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मोदी की पत्नी जसोदाबेन बोलीं- ‘भारत-पाक में दोस्ती ज़रूरी, सैनिकों का मारा जाना दु:खद !’

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भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनातनी के बीच आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पत्नी जसोदाबेन ने दोनों देशों के बीच शांति और दोस्ती की प्रार्थना की है। उन्होंने सरहद पर दोनों ही मुल्कों के सैनिकों की मौतों पर दुख जताते हुए कहा है कि सैनिकों का इस तरह मारा जाना ग़लत और अमानवीय है। सरहद पर किसी भी सैनिक की मौत नहीं होनी चाहिए।

जसोदाबेन आज सुबह गुजरात में ऊँझा के बलिसाना गाँव के पास भारत और पाकिस्तान के बीच शांति और दोस्ती का पैग़ाम देने वाली शांति यात्रा का स्वागत करने पहुँची थीं। यह यात्रा 19 जून को, मैगसायसाय से सम्मानित सामाजिक कार्यकर्ता संदीप पांडेय के नेतृत्व में अहमदाबाद के साबरमती आश्रम से शुरू हुई थी और कालोल, नांदासन, मेहसाना, पाटन होते हुए नड़ापेट बार्डर की ओर बढ़ रही है।

24 जून को पदयात्री, मेहसाणा के एस.आर.पाटिल इंजीनियरिंग कॉलेज में रुके थे। 25 जून की सुबह जब यह यात्रा आगे बढ़ी तो ऊँझा के बलिसाना गाँव से केवल एक किलोमीटर पहले किसी आश्चर्य की तरह जसोदाबेन, उसका स्वागत करने के लिए मौजूद थीं। उनके साथ उनके भाई अशोक मोदी भी पदयात्रियों के स्वागत के लिए पहुँचे थे। जसोदाबेन कुछ दूर तक यात्रियों के साथ पैदल चलीं और उनके साथ भारत-पाक मैत्री का नारा बुलंद किया। उन्होंने पदयात्रियों को बधाई देते हुए कहा कि वे भारत और पाकिस्तान के बीच शांति के लिए भगवान से प्रार्थना करेंगी। पदयात्री “ युद्ध नहीं शांति चाहिए”, ‘पूरी दुनिया में शांति कायम करो’, ‘परमाणुशस्त्र नष्ट करो’, ‘दक्षिण एशिया को परमाणु मुक्त घोषित करो’ जैसे नारे लगा रहे थे।

19 जून को साबरमती आश्रम से यात्रा शुरू होते ही पुलिस ने संदीप पांडेय समेत सभी पदयात्रियों को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने कहा कि यात्रा से कानून –व्यवस्था बिगड़ सकती है इसलिए यात्रा को अहमदाबाद के अंदर निकालने की इजाज़त नहीं है। पुलिस ने यात्रियों को तीन घंटे थाने में हिरासत में रखने के बाद छोड़ा। बाद में यात्रा अदालाज, गाँधीनगर से शुरू हुई।

 

 

यात्रा का नेतृत्व कर रहे गाँधीवादी कार्यकर्ता संदीप पांडेय ने फोन पर बताया कि पूरी यात्रा के दौरान महज़ दो-तीन लोग ही ऐसे मिले जिन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान की दोस्ती असंभव है। ज़्यादातर लोगों ने इस यात्रा का स्वागत किया और भारत तथा पाकिस्तान की दोस्ती को दोनों देशों की बेहतरी के लिए जरूरी बताया। तमाम ग्रामीण इस यात्रा में शामिल भी हो रहे हैं।

संदीप पांडेय ने कहा कि मोदी सरकार के चार साल के शासन के बाद जनता को समझ आ गया है कि युद्ध किसी चीज़ का हल नहीं है। दोनों सरकारों क के पास बेहतर रिश्ते बनाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। प्रधानमंत्री की पत्नी का इस यात्रा में शामिल होना उपलब्धि है।

यात्रा के दौरान दोनों देशों की दूरी पाटने की माँग को लेकर एक हस्ताक्षर अभियान भी चल रहा है। इसके तहत उम्मीद जताई जा रही है कि वह दिन जल्दी आएगा जब दोनों ही देशों का कोई सैनिक सरहद पर जान नहीं गँवाएगा और दोनों देशों के रिश्ते बेहतर होंगे। इस मांगपत्र को भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों को भेजा जाएगा। इस पर जसोदाबेन और उनके भाई ने भी हस्ताक्षर किए।

यह यात्रा 30 जून को गुजरात में ही पाकिस्तान की सरहद से लगे नड़ापेट पहुँचेगी जहाँ एक बड़ा कार्यक्रम होगा। इसमें देश भर के शांतिवादी सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिक नेता जुटेंगे। साथ ही, उसी दिन सरहद के दूसरी ओर पाकिस्तान के सामाजिक कार्यकर्ता करामत अली भी कार्यक्रम आयोजित करेंगे जिसमें इस शांतियात्रा का समर्थन करते हुए भारत-पाकिस्ता दोस्ती का नारा बुलंद किया जाएगा।

प्रेस रिलीज़ पर आधारित।