द्वारा जारी बयान से ये प्रतीत हो रहा है कि ये हिंसक आमना-सामना, सैनिकों के बीच तनाव से पैदा हुई स्थिति का नतीजा है। क्योंकि इसको नियंत्रण में लाने की बात कही जा रही है – जिसमें सैनिक अधिकारी आपस में बैठक कर रहे हैं, यानी कि यह किसी तरह की हमले की या युद्ध जैसी स्थिति नहीं है। फिर भी ये मामला इतना आसान भी नहीं है।

भारत-चीन सीमा पर पिछले 3 साल से लगातार तनाव बना हुआ है। सबसे गंभीर बात ये है कि ये तनाव किसी एक इलाके की सीमा पर नहीं है। ये भूटान से लेकर, लद्दाख तक की सीमा पर लगातार बना हुआ है। इसके पहले भी भारत-चीन की सेनाओं में हिंसक भिड़ंत हुई थी। अगस्त, 2017 में ऐसी ही हिंसक भिड़ंत पैगांग सीमा पर हुई थी। इस भिड़ंत में भी सूत्रों के मुताबिक 72 सैन्यकर्मी घायल हुए थे, लेकिन जान की कोई क्षति नहीं हुई थी। आखिरी बार भारत-चीन सीमा पर किसी जवान की शहादत, 1975 में इस तरह के आमने-सामने में हुई थी।

ख़बर के मुताबिक, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री और तीनों सेना प्रमुख के साथ मिल कर परिस्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और इसको लेकर सेना, आज एक प्रेस कांफ्रेंस करेगी, जिसको हम ख़बर में अपडेट करते रहेंगे, सेना की प्रेस कांफ्रेंस को देखने के लिए आप हमारे फेसबुक पेज के लाइव वीडियोज़ इस लिंक पर देख सकते हैं।


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