Home ख़बर चौदह दिन की न्‍यायिक हिरासत में चंद्रशेखर और 95 समर्थक

चौदह दिन की न्‍यायिक हिरासत में चंद्रशेखर और 95 समर्थक

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भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर आज़ाद सहित कुल 96 लोगों को दिल्‍ली पुलिस ने चौदह दिन की हिरासत में जेल भेज दिया है. इनके ऊपर दंगा फैलाने, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिसवालों से मारपीट का आरोप है.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दिल्‍ली विकास प्राधिकरण द्वारा बीते 10 अगस्त को दिल्ली के तुग़लकाबाद इलाक़े में गुरु रविदास मंदिर तोड़े जाने के विरोध में बुधवार को दिल्ली में भीम आर्मी की अगुवाई में दलितों ने एक विशाल प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान देर शाम पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसा हुई, प्रदर्शनकारियों ने वाहनों से तोड़फोड़ की और पुलिसवालों की पिटाई की जिसके बाद चंद्रशेखर सहित कुल 95 समर्थकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. भीम आर्मी चीफ के खिलाफ गोविंदपुरी थाने में आइपीसी की धारा 147, 149, 186, 353, 332 के तहत मामला दर्ज किया है.

तुगलकाबाद स्थित संत रविदास के मंदिर को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद डीडीए द्वारा ढहाया गया था. इसके बाद से इलाक़े में लगातार तनाव है जिसे देखते हुए वहाँ कड़ा पुलिस बंदोबस्त किया गया है.

बुधवार को कई राज्यों से जुटे समर्थकों और पुलिस के बीच गुरु रविदास मार्ग पर हिंसक झड़प हुई. दोनों ओर से चले लाठी, डंडे और पत्थरबाजी में कई आंदोलनकारी और कुछ पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं. हालात को काबू करने के लिए पुलिस को लाठी चलानी पड़ी, आंसू गैस के गोले दागने पड़े और हवाई फायरिंग करनी पड़ी.

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठाए. प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया है:

रविदास मंदिर तोड़े जाने के विरोध में बुधवार को करीब 5 हजार लोग दिल्ली के रामलीला मैदान में जमा हुए. भीड़ को संबोधित करने के लिए संतों की एक टोली मंच पर आई और उन्हें संबोधित किया. इतने में भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर के नेतृत्व में हजारों लोग रामलीला मैदान में पहुंचे. चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि अगर मंदिर बनवाना है तो आगे बढ़ो. यह सुनते ही पूरी भीड़ रामलीला मैदान से बाहर निकली.

प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने दक्षिण दिल्ली के तुग़लक़ाबाद स्थित मंदिर स्थल की तरफ़ जाने की कोशिश भी की पर रास्ते में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें शुरु हो गईं जिसके बाद पुलिस ने ख़बरों के मुताबिक़ आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया.

1 COMMENT

  1. राहुल पांडेय

    sc/st एक्ट के समय भी सुप्रीम कोर्ट गलत था, इस बार भी गलत है लेकिन जब राफेल जैसी घटना होती है तो इन्ही लोगो को सुप्रीम कोर्ट पर सबसे अधिक भरोसा होता है । जब अपने पर आती है उस समय सुप्रीम कोर्ट सबसे बढ़िया ।जब एक पत्रकार कुछ दिन पहले गिरफ्तार हुए था उस समय इनलोगो के लिए सुप्रीम कोर्ट सही था ।

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