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एक जनरल के बयान से निकला चीनी क़ब्ज़े का सच, दिग्विजय ने माँगा पीएम का इस्तीफ़ा

अब तक चुप रही सेना की ओर से पहली बार एक आधिकारिक बयान आया है जो बताता है कि सरकार ने किस तरह से चीन के मुद्दे पर जनता से झूठ बोला है। नार्दन एरिया कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वाई.के.जोशी ने कहा है कि "सेना वास्तविक नियंत्रण रेखा पर यथास्थिति बहाल करने की पूरी कोशिश करेगी।

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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की ज़मीन पर किसी ने कब्जा नहीं किया, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी चुनावी अंदाज़ में इसे दोहराया, फिर लगभग सभी न्यूज़ चैनल और अख़बार इसे सम्पुट की तह दोहराने लगे। कुछ ने तो यहाँ तक कहा कि मोदी जी की लाल आँखें देखकर चीन दुम दबाकर भाग खड़ा हुआ।

देश की जनता के सामने विश्वास करने के अलावा चारा क्या था। जो राहुल गाँधी इस मसले पर कुछ तथ्यात्मक जानकारी दे रहे थे, उन्हें तो परिवार के व्हाट्सऐप ग्रुप में पप्पू घोषित किया जा चुका है।

बहरहाल, अब तक चुप रही सेना की ओर से पहली बार एक आधिकारिक बयान आया है जो बताता है कि सरकार ने किस तरह से चीन के मुद्दे पर जनता से झूठ बोला है। नार्दन एरिया कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वाई.के.जोशी ने कहा है कि “सेना वास्तविक नियंत्रण रेखा पर यथास्थिति बहाल करने की पूरी कोशिश करेगी।” (continue all efforts to restore status quo ante along the LAC”)

ले.जनरल जोशी ने ‘status quo ante’ कहा है जिसका अर्थ होता है यूद्धपूर्व स्थिति। यह साफ़ बताता है कि चीनी सेना भारत भूमि में घुसी हुई है और उसे वापस भेजना अभी तक संभव नहीं हुआ है।

19 जून को प्रधानमंत्री मोदी ने ऐलान किया था कि भारत की भूमिक पर न कोई घुसा है और न ही कोई भारत की जमीन पर मौजूद है। न हमारी कोई पोस्ट किसी के कब्जे में गयी है। 17 जुलाई को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने हुंकार भरी थी कि कोई भी ताकत भारत की एक इंच जमीन पर भी कब्जा नहीं कर सकती।

बहरहाल, इस संबंध में चीन के साथ सैन्य स्तर की वार्ता जारी है। ले.जनरल जोशी का यह बयान अंग्रेजी चैनल CNN NEWS18 के एक इंटरव्यू में है।

द टेलीग्राफ़ में छपी ख़बर के मुताबिक तमाम वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने कहा है कि सैनिकों की वापसी का मसला पूरी तरह सैन्य कमांडरों पर नहीं छोड़ा जाना चाहिए। बल्कि इसे राजनीतिक हस्तक्षेप द्वारा उच्च स्तर पर हल किया जाना चाहिए। राजनीतिक नेतृत्व को यथास्थिति की पुनर्बहाली के लिए कंट्रोल अपने हाथ में लेना चाहिए।

उधर, कांग्रेस ने इसे एक और प्रमाण बताया है भारतीय भूमि पर चीनी कब्जे का जिससे मोदी सरकार लगातार इंकार कर रही है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने टेलीग्राफ़ की ख़बर ट्वीट कर प्रधानमंत्री मोदी से इस्तीफा मांगा है।

 

 

उधर, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी भी लगातार सरकार पर इस मुद्दे पर हमलावर हैं। उन्होंने अपना नया वीडियो जारी करके कहा है कि उपग्रह चित्रों से स्पष्ट है कि चीन ने भारत की भूमि पर क़ब्जा कर लिया है और वे इस मुद्दे पर झूठ नहीं बोल सकते। वे सच बताते रहेंगे चाहे उनका पूरा रानीतिक करियर बरबाद हो जाये। उन्होंने कहा है कि इस मुद्दे पर देश से झूठ बोलने वाले असल देशद्रोही हैं।



 

 

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