Home ख़बर कैंपस देश के बेरोज़गार युवाओं ने ताली थाली बजाकर मोदी सरकार को जगाया!

देश के बेरोज़गार युवाओं ने ताली थाली बजाकर मोदी सरकार को जगाया!

'युवा हल्ला बोल' संस्थापक अनुपम ने कहा कि सरकारी भर्तियों में देरी की समस्या को दूर करने के लिए जब तक संस्थागत सुधार नहीं किए जाते तब तक 'युवा हल्ला बोल' का संघर्ष जारी रहेगा। अगर बड़े पैमाने पर सुचारू और समयबद्ध ढंग से चुनाव करवाये जा सकते हैं तो भर्ती परीक्षा क्यों नहीं? अगर चुनावों के लिए मॉडल इलेक्शन कोड लागू हो सकता है तो भर्ती परीक्षाओं के लिए 'मॉडल एग्जाम कोड' क्यों नहीं?

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देश के कई हिस्सों में बेरोज़गार युवाओं ने शाम 5 बजे एक साथ ताली और थाली बजाकर मोदी सरकार को जगाने की कोशिश की। उत्तर प्रदेश, बिहार समेत हिंदी पट्टी में तो ग्रामीण क्षेत्रों से भी छात्रों ने सरकार की गलत नीतियों का विरोध किया। पिछले कुछ दिनों से रोज़गार के गंभीर सवाल पर उदासीन सरकार के प्रति छात्रों में भारी आक्रोश दिख रहा है।

 

5 बजे के कार्यक्रम के एक ही घंटे में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट करके रेलवे की NTPC और Group D भर्ती की तारीख का ऐलान कर दिया। ‘युवा हल्ला बोल’ ने सरकार की घोषणा को छात्रों के आंदोलन का असर बताया और कहा कि ये लड़ाई अभी अधूरी है, इसे अंजाम तक पहुँचाना ज़रूरी है।

‘युवा हल्ला बोल’ संस्थापक अनुपम ने सरकार की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए रेलमंत्री का धन्यवाद किया और कहा कि साल भर पत्र लिखने और गुहार लगाने के बाद अंततः सरकार ने युवाओं की कुछ तो सुनी। अनुपम ने ये भी कहा कि थाली पीटने का असर कोरोना पर हो चाहे ना हो, मोदी सरकार पर तो होता है।

‘युवा हल्ला बोल’ के कॉर्डिनेटर गोविंद मिश्रा ने नौकरियों के लिए हुए स्वतःस्फूर्त आंदोलन पर युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि ऐसी ही एकजुटता, ऊर्जा और समझ के साथ बेहतर भविष्य की लड़ाई जीती जाएगी।

अनुपम ने कहा कि सरकारी भर्तियों में देरी की समस्या को दूर करने के लिए जब तक संस्थागत सुधार नहीं किए जाते तब तक ‘युवा हल्ला बोल’ का संघर्ष जारी रहेगा। अगर बड़े पैमाने पर सुचारू और समयबद्ध ढंग से चुनाव करवाये जा सकते हैं तो भर्ती परीक्षा क्यों नहीं? अगर चुनावों के लिए मॉडल इलेक्शन कोड लागू हो सकता है तो भर्ती परीक्षाओं के लिए ‘मॉडल एग्जाम कोड’ क्यों नहीं?

 

अगले कुछ दिनों में ‘युवा हल्ला बोल’ आगे की रणनीति की घोषणा करेगा ताकि युवाओं को रोज़गार का अधिकार मिले। साथ ही, निष्पक्ष और समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया के लिए ‘युवा हल्ला बोल’ की मुहिम जारी रहेगी।

 


 

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