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  1. यह लेख खासकर उन तमाम कम्युनिस्टों के लिए एक खास दस्तावेज होगा जो इंकलाब व मार्क्सवादी दर्शन को उसके शत्रुवर्ग अंबेदकरी गांधीवादी तले निर्ममतापूर्वक रौंदने का दुस्साहस कर रहे हैं। उन्हें अपने कैडरों को समाजवाद का मननमोहनी स्वरूप दिखाने से पहले ऐसे ही अनगिनत तल्ख यंत्रणावत सच्चाई को कबूल करने के लिए उन्नत ऐतिहासिक बोधन और उसके प्रति फौलादी प्रतिबद्धताओं की जड़ें जमानी होंगी और ऐसे ही संघर्षों की तमतमाती भट्ठी में मजबूत होना होगा ।

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