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अख़बारनामा: राहुल-नायडू भेंट सिर्फ़ ‘गठजोड़’ या ‘मोदी से कोई भी बेहतर’ की मुनादी !!

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संजय कुमार सिंह


आज के अखबारों में सबसे बड़ी राजनीतिक खबर यह है कि तेलुगू देशम पार्टी के नेता चंद्रबाबू नायडू कल राहुल गांधी से मिले। तेलंगाना में मिलकर चुनाव लड़ने की घोषणा की और भाजपा के खिलाफ दूसरे दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ने के लिए गठबंधन बनाने पर काम कर रहे हैं। हिन्दी अखबारों ने इसे किसी राजनीतिक खबर की ही तरह पेश किया है। वैसे ही जैसे वो करते रहे हैं पर द टेलीग्राफ का शीर्षक और पूरी खबर अलग ढंग से प्रस्तुत की गई है। आज पेश है टेलीग्राफ की पूरी खबर का हिन्दी अनुवाद, मय शीर्षक।

पहले अंग्रेजी अखबार की इस खबर का हिन्दी अनुवाद पढ़िए और फिर देखिए कि हिन्दी अखबारों ने आपको क्या बताया, क्या छुपाया और क्या नहीं बताया। मेरा मानना है कि हिन्दी अखबारों में पैडिंग बहुत होती है। कुल 484 शब्द की यह खबर हिन्दी अखबारों के शीर्षक से भी कम है और सूचनाएं निश्चित रूप से ज्यादा और छंटी हुई।

“शाश्वत शत्रुओं की दूरदर्शिता बहुत कुछ बोलती है” शीर्षक से प्रकाशित अनिता जोशुआ की खबर की शुरुआत इस तरह होती है, गुरुवार को एन चंद्रबाबू नायडू राहुल गांधी से मिले और बाद में एलान किया, “ना सिर्फ राहुल गांधी, कोई भी नरेन्द्र मोदी से बेहतर करेगा।” पर इस घटना के महत्व को पूर्व एनडीए मंत्री और जेहादी संपादक अरुण शौरी ने रेखांकित किया, “यह तथ्य कि शाश्वत शत्रु एकजुट हो रहे हैं, बताता है कि स्थिति कितनी खराब है।” शौरी ने आगे कहा, “यह उनकी दूरदर्शिता बताती है।” उन्होंने आगे कहा, विपक्षी दल समझते हैं कि एकजुट होने की जरूरत है और मौका भी। “आप यह नहीं कह सकते कि देश खतरे में है और फिर अपनी प्रतिद्वंद्विता बनाए रखें।”

नायडू राहुल गांधी से मिलने उनके घर गए थे और यह तेलुगू देशम की राजनीति में बदलाव है जो अभी तक कांग्रेसवाद के विरोध पर टिकी रही है। बाद में एक सवाल के जवाब में आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री ने “मोदी छोड़कर कोई भी”, की अपनी पसंद स्पष्ट की। नायडू ने् आगे कहा, “नरेन्द्र मोदी को स्पष्ट जनादेश मिला। पर उन्होंने देश को निराश किया, देश के साथ धोखा किया।” मुलाकात के बाद राहुल ने ट्वीट किया, “मैं अपनी वार्ता को आगे बढ़ाने और मिलकर काम करने का इंतजार कर रहा हूं ….।” नायडू ने पिछले साढ़े चार वर्षों में चार साल प्रधामंत्री के साथ सहयोगी के रूप में काम किया है। गुरुवार को उन्होंने “कोई विकल्प नहीं है” यानी भाजपा के टिना (देयर इज नो अल्टरनेटिव) फैक्टर के जवाब में “मोदी छोड़कर कोई भी” की बात की। मोदी अमित शाह के चुनावी जगन्नाथ के खिलाफ विपक्ष के गठजोड़ के किसी भी प्रयास पर भाजपा यही तर्क देती है।

तेलुगू देशम के नेता ने (कल का) सारा दिन विपक्षी नेताओं से मिलने में बिताया जो छह साल में राजधानी दिल्ली की उनकी दूसरी यात्रा थी। राहुल से मिलने से पहले आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने दिन का भोजन एनसीपी नेता शरद पवार और नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारुक अब्दुल्ला के साथ किया और तीनों इस बात पर सहमत हुए कि नायडू सभी गैर भाजपा नेता से बात करेंगे ताकि मिलकर देश और लोकतंत्र को बचाने के लिए कार्यक्रम बनाने का माहौल बना सकें। उन्होंने कहा, “तेलुगू देशम पार्टी ने हमेशा देश को विकल्प मुहैया कराने में अहम भूमिका निभाई है। जब कभी आवश्यकता हुई है, हमलोगों ने विकल्प मुहैया कराने की कोशिश की है।” इसके साथ उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि भारत में कभी स्थिति ऐसी नहीं रही जैसी अभी है जब हर कोई डर में जी रहा है, अर्थव्यवस्था का बुरा हाल है और संस्थाओं का महत्व खत्म किया जा रहा है। दिन में शौरी भी नायडू से मिले और फिर कहा कि प्रधानमंभी प्रशासन पर पकड़ खो चुके हैं। मार्च वे कहते रहे हैं कि सरकार पर असली नियंत्रण मोदी के हाथों से निकलकर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के पास चला गया है।

आइए, अब देखें कि हिन्दी अखबारों ने इसे कैसे छापा है। नवभारत टाइम्स ने इस खबर को महागठबंधन की गाड़ी के ड्राइवर बनेंगे नायडू शीर्षक से छापा है। इसके साथ राहुल गांधी का बयान, बीजेपी को हराने के लिए हम अपने राजनीतिक विरोध भुलाने के लिए भी तैयार हैं। खबर के साथ राहुल गांधी और चंद्रबाबू नायडू की फोटो है जिसका कैप्शन है, टीडीपी चीफ चंद्रबाबू नायडू ने गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। वह शरद पवार, फारूक अब्दुल्ला, मुलायम, अखिलेश से भी मिले। दैनिक हिन्दुस्तान ने लिखा है, कांग्रेस के साथ मिलकर काम करेंगे नायडू। खबर के साथ राहुल गांधी और चंद्रबाबू नायडू की फोटो है। कैप्शन है, नई दिल्ली में गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात के दौरान स्मृति चिन्ह भेंट करते आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू।

नवोदय टाइम्स ने इस खबर को लीड बनाया है। शीर्षक है, “मोदी को हराने राहुल-नायडू एकष” खबर के साथ दो बिन्दु हैं, भाजपा के खिलाफ दोस्त बने कांग्रेस -टीडीपी और दूसरा राहुल ने कहा, लोकतंत्र को बचाने के लिए मिलकर काम करेंगे। इस खबर के साथ एक सिंगल कॉलम खबर का शीर्षक है, नायडू इन नेताओं से भी मिले। इसके साथ दो कॉलम में एमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी का भी बयान है। इसे अखबार ने दो कॉलम में, “गुजरात दंगों के समय तो भाजपा के साथ थे नायडू : ओवैसी” शीर्षक से ओवैसी की फोटो के साथ छापा है।

राजस्थान पत्रिका ने इस खबर को लीड के साथ छापा है। अखबार की लीड चुनावी रणनीति पर है। फ्लैग शीर्षक है, “नई रणनीति : विधानसभा चुनाव में सत्ता विरोधी रुझान से बचने की तैयारी।” मुख्य शीर्षक है, “भाजपा में सर्जिकल स्ट्राइक : राजस्थान में 35 और मध्य प्रदेश में 40% विधायकों के कटेंगे टिकट।” उपशीर्षक है, नायडू-राहुल ने हाथ मिलाया, अखिलेश से भी मुलाकात। चार कॉलम के इस उपशीर्षक के नीचे दो कॉलम में राहुल को शाॉल ओढ़ाते नायडू की फोटो है और दोनों लोगों के कोट आजू-बाजू हैं। चंद्रबाबू पहले, हमें इतिहास भुलना होगा शीर्षक से कांग्रेस विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी है और एकजुट होना जरूरी शीर्षक से, लोकतंत्र बचाने के लिए सभी पार्टियों को अब एकजुट होना चाहिए। अखिलेश से भी मुलाकात शीर्षक के तहत खबर की शुरुआत है, भाजपा के खिलाफ विपक्ष का महागठबंधन खड़ा करने की दिशा में गुरुवार को एक नई पहल हुई …. दोनों दलों ने तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिए गठबंधन का एलान भी किया।

दैनिक जागरण ने इसे खबरों के अपने दूसरे पहले पेज पर, विपक्षी एकजुटता को राहुल-नायडू ने दी नई उम्मीद शीर्षक से पांच कॉलम में छापा है। अखबार ने इस खबर के साथ इस पर चार कॉलम में तीन प्रतिक्रियाएं भी छापी हैं। चौथे में राहुल नायडू की फोटो (सिंगल कॉलम में) है। प्रतिक्रियाओं में पहली है, भाकपा ने किया पहल का स्वागत, दूसरी प्रतिक्रिया भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन की है, राजनीतिक पर्यटन कर रहे नायडू और तीसरी ओवैसी की है जिसका शीर्षक है, ओवैसी ने उठाए सवाल।

अमर उजाला में पहले पेज पर पूरा विज्ञापन है। मास्टहेड के नीचे पट्टी में सूचना है, 2019 चुनाव – महागठबंधन के लिए अब विपक्षी नेताओं को साधने में जुटे चंद्रबाबू। अखबार में यह खबर, खबरों के दूसरे पेज पर लीड है। पहले यानी तीसरे पेज पर आधे से ज्यादा विज्ञापन है। यह खबर पेज पांच पर है। इसलिए इसे अखबार की लीड नहीं कह सकते लेकिन शीर्षक वही है जो पहले पेज पर है। यहां भी शाहनवाज हुसैन की प्रतिक्रिया, राहुल, नायडू के कोट के साथ फारूक अबदुल्ला और शरद पवार के भी बयान हैं।

दैनिक भास्कर में यह खबर देश-विदेश पेज पर लीड है। फ्लैग शीर्षक है, कांग्रेस को टीडीपी का साथ, राहुल से मिले नायडू, मोदी को हराने के लिए विपक्ष को एक करेंगे। मुख्य शीर्षक है, 25 साल में पांचवीं बार आम चुनाव से पहले नायडू ने किया गठबंधन।

लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं।

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