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एक कमीशनख़ोर संघी ने प्रसून को मैसेज भेजा- ‘आप जैसे लोगों को देश में रहने का हक़ नहीं !’

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सूर्या समाचार चैनल से प्रसून वाजपेयी और उनकी टीम बीते 19 मार्च को बाहर कर दी गई। इसको लेकर तमाम कयास लगाए जा रहे हैं कि प्रसून और उनकी टीम को क्यों बाहर किया गया। इतना तो तय है कि चैनल आगे बढ़ रहा था, प्रसून के वीडियो वायरल हो रहे थे। कोई चाहता था कि ऐसा न हो। प्रसून को तुरंत बाहर किया जाना चाहिए। यही दबाव मालिक पर था।

इसमें एक आयाम जोड़ा है खुद पुण्य प्रसून वाजपेयी ने। उन्होंने अपने एक ताजा फेसबुक अपडेट पर हालात का विश्लेषण करते हुए कहा कि संघ का एक करीबी , जो सत्ता का दलाल है, उसने उन्हें मैसेज भेजा कि आप लोगों को तो देश में रहना ही नहीं चाहिए। यानी समझा जा सकता है कि बीजेपी ही नहीं, आरएसएस भी प्रसून के सच्चाई बताने के अभियान से खफा था। नीचे देखिए वीडियो जिसमें प्रसून ने मीडिया के लिहाज से खौफनाक हालात और आरएसएस के राजनीतिक दल हो जाने की चर्चा की है। वीडियो के 13:16 पर यह विशेष बात है जिसमें आरएसएस का व्यक्ति कह रहा है कि आप जैसे लोगों को देश में रहने का हक़ नहीं है।

12 COMMENTS

  1. उनको बोलो के तू भी देश में रहने लायक नहीं अंग्रेजो के मुकबिरो की औलाद

    • जिन्होनेंं गलत काम किया या गलत तरीकों सें रूपयें का लेन देन करतें हैं मिडिया सत्य कहता हैं तो जो गलत काम करतें हैं यही कर्मो की सजा मिलती हैं यह मिडिया का सत्य हैं |

  2. गुंडों की टोली है भाजपा आरएसएस के कुत्ते, यह साले नपुंसक व हिजड़ो की फ़ौज है

  3. Sir

    Ramsey na 2014 ka election ma modi ko ish liya sport kiya th ki unhone bhar sa kala dhan lane ka baba ko affidavit diya th aur sabhi bade bjp Neto na
    Ab baba ko sab ka upper court ma case kar dena chiya aur desh sa mafhi mange jhoot bolne ka liya nahi th baba khud jhoot sabhit hoga

  4. प्रसून जी आप बोल रहे हो कमिशन्खोर, सत्ता का दलाल, आर एस एस का आदमी । आप इतना तो जानते हो , उसने फोन किया तो उसका फ़ोन ं न भी भी आप जनते हो । आप उसका नाम क्यों नही बोलते । केवल अपवाह न फैलाए।

    • इनकी सबसे बड़ी समस्या है कि ये केजरीवाल की तरह इलजाम लगाते हैं पर ना तो सबूत देते हैं ना हीं नाम बताते हैं.

  5. सब कुछ जो रहा हैं। क्वालीफाइड और जो कॉम्पिटिशन को क्लियर कर रहा है नौकरी मिल रही है। अगर ऐसा न होता तो सारे इंस्टीट्यूट बंद हो जाते। और विज्ञान भी तरक्की मा कर पाता। और आप भी इस स्थिति। ना पहुंच पाते। तो बेहतर ही बकवास मत करो।लोगो को भड़काऊ नहीं की तुम ही समझदार हो। नकल करके सरकारी नौकरी क्या प्राइवेट भी नहीं मिल पाएगी। अपना ज्ञान अपने पास रखो और समय के साथ चलो। तुलनात्मक अध्ययन मत करो।समय परिवर्तनशील हैं।हर अतकवादी एक समुदाय से क्यों होता है इसका समाधान निकालो। जय हिन्द

  6. आप देश बचाने के अहम काम में लगे हैं देश के करोड़ों लोगों की दुआएँ आपके साथ हैं

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