Home ओप-एड जात न जात: तीस साल में कहाँ पहुँचा मंडल का सफ़र…

जात न जात: तीस साल में कहाँ पहुँचा मंडल का सफ़र…

जात न जात- ख़ासतौर पर हिंदी मीडिया में यह अपनी तरीक़े का अकेला कार्यक्रम है। मीडिया विजिल जाति के ख़ात्मे के उस संकल्प की पुनरीक्षा में जुटा है जो कभी भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान विकसित हुआ था। इस सिलसिले में अगस्त में मंडल कमीशन के तमाम पहलुओं पर विचार किया गया। यह एपीसोड उसका अंतिम था जो 8 अगस्त 2020 को फेसबुक पर प्रसारित हुआ। इस परिचर्चा में आरजेडी के सांसद प्रो.मनोज झा, मंडल कमीशन की रचना करने वाले डॉ.बी.पी.मंडल के पौत्र डॉ.सूरज मंडल और जेएनयू के प्रोफेसर विवेक कुमार शामिल हुए। इसे देखें और हिंदी पत्रकारिता का एक नया रंग महसूस करें।

SHARE

जात न जात- ख़ासतौर पर हिंदी मीडिया में यह अपनी तरीक़े का अकेला कार्यक्रम है। मीडिया विजिल जाति के ख़ात्मे के उस संकल्प की पुनरीक्षा में जुटा है जो कभी भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान विकसित हुआ था। इस सिलसिले में अगस्त में मंडल कमीशन के तमाम पहलुओं पर विचार किया गया। यह एपीसोड उसका अंतिम था जो 8 अगस्त 2020 को फेसबुक पर प्रसारित हुआ। इस परिचर्चा में आरजेडी के सांसद प्रो.मनोज झा, मंडल कमीशन की रचना करने वाले डॉ.बी.पी.मंडल के पौत्र डॉ.सूरज मंडल और जेएनयू के प्रोफेसर विवेक कुमार शामिल हुए।

इसे देखें और हिंदी पत्रकारिता का एक नया रंग महसूस करें।

 

LEAVE A REPLY

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.