Home टीवी अर्णव के मुँह पर इस्तीफ़ा फेंक चली गई रिपब्लिक पत्रकार ! कहा,...

अर्णव के मुँह पर इस्तीफ़ा फेंक चली गई रिपब्लिक पत्रकार ! कहा, हम शर्मिंदा हैं गौरी लंकेश !

SHARE

ठीक उसी वक़्त जब तमाम स्वनामधन्य पत्रकार रिपब्लिक टीवी के रिपोर्टर को डपटने के लिए शेहला राशिद की लानत-मलामत में जुटे हैं, ख़ुद रिपबल्कि टीवी की एक पत्रकार ने बता दिया कि रिपबल्कि टीवी दरअसल क्या है। सुमना नंदी नाम की इस पत्रकार ने चैनल से इस्तीफ़ा दे दिया। वह गौरी लंकेश की हत्या के बाद हो रहे चैनल के कवरेज  और उसके अंदाज़ से बेहद आहत है।

सुमना नंदी के इस क़दम ने विश्वदीपक की याद दिला दी। याद कीजिए जब ज़ी न्यूज़ जेएनयू में हुई भारत विरोधी नारेबाज़ी को लेकर रात दिन तूफ़ान उठाए हुए था तो चैनल के प्रोड्यूसर विश्वदीपक ने इस्तीफ़ा दे दिया था। उन्होंने कहा था कि जिस तरह जेएनयु को बदनाम करने के लिए ज़ी न्यूज़ में ख़बरें गढ़ी जा रही हैं, नकली विज़ुअल तैयार किए जा रहे हैं, उसके बाद उनकी अंतरात्मा ज़ी न्यूज़ में काम करने के लिए धिक्कार रही है। विश्वदीपक के इस्तीफ़े से जुड़ी ख़बर आप यहाँ पढ़ सकते हैं।

सुमना नंदी ने अपने फ़ेसबुक पेज पर अपना दुख साझा किया है। उन्होंने लिखा है-

” मैंने हमेशा उन संस्थानों पर गर्व करती रही जहाँ मैंने पत्रकारिता के अपने छोटे से करियर में काम किया है। लेकिन आज मैं शर्मिंदा हूँ। एक ‘स्वतंत्र’ संस्थान खुलकर एक दुष्ट सरकार के लिए बैटिंग कर रहा है, और पूरी तरह खुल कर !

बीजेपी और आरएसएस के लोगों से धमकी मिलने के बाद एक पत्रकार की ठंडे दिमाग़ से हत्या कर दी गई। लेकिन बजाय क़ातिलों से सवाल पूछने के तुम विपक्ष से सवाल पूछ रहे हो। हमारी निष्ठा कहाँ है ? हम जा किधर रहे हैं। यहाँ तक कि कुछ पत्रकार इस हत्याकांड पर जश्न मना रहे हैं (कि वह ख़ुद इसकी ज़िम्मेदार है)..ओ.. हाँ.. यही सब सऊदी अरब और उत्तर कोरिया में हुआ। कुछ और मौतों के बाद अब ऐसे ही देशों की तरह हो जाएँगे

अगर चौथे खंभे ने अपनी आत्मा बेच दी तो यह समाज कहाँ जाएगा ?

हमने आपको निराश किया है मैडम…मैं बस इतना जानती हूँ कि आप सम्भवत: यहाँ से बहुत-बहुत बेहतर जगह पर होंगी।

पुनश्च : शायद इसका बहुत महत्व ना हो, लेकिन मैंने तय किया है कि मै अपने सी.वी और सोशल मीडिया में रिपब्लिकटीवी को अपने एक नियोक्ता बतौर दर्ज नहीं करूँगी। मुझे इस कपटी संस्थान के साथ जुड़ने के लिए खेद है।

#GauriLankesh



 

3 COMMENTS

  1. हम सोशल मिडिया पर कमेन्ट करने वाले ,हम अत्यंत दुखी हे ऐसी घटनाओ से, कहाँ ले जायेंगे इस चाटुकारिता को, इस अंध भक्ति को, इस महाशार्मिन्दगी को, इस मक्कारिता को, वो तो मर गई, हम केवल आंसू ,कमेन्ट, ही न करे इतना अधिक लिखे, प्रचारित करे, शोर मचाये, की ऐसी घटनाओ पर रोक लग जाये.

  2. धैर्य रखिये ये भारत है,,भारत वासी बहुत समझदार है,,समय का इंतज़ार करिये,,प्यार मोहब्बत का भारत बन कर रहेगा

LEAVE A REPLY