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झारखण्ड: नुक्कड़ नाटक करने गईं महिलाओं के साथ गैंग रेप, रंगकर्मियों ने जारी किया निंदा बयान

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जहाँ नुक्कड़ नाटक के लिए गयी थी लडकियां

अश्विनी कुमार पंकज / स्त्रीकाल से साभार 


खूंटी के कोचांग में मानव तस्करी के खिलाफ जागरूकता फैलाने और शिक्षा से बच्चों को जोड़ने के लिए नुक्कड़ नाटक करने पहुंची मंडली की पांच लड़कियों के साथ गांव के अपराधियों ने गैंगरेप किया। पुलिस के मुताबिक, घटना को अंजाम देने वाले ‘अपराधी’ पत्थलगड़ी से जुड़े लोग हैं। अपराधियों ने बलात्कार का वीडियो बनाकर पीड़ितों को चुप रहने की धमकी दी थी कि यदि उन्होंने मुंह खोला तो वीडियो को वायरल कर दिया जाएगा। अपराधियों ने पीड़ितों से यह भी कहा था कि वे प्रशासन-सरकार के इशारे पर काम करती हैं, इसीलिए उन्हें यह ‘सजा’ दी जा रही है।

खूंटी के अड़की थाना के कोचांग स्थित एक मिशनरी स्कूल ने जागरूकता कार्यक्रम के लिए नुक्कड़ नाटक मंडली को आमंत्रित किया था। नाटक का विषय मानव तस्करी के खिलाफ जागृति फैलाना था। मंगलवार 19 जून की दोपहर लगभग ढाई बजे जब स्कूल में नाटक हो रहा था तब छह अपराधी दो मोटरसाइकिल पर आए और बंदूक दिखाकर, मंडली की ही गाड़ी पर लड़कियों को बिठाकर किसी अज्ञात जगह पर ले जाकर उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।

पुलिस को इसकी जानकारी दूसरे दिन करीब 30 घंटे बाद बुधवार की रात को मिली। जब एक पीड़िता ने इस दुष्कर्म की जानकारी अपने कुछ जानने वालों को दी। पहले तो पुलिस मामले को दबाने में लगी रही लेकिन गुरुवार को ‘मीडिया’ में आने बाद एफआईआर दर्ज हुई। खबरों के ही अनुसार पीड़ितों और उन्हें बुलाने वाली संस्था के लोगों को पुलिस ने रात में थाने में बिठाए रखा। खूंटी एसपी ने पीड़िताओं से तो यहां तक कहा कि वे गांव में गई ही क्यों थीं। वहीं मुख्यमंत्री रघुवर दास का बयान है कि ‘पहले नक्सली ऐसी घटनाओं को अंजाम देते थे, अब पत्थलगड़ी के नाम पर समाज विरोधी काम करने वाले ऐसी हरकत कर रहे हैं।’

जिस दिन झारखंड के कोचांग में नाटक हो रहा था, जिसके बाद यह घटना घटी थी, ठीक उसी दिन यानी 19 जून को ही, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में संघ प्रमुख मोहन भागवत आदिवासी क्षेत्रों में पत्थलगड़ी के संकट से घिरी भाजपा सरकार को निकालने के लिए आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर में भाग ले रहे थे। ‘भारत की जनजातियों की अस्मिता एवं अस्तित्व’ विषय पर इस चिंतन शिविर का आयोजन अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम ने किया था। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने जब शिविर में पूछा कि आदिवासी हितों के लिए केंद्र व राज्य सरकार की ढेरों योजनाएं है तो फिर पत्थलगड़ी जैसी घटनाएं क्यों हो रही हैं। तब उन्हें बताया गया कि ईसाई मिशनरी सरकार के खिलाफ काम कर रही हैं और आदिवासियों को भड़काने में जुटी हैं। चुनावी लाभ के लिए विरोधी दल पत्थलगड़ी करवा रहे हैं। इस सवाल-जवाब के आलोक में यह तय हुआ कि इस भ्रम को तोड़ने के लिए संघ के लोग बुधवार को ठोस रणनीति बनाएंगे।

और बुधवार 20 जून की रात 8 बजे पत्थलगड़ी आंदोलन के सबसे सघन आदिवासी केंद्र में ‘कुछ लोगों की सूचना’ पर पहले मीडिया में खबर प्लांट  की गई, फिर के एक थाने में ‘मामले को दबाने’ की कोशिश की गई। लेकिन अंततः तीन आरोपियों की पहचान पत्थलगड़ी समर्थक के रूप में करते हुए प्राथमिकी दर्ज की गई और कोचांग इलाके में भयानक छापेमारी श्रुरू हुई। जाहिर है कि अब आंदोलनकारियों के दमन का, जो सरकार और मीडिया के मुताबिक ‘बलात्कारी’ हैं, संविधान विरोधी हैं, विदेशी विचारों से संचालित ईसाई मिशनरी हैं, रास्ता गढ़ लिया गया है।


झारखंड के कोचांग गांव में नुक्कड़ नाटक करने गयींं महिला सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ 19 जून को हुए सामूहिक बलात्कार, हिंसा और शासन-प्रशासन द्वारा घटना को राजनीतिक रंग दिये जाने के ख़िलाफ़ तथा दोषियों की अविलंब गिरफ़्तारी की मांग को लेकर विकल्प साझा मंच, दिल्ली का वक्तव्य

विगत 19 जून को झारखंड के खूंटी ज़िले के अड़की थाना क्षेत्र के कोचांग गांव में मानव तस्करी और डायन प्रथा के ख़िलाफ़ नुक्कड़ नाटक का प्रदर्शन करने गयीं पांच सामाजिक कार्यकर्ताओं को बंदूक की नोक पर अगवा कर असामाजिक तत्वों ने उनका सामूहिक बलात्कार कर विडियो बनाया और उनके साथ गये पुरुष कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की। सामाजिक जागरूकता के लिये नुक्कड़ नाटक करने वाली लड़कियों के साथ हुए बर्बर, कायरतापूर्ण बलात्कार और हिंसा की इस घटना की विकल्प साझा मंच, दिल्ली तीखी भर्त्सना करता है और राज्य सरकार से यह अपील करता है कि वह अनावश्यक बयानबाज़ी तथा इस घटना का राजनीतिकरण करना छोड़ कर दोषियों को गिरफ़्तार करे और उन पर अविलंब ठोस कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करे।

यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि समूचे देश और प्रदेश में भाजपा की सरकार के आने के बाद कानून-व्यवस्था की स्थिति बदतर हुई है और अपराधी बेलगाम होकर सड़कों पर घूमते और अपराधों को अंजाम देते फिर रहे हैं। देश भर में उन्मादी भीड़ कानून अपने हाथों में ले रही है और समाज के कमज़ोर तबकों, समुदायों और स्त्रियों को नफ़रत तथा हिंसा का निशाना बनाया जा रहा है। झारखंड की भाजपा सरकार और उसके प्रशासन ने बिना मुकम्मल जांच और कानूनी प्रक्रिया के जिस तरह स्थानीय आदिवासियों पर आरोप मढ़ने और अफ़वाहों को प्रश्रय देने का प्रयास किया है, उससे यह सन्देह उत्पन्न होना स्वाभाविक है कि वह इस घटना का अपने पक्ष में राजनीतिक इस्तेमाल करना चाहती है, और न्याय तथा संवैधानिक प्रक्रियाओं के अनुपालन को लेकर अपनी वचनबद्धता के साथ धोखे की नीयत रखती है। लोकतंत्र में जनमत से बनने वाली सरकार ही यदि ऐसा आचरण करे तो संवैधानिक संस्थाओं और लोकतंत्र में जनता का भरोसा कम होना स्वाभाविक है, और ऐसी सरकारों का कैसा हश्र होता है, यह अतीत में हम बार-बार देख चुके हैं।

विकल्प साझा मंच देश के रंगकर्मियों, संस्कृतिकर्मियों, कलाकारों, साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों एवं अमनपसन्द नागरिकों से अपील करता है कि वे कोचांग में हुई सामूहिक बलात्कार और हिंसा की घटना, प्रशासन द्वारा इस घटना का राजनीतिकरण करने के प्रयासों के ख़िलाफ़ तथा दोषियों पर अविलंब सख़्त कानूनी कार्रवाई करने हेतु झारखंड सरकार पर दबाव बनाने के लिये सड़कों पर उतर कर विरोध करें और इस घटना को लेकर फैलायी जा रही अफ़वाहों की रोकथाम के लिये आगे आयें।

अरविन्द गौड़
राजेश चन्द्र
ईश्वर शून्य

संयोजन समिति, विकल्प साझा मंच, दिल्ली

 

1 COMMENT

  1. Not surprising. Dr b d sharma ias was slapped, his face smeared black. Even he narrowly scaped an attempt to murder just for support of tribals. A petty constable slapped a villager. His crime was Dr Sharma stayed one night in his house. Corporate government disliked rather Hates him. A man who lived without a cooler near Hazrat Nizamuddin during retirement. Your president of India gives gallantry award to AnkitGarg ips for putting pebbles in vagina of her.

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