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‘प्रधान सेवक’ के राहत पैकेज पर ‘दीदी’ का सवाल- ‘ये एडवांस है या राहत पैकेज ?’

केंद्र सरकार और राज्य सरकारों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाने का कोई मौका नहीं छोड़ा है। इसके पहले भी कोरोना महामारी से लड़ने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा देश के नाम संबोधन में  20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज की घोषणा की गयी थी। जिसके ममता बनर्जी ने देश के साथ बड़ा धोखा बताया था।

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कोरोना महामारी के बीच ही अम्फान तूफ़ान ने पश्चिम बंगाल में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। 80 लोगों की मृत्यु और पश्चिम बंगाल राज्य सरकार द्वारा अनुमानित एक लाख करोड़ के नुकसान ने ममता दीदी की चिंताएं बढ़ा दी हैं। केंद्र के साथ हमेशा नोक-झोंक वाली राजनीति के बीच ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस तूफ़ान से हुए नुकसान से उबरने के लिए केंद्र से मदद मांगी थी। जिसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने ममता बनर्जी के साथ पश्चिम बंगाल में तूफ़ान प्रभावित क्षेत्रों का हवाई दौरा किया और राहत पैकेज के तौर पर 1 हज़ार करोड़ रुपये की घोषणा की है। प्रधानमंत्री ने बताया कि हमने कोशिश की कि तूफ़ान से नुकसान कम से कम हो, इसके बावजूद हम लोगों को मृत्यु से नहीं बचा पाए। जल्द ही एक सर्वे करवाया जाएगा। ताकि नुकसान का आंकलन लगाया जा सके। पश्चिम बंगाल में लोगों के राहत और पुनर्वास के लिए पूरा प्रयत्न करेंगे। और जल्द से जल्द बंगाल के इस आपदा से उबरने की प्रार्थना करेंगे। लॉकडाउन लगाये जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दिल्ली से बाहर का पहला दौरा है। प्रधानमंत्री मोदी ने तूफ़ान की वजह से जान गंवाने वाले लोगों को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हज़ार रुपये के मुआवज़े की भी घोषणा की है। ये मुआवजा प्रधानमंत्री राहत कोष से दिया जाएगा।

 

प्रधानमंत्री के राहत पैकेज पर ममता बनर्जी का सवाल

प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए राहत पैकेज पर ममता बनर्जी ने बताया कि मैंने पी.एम मोदी से सवाल किया कि ये हमें एडवांस दिया जा रहा है या ये ही पैकेज है ? जिसके जवाब में प्रधानमंत्री मोदी ने बाद में फ़ैसला लेने की बात कही है साथ ही प्रधानमंत्री ने ये भी कहा कि ये एडवांस भी हो सकता है। पी.एम मोदी की इस बात पर ममता बनर्जी ने कहा कि आप जो भी देने का फ़ैसला लें, हम आपको विस्तृत जानकारी दे देंगे। ममता बनर्जी ने बाद में ये भी बताया कि हमें केंद्र सरकार से फ़ूड सब्सिडी, सामजिक योजनाओं, केंद्रीय योजनाओं के लिए 53 हज़ार करोड़ रुपए मिलने हैं। आप हमें पैसे देने का प्रयत्न कीजिए ताकि हम इस आपदा में राहत कार्य कर सकें।

इसके पहले भी लॉकडाउन की वजह से फंसे हुए प्रवासी मजदूरों को लेकर केंद्र और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच तना-तनी हो चुकी है। केंद्र सरकार और राज्य सरकारों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाने का कोई मौका नहीं छोड़ा है। इसके पहले भी कोरोना महामारी से लड़ने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा देश के नाम संबोधन में  20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज की घोषणा की गयी थी। जिसे ममता बनर्जी ने देश के साथ बड़ा धोखा बताया था।

पश्चिम बंगाल की ताज़ा स्थिति

कोलकाता के टालीगंज इलाके की तस्वीर

अम्फान तूफ़ान से बचाव के लिए एनडीआरएफ के साथ ही सेना, वायुसेना और नौसेना की भी टीमें बंगाल में बचाव कार्यों में लगी हुई हैं। बंगाल के तटीय क्षेत्रों से लाखों लोगों को हटाया जा चुका है। 24 परगना जिला पश्चिम बंगाल में इस तूफ़ान से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। साथ ही पश्चिमी और पूर्व मिदनापुर, हुगली, हावड़ा, कलकत्ता में भी बड़े स्तर पर इस तूफ़ान से नुकसान पहुंचा है। हज़ार से ज्यादा मोबाइल टावर्स ख़राब हुए हैं। बिजली और केबल के खंबे उखड़ कर गिर गए हैं। जिसकी वजह कई इलाकों में अँधेरे की स्थिति है। साथ ही फ़ोन सेवाएं भी बड़े स्तर पर बाधित हुई हैं। राज्य सरकार द्वारा तूफ़ान प्रभावित क्षेत्रों के हालत और नुकसान की विस्तृत जानकारी 3-4 दिनों में दी जाएगी।

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