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लखनऊ : दिल्ली का संत रविदास मंदिर तोड़े जाने के विरोध में धरना, राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन

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फाइल फोटो

दलित शोषित समाज संघर्ष समिति के बैनर तले आज, 4 सितम्बर 2019 को  लखनऊ में एक विशाल धरना दिया गया। यह धरना जी.पी.ओ. पार्क हजरतगंज गांधी प्रतिमा के सामने दिया गया। संघर्ष समिति की ओर से मुख्य मांगें उठाई गईं। एक तो दिल्ली तुगलकाबाद जहां मन्दिर तोड़ी गयी। सरकार उसी स्थान पर एक संत शिरोमणि रविदास मंदिर का निर्माण कराये। दूसरा मंदिर तोड़े जाने के विरोध में आवाज उठाने वाले जिन नेताओं के गिरफ्तार करके जेल भेजा गया है उन्हें तुरन्त रिहा किया जाय। उन पर दर्ज मुकदमे वापस लिये जायें। धरने पर बैठे आंदोलनकारियों का नेतृतव डी एस-4 के अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री श्री. आर.के. चैधरी ने किया। हाथों में नारे लिखी तख्तियां लिये कार्यकर्ता जोर-जोर से नारे लगा रहे थे। ‘‘सौगन्ध रविदास की खाते हैं, मंदिर वहीं बनायेंगे’’।

धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए श्री आर.के चैधरी ने कहा कि दिल्ली तुगलकाबाद में ‘‘संत शिरोमणि रविदास’’ जी की मंदिर की डी.डी.ए. ने 10 अगस्त 2019 को तोड़कर धराशायी कर दिया। यह मंदिर सन् 1511 ई. में बना था। मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रहती थी। हर साल रविदास जयन्तीके अवसर पर यहां लाखों श्रद्धालु आते थे। यह मंदिर भारत में ‘‘सामाजिक बदलाव’’ के चिन्तन का एक बड़ा केन्द्र बन चुका था। मंदिर तोड़े जाने से दलितों शोषितों और संत रविदास के करोड़ों अनुयायियों को गहरा सदमा पहुंचा है। देश के भगवाधारी नेता इस मंदिर के तोड़े जाने से चुप्पी साध लिये हैं। संत रविदास के प्रति उनकी आस्था नहीं है। उन्हें हमारी भी आस्था की चिंता नहीं है। वे वर्ण व्यवस्था को ही अपना कानून मानते हैं। गौतम बुद्ध और डाॅ. अम्बेडकर जैसे महापुरूषों की ‘‘समता मूलक समाज निर्माण’’ की विचारधारा उन्हें हजम नहीं होती। वे भारत में सामाजिक गैर बराबरी को स्थिर बनाये रखना चाहते हैं।

श्री चैधरी ने कहा कि दलित शोषित समाज संषर्घ समिति डी.एस.-4 एक सामाजिक संगठन है। अन्याय अत्याचार के विरूद्ध संघर्ष  करना ही इसका मुख्य उद्देश्य है। दिल्ली में संत रविदास जी के मंदिर तोड़े जाने से देशभर के श्रद्धालुओं में आक्रोश है। डी.एस.-4 के कार्यकताओं ने आज सांकेतिक धरना देकर आन्दोलन शुरू किया है। एक ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति महोदय नई दिल्ली को दिया गया। जिसकी प्रतिलिपि भारत सरकार के माननीय प्रधानमंत्री व गृहमंत्री को भी दी जायेगी। यदि सरकार ने ध्यान न दिया तो देश के विभिन्न सामाजिक संगठनों को एकजुट करके देशव्यापी आन्दोलन किया जायेगा।

ज्ञापन पत्र यहां पढ़ सकते हैं :

 


विज्ञप्ति : तरूण रावत, आयोजक दलित शोषित समाज संघर्ष समिति द्वारा जारी 

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