Home प्रदेश उत्तर प्रदेश बेगुनाह मुसलमानों पर NSA लगा रही है योगी सरकार- शाहनवाज़ आलम

बेगुनाह मुसलमानों पर NSA लगा रही है योगी सरकार- शाहनवाज़ आलम

शाहनवाज़ आलम ने कहा कि 19 अगस्त तक कुल 139 लोगों पर लगे एनएसए में से 76 उन लोगों पर एनएसए लगा है जिन्हें पुलिस ने गौकशी के आरोप में पकड़ा है। वहीं 13 लोगों पर संविधान विरोधी नागरिकता क़ानून का विरोध करने के कारण एनएसए लगाया गया है। 26 अगस्त तक 4 हज़ार लोगों को गौकशी के आरोप में जेल भेजा गया है। जबकि गोकशी में फंसाये गए 2384 लोगों पर गैंगस्टर और 1742 लोगों पर गुंडा एक्ट लगाकर उन्हें जेलों में डाल दिया गया है। जबकि मुख्य सचिव के ही अनुसार महिलाओं और बच्चों के ख़िलाफ़ हुई हिंसा के मामलों में योगी सरकार ने सिर्फ 6 लोगों पर एनएसए लगाया है।

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अल्पसंख्यक कांग्रेस ने योगी सरकार पर बेगुनाह मुसलमानों को गौकशी क़ानून में फंसाने और उन पर एनएसए और गैंगस्टर लगा कर उन्हें प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। अल्पसंख्यस्क कांग्रेस के प्रदेश चेयरमैन शाहनवाज़ आलम ने मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी द्वारा जारी बयान के बाद यह आरोप लगाया है।

शाहनवाज़ आलम ने कहा कि 19 अगस्त तक कुल 139 लोगों पर लगे एनएसए में से 76 उन लोगों पर एनएसए लगा है जिन्हें पुलिस ने गौकशी के आरोप में पकड़ा है। वहीं 13 लोगों पर संविधान विरोधी नागरिकता क़ानून का विरोध करने के कारण एनएसए लगाया गया है। 26 अगस्त तक 4 हज़ार लोगों को गौकशी के आरोप में जेल भेजा गया है। जबकि गोकशी में फंसाये गए 2384 लोगों पर गैंगस्टर और 1742 लोगों पर गुंडा एक्ट लगाकर उन्हें जेलों में डाल दिया गया है। जबकि मुख्य सचिव के ही अनुसार महिलाओं और बच्चों के ख़िलाफ़ हुई हिंसा के मामलों में योगी सरकार ने सिर्फ 6 लोगों पर एनएसए लगाया है।

शाहनवाज़ आलम ने कहा कि योगी सरकार अपनी विफलताओं और जनमानस में बनी अपनी अगंभीर छवि से ध्यान हटाने के लिए मुसलमानों को जेलों में डालने की नीति पर काम कर रही है। अगर सरकार के एजेंडे में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा होता तो ऐसे आरोपों में सिर्फ़ 6 लोगों पर एनएसए नहीं लगता।

शाहनवाज़ आलम ने कहा कि यह एक हास्यास्पद स्थिति है कि खुद संगीन अपराधों के आरोपी रहे योगी मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठते ही सबसे पहले अपने ऊपर से मुकदमें हटाते हैं और निर्दोषों को फ़र्ज़ी आरोपों में जेल भेजने का रिकॉर्ड बनाते हैं। शाहनवाज़ आलम ने कहा कि यदि योगी सरकार में थोड़ी भी शर्म होती तो वो डॉ कफ़ील खान पर द्वेष की भावना के तहत एनएसए लगाने पर हाइकोर्ट के फटकार के बाद उनसे माफ़ी मांगती और आगे से बेगुनाहों पर एनएसए लगाने की सनक से बचती।

शाहनवाज़ आलम ने कहा कि गौकशी के आरोप में बेगुनाह मुसलमानों को फंसाने के बजाए योगी को पश्चिम उत्तर प्रदेश के अपने एक मंत्री के स्लॉटर हाउस पर छापा मारना चाहिए जो प्रदेश का सबसे बड़ा मांस निर्यातक है और इस बात की जांच के लिए हाइकोर्ट के वर्तमान जज के नेतृत्व में समिति गठित करनी चाहिए कि मोदी सरकार में भारत के बीफ के सबसे बड़े निर्यातक देश बनने में उनके विधायकों और मंत्रियों द्वारा संचालित गोतस्करी की भूमिका कितनी है।

उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक कांग्रेस गोकशी और नागरिकता विरोधी क़ानून का विरोध करने पर एनएसए में फंसाए गए बेगुनाह लोगों को हर सम्भव क़ानूनी मदद के साथ ही उनके लिए आंदोलन करेगी।


विज्ञप्ति पर आधारित

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