Home ख़बर ‘दिव्यकुंभ’ में सफ़ाईकर्मियों की आवाज़,कवि अंशु मालवीय को पुलिस ने ‘अगवा’ किया...

‘दिव्यकुंभ’ में सफ़ाईकर्मियों की आवाज़,कवि अंशु मालवीय को पुलिस ने ‘अगवा’ किया !

SHARE

एक बुरी ख़बर। प्रयागराज में जारी कथित दिव्य कुंभ में सफाई कर्मचारियों के शोषण के मुद्दे पर अनवरत संघर्ष कर रहे जनकवि और सामाजिक कार्यकर्ता अंशु मालवीय को आज रात पुलिसवालों ने अगवा कर लिया। अगवा शब्द का इस्तेमाल इसलिए किया जा रहा है कि उन्होंने अंशु को ज़बरदस्ती काले शीशे वाली गाड़ी में बैठाया। न उनका जुर्म बताया और न ही उनके साथियों को यह बताया कि वे अंशु को कहाँ ले जा रहे हैं। अंशु सफाई कर्मचारियों की मज़दूरी बढ़ाने और अन्य सुविधाओं को लेकर लगातार मुखर थे जिससे खार खाए प्रशासन ने मौनी अमावस्या के स्नान के पहले उन पर रासुका लगाने की धमकी भी दी थी।

अंशु इलाहाबाद के प्रसिद्ध जनकवि हैं। साथ ही एक प्रतिबद्ध संस्कृतिकर्मी बतौर भी उनकी प्रसिद्धि है। इसके अलावा शहरी गरीबों से लेकर सफाई कर्मचारियों तक के मुद्दे पर वे लगातार आंदोलन करते नजर आते हैं। कुंभ और माघ मेले में बीते एक दशक से सांस्कृतिक हस्तक्षेप बतौर होने वाले मेले ‘सिरजन’ के आयोजन में भी उनकी बड़ी भूमिका रहती है। आज भी सिरजन के पंडाल में गांधी पर कठपुतली नाटक बस शुरू ही होने वाला था कि सादी वर्दी में पुलिस एक इनोवा गाड़ी से वहाँ पहुँची। गाड़ी में काले शीशे लगे हुए थे। उन्होंने सफाई कर्मचारियों के नेता दिनेश से फोन करवा के अंशु मालवीय को पंडाल के सामने रोड पर बुलवाया। अंशु जैसे ही वहाँ पहुँचे, उन्होंने बदतमीजी के साथ धक्का देते हुए उन्हें गाड़ी में भर लिया।

अंशु के साथियों ने पता लगाने की कोशिश की कि अंशु कहाँ हैं, लेकिन पुलिस ने कुछ बताने से इंकार कर दिया। इलाहाबाद के तमाम सामाजिक राजनीतिक कार्यकर्ता इस मुद्दे पर सक्रिय हुए तो प्रशासन ने इतना स्वीकार किया कि अंशु को पुलिस ने ही उठाया है और जल्दी ही बता दिया जाएगा कि वे कहाँ हैं। बहरहाल, प्रशासन लगातार उनके ख़िलाफ़ मुकदमा दर्ज करने की धमकी देता रहा। वैसे भी सफाई कर्मचारियों के आंदोलन से नाराज़ मेला प्रशासन के डीएम ने कुछ दिन पहले अंशु पर रासुका के तहत कार्रवाई की धमकी दी थी।

पुलिस की इस कार्रवाई से इलाहाबाद के बौद्धिक समाज ने कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए अंशु को तुरंत रिहा करने की माँग की है। अंशु मालवीय ने कुंभ में सफाई कर्मियों के हाल पर मीडिया विजिल में भी लिखा था। उनके कुछ लेखों के लिंक हम नीचे दे रहे हैं। उसके पहले पढ़िए उनकी एक कविता–

वैष्णव जन
आखेट पर निकले हैं!
उनके एक हाथ में मोबाइल है
दूसरे में देशी कट्टा
तीसरे में बम
और चौथे में है दुश्‍मनों की लिस्‍ट.

वैष्‍णव जन
आखेट पर निकले हैं!
वे अरण्‍य में अनुशासन लाएंगे
एक वर्दी में मार्च करते
एक किस्म के पेड़ रहेंगे यहां.

वैष्‍णव जन
आखेट पर निकले हैं!
वैष्‍णव जन सांप के गद्दे पर लेटे हैं
लक्ष्‍मी पैर दबा रही हैं उनका
मौक़े पर आंख मूंद लेते हैं ब्रह्मा
कमल पर जो बैठे हैं.

वैष्‍णव जन
आखेट पर निकले हैं!
जो वैष्‍णव नहीं होंगे
शिकार हो जाएंगे …
देखो क्षीरसागर की तलहटी में
नरसी की लाश सड़ रही है.

वैभव विलास के ‘दिव्य कुंभ’ में खो गया ‘अमौसा’ का मेला

स्वच्छ कुम्भ’ की बजबजाती दुनिया के ख़िलाफ़ 26 जनवरी को प्रदर्शन करेंगे

पुनश्च: अंशु मालवीय को अगवा किए जाने पर हुई व्यापक प्रतिक्रिया से घबराई पुलिस ने देर रात उन्हें छोड़ दिया। इस बीच उन्हें तमाम थानों में घुमाया गया। रासुका लगाने की धमकी दी गई। सवाल ये है कि आख़िर क्या सफाई कर्मचारियों के वेतन, काम के घंटे आदि का सवाल उठाना इतना बड़ा अपराध है कि सरकार दुश्मनों की तरह व्यवहार करने लगे। ऐसी सरकार को क्या जनता, खासतौर पर मेहनतकशों का दुश्मन नहीं माना जाना चाहिए?

3 COMMENTS

  1. Jara gor se dekhiye. 8 January ko Trade union act me badlav. Congress police dwara Neemrana Daikin ke Mazdooro par lathicharge bhi 8 Ko aur 10 central trade union centre ki “Tathakathit hadtal” bhi 8,9 January ko.
    Aur ab to Gautam navlakha , teltumbde jeso Ko bhi ….? Sansodhanvadi trade union centre ke leaders se Pucho na …
    YE HE TUMHARI SAAL DAR SAAL “. ETIHASHIK HADTALE “

  2. Hadtal me koi prachar kabhi nahi karte. Goya gopniya hadtal ho. Tabhi to 1 lakh ki population vale Sidcul , Rudrapur, Uttarakhand me 300 log hi hadtal me the. 10 ,20 karod ka data jhootha he.
    KYA KOI BATAYEGA NCR ME KITNE MAZDOOR HE AUR HADTAL ME KITNE THE. RAJASTHAN, TAMILNADU, BENGAL ME? GADDAARO AB MAKKARI BHI ?

LEAVE A REPLY

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.