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मध्य प्रदेश: शिवराज फिर बने मुख्यमंत्री, कोरोना को बताया पहली प्राथमिकता

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कोरोना वायरस से जंग के बीच शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को रात नौ बजे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. 20 मार्च को कमलनाथ के इस्तीफे के बाद सीएम पद की दौड़ में शिवराज ही सबसे मजबूत दावेदार थे.

शिवराज चौहान चाथी बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बने हैं.

शपथ के बाद उन्होंने कहा कि यह मौका उत्सव का नहीं है. एक ट्वीट भी किया, इसमें लिखा- प्राथमिकता कोरोना वायरस से मुकाबला, बाकी सब बाद में …

शिवराज के सीएम पद की शपथ लेने के बाद मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ ने उन्हें बधाई दी. कमलनाथ ने ट्वीट करते हुए कहा लिखा- “प्रदेश के 19वें मुख्यमंत्री के रूप में श्री शिवराज सिंह चौहान के शपथ लेने पर मै उन्हें बधाई देता हूं. साथ ही उम्मीद करता हूं कि कांग्रेस सरकार द्वारा विगत 15 माह में शुरू किये गये जनहितैषी कार्यों, निर्णयों व योजनाओं को प्रदेश हित में वे आगे बढ़ाएंगे.”

इससे पहले शिवराज सिंह चौहान को विधायक दल का नेता चुना गया. भाजपा विधायक दल की बैठक से पहले गोपाल भार्गव ने नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफा दे दिया. इसके बाद विधायक दल की बैठक शुरू हुई. बैठक में शिवराज और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा मौजूद थे. गोपाल भार्गव ने शिवराज के नाम का प्रस्ताव रखा. शर्मा ने उसका समर्थन किया. कुछ ही विधायक बैठक में मौजूद थे.

कोरोना का संक्रमण न फैले, इसका एहतियात लेते हुए बाकी विधायकों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बैठक में हिस्सा लिया. सभी विधायकों ने शिवराज के नाम पर मुहर लगायी और उन्हें अपना नया नेता चुन लिया.

मध्य प्रदेश में 22 विधायकों के साथ छोड़ने से कांग्रेस को सत्ता गंवानी पड़ी है. ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीजेपी में जाते ही कमल नाथ की 15 महीने सरकार गिर गई और उनको इस्तीफा देना पड़ा था.

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