Home ख़बर आज़ाद हों विश्वविद्यालय, किसी को ‘राष्ट्रविरोधी’ कहकर चुप कराना ग़लत-रघुराम राजन

आज़ाद हों विश्वविद्यालय, किसी को ‘राष्ट्रविरोधी’ कहकर चुप कराना ग़लत-रघुराम राजन

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रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने विश्वविद्यालयों में असहमति की आवाज़ों को ‘राष्ट्रविरोधी’ कहे जाने की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में निर्भयता के साथ बहसों और चर्चाओं का चलता रहना ज़रूरी है। विश्वविद्यालय ऐसे सुरक्षित स्थान होने चाहिए जहाँ किसी को राष्ट्रविरोधी बताकर चुप न कराया जा सके।

रघुराम राजन ने मुंबई में शुक्रवार को ‘क्रिया‘ नाम से स्थापित किए जा रहे विश्वविद्यालय के उद्घाटन समारोह में शिकागो विश्वविद्यालय का उदाहरण दिया जहाँ धुर विरोधियों को भी बोलने के लिए आमंत्रित किया जाता है। उन्होंन कहा कि ‘हमें विश्वविद्यालयों का ऐसे स्थान के रूप में सम्मान करना चाहिए जहां विचारों पर चर्चा होती हो और जहां आप अन्य पक्ष को यह कहकर चुप नहीं कराते हों कि आपको इस तरह बोलने का अधिकार नहीं है या आप राष्ट्र विरोधी हो.’

राजन ने कहा कि हमें एक समाज के तौर पर ऐसे सुरक्षित स्थानों का निर्माण करना होगा जहां बहस और चर्चाएं होती हैं, लोग जहां अपनी स्वतंत्रता का प्रयोग कर रहे हों, बोलने के लिए किसी लाइसेंस की जरूरत न हो, जहां वे अपने विचार व्यक्त कर सकते हों जो समाज को आगे बढ़ा सकते हैं।

राजन ने कहा, ‘कोई भी विश्वविद्यालय वाद-विवाद को आमंत्रित करता है तो मुद्दा यह है कि वाद-विवाद को संरक्षण दिया जाना चाहिए। मुद्दा बहस होना चाहिए। कभी-कभी कुछ अनाकर्षक विचार सामने आते हैं और वे दबा दिए जाते हैं।’

भारतीय कॉर्पोरेट जगत के दिग्गजों व कुछ अर्थशास्त्रियों ने ‘लिबरल आर्ट विश्वविद्यालय’ स्थापना के लिए हाथ मिलाया है। ‘क्रिया’ नाम का यह विश्वविद्यालय आंध्र प्रदेश की श्रीसिटी में स्थापित किया जाएगा। इस गठजोड़ का मक़सद देश में पूर्व स्नातक शिक्षा के स्तर में बदलाव लाना है।

विश्वविद्यालय संचालन परिषद के सलाहकार राजन ने कहा कि हम नई सोच रखने वाले भारतीयों का समूह तैयार करने का प्रयास कर रहे हैं जो दुनिया के विकास में योगदान देगा। जेएसडब्ल्यू समूह के सज्जन जिंदल जोकि संचालन परिषद के सदस्य हैं ने उम्मीद जताई कि विश्वविद्यालय दुनिया और देश की बेहतरीन प्रतिभाओं को साथ लाएगा। इंडसइंड बैंक के प्रमुख तथा विश्वविद्यालय के निगरानी बोर्ड के चेयरमैन आर.शेषसायी ने कहा कि प्रस्तावित लिबरल आर्ट विश्वविद्यालय में पहले चरण में 750 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएग।

विश्वविद्यालय के पहले बैच की शुरुआत जुलाई, 2019 में होगी जिसके लिए प्रवेश नवंबर से शुरू होगा.