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‘ज़ी न्यूज़ मेरी हत्या के लिए उकसा रहा है !’ जेएनयू के दलित शोधछात्र ने की अनुसूचित जाति आयोग से शिकायत !

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ज़ी न्यूज़ की ‘राष्ट्रवादी पत्रकारिता’ लोगों के लिए ‘हत्यारी” होती जा रही है। जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष अनंत प्रकाश नारायण ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग से ज़ी न्यूज़ के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की माँग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि ज़ी न्यूज़, भीड़ को उनकी और जेएनयू के कई अन्य छात्रों की हत्या के लिए उकसा रहा है। चैनल चाहता है कि उनका हश्र भी रोहित वेमुला की तरह हो।

जेएनयू के सेंटर फ़ॉर लॉ एंड गर्वनेंस में पीएच.डी. कर रहे अनंत ने आयोग को भेजे अपने पत्र में लिखा है—‘मैं आपके संज्ञान में लाना चाहता हूँ कि पिछले एक महीने से मैं आपत्तिजनक, खतरनाक और भड़काऊ मीडिया ट्रायल का शिकार बनाया गया हूँ। मैं एक दलित छात्र हूँ जो तमाम बाधाओं से जूझते हुए, उच्च शिक्षा पाने के लिए जेएनयू पहुँचा है। मैं 2014-15 में जेएनयू छात्रसंघ का उपाध्यक्ष भी था और सामाजिक न्याय से जुड़े तमाम आंदोलनों में शामिल रहा हूँ। लेकिन 9 फरवरी के बाद से मैं ज़ी न्यूज़ के निंदा अभियान के निशाने पर हूँ।’

अनंत नारायण ने लिखा है कि 9 फरवरी को विश्वविद्यालय में छात्रों के एक समूह ने एक कार्यक्रम आयोजित किया (जिसके वे सदस्य नहीं हैं)। आखिरी क्षण में इस आयोजन को मिली प्रशासनिक अनुमति वापस लिये जाने का विरोध करने के लिए वे भी तमाम छात्रों के साथ वहाँ पहुँचे थे। ज़ी न्यूज़ तब से ही उनके ख़िलाफ़ झूठा अभियान चला रहा है। यह वैसा ही अभियान है जैसा कि रोहित वेमुला के ख़िलाफ़ चलाया गया था (वह दलित स्कॉलर जिसने आत्महत्या कर ली थी)। उऩ्हें भी गद्दार, आतंकवादी और देशद्रोहियों के प्रति सहानुभूति रखने वाला कहा जा रहा है। यह अभियान सिर्फ़ अपमानजनक नहीं है, इसने उनकी ज़िंदगी ख़तरे में डाल दी है।

अनंत ने लिखा है कि उन्हें और जेएनयू के अन्य छात्रों को लगातार ग़द्दार और देशद्रोही कहना भीड़ को उनकी जान लेने के लिए उकसाना है। उन्होंने माँग की है कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग गैरज़िम्मेदार मीडिया, ख़ासतौर पर ज़ी न्यूज़ के ख़िलाफ़ कार्रवाई करे।