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‘कोटा के छात्रों को घर वापस लाओ’ – कोटा से पटना तक विरोध प्रदर्शन

पटना में पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष मनीष यादव समेत अन्य छात्रों ने कोटा में फंसे छात्रों को वापस लाने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्णय के खिलाफ धरना दिया, इन छात्रों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

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पटना से लेकर कोटा तक बिहार सरकार के लिए नाराज़गी साफ़ दिखाई दे रही है। जहाँ एक तरफ़ कोटा में फंसे छात्र बिहार सरकार और मुख्यमंत्री नितीश कुमार के ख़िलाफ़ सड़कों पर प्रदर्शन करने उतर आये तो वहीँ पटना में भी छात्रों ने कोटा में फंसे छात्रों और अन्य राज्यों में फंसे गरीब मजदूरों के लिए प्रदर्शन किया। दोनों ही शहरों में बिहार सरकार को अपनी ज़िम्मेदारी न निभाने के लिए दोषी ठहराते हुए ये विरोध प्रदर्शन किये गए हैं। देशव्यापी लॉकडाउन की वजह से कोटा में फंसे मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे छात्रों को कई राज्य सरकारों ने कोटा से उनके घर ले जाने की व्यवस्था कर दी लेकिन बिहार सरकार अभी तक अपने राज्य के छात्रों को वापस बुलाने के लिए तैयार नहीं है।

कोटा में फंसे बिहार के छात्रों का प्रदर्शन

 

 

कोटा में फंसे छात्रों ने नितीश कुमार के इस रेवैये से नाराज़ होकर बिहार सरकार के ख़िलाफ़ सड़कों पर आकर प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि “जब सभी राज्य सरकारें अपने यहाँ के बच्चों को वापस ले जा सकती हैं तो फिर बिहार सरकार ऐसा क्यों नहीं कर सकती?” कोटा पुलिस ने लॉकडाउन के दौरान हुए इस प्रदर्शन को नियमों का उल्लंघन मानते हुए मामला दर्ज़ कर लिया है। कोटा में रह रहे छात्रों को आरोप है कि उनको रहने और खाने की समस्या हो रही है। कमरे और उनके हॉस्टल के किराये के लिए भी उन्हें परेशान किया जा रहा है।

कोटा पुलिस ने छात्रों के प्रदर्शन के बाबत, कोचिंग संचालकों पर दर्ज की एफआईआर

ऐसी ही एक ख़बर पटना से है जहाँ पटना विश्वविद्यालय के छात्रों ने अपने विश्वविद्यालय के गेट पर कोटा में फंसे छात्रों के लिए प्रदर्शन किया। साथ ही उनका कहना है कि बिहार के जो मजदूर किसी अन्य राज्य में फंसे हैं, उनको भी बिहार सरकार वापस ले आये। अभी पटना में PU मुख्य द्वार पर पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष मनीष यादव, छात्र परिषद के प्रदेश अध्यक्ष विशाल कुमार, विनय कुमार, आदित्य कुमार आदि छात्रों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्णय के खिलाफ धरना दिया और मांग की, कि कोटा में फंसे बच्चों को बिहार लाया जाए। जहाँ से पुलिस द्वारा इन्हें हिरासत में ले लिया गया। पुलिस का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान प्रदर्शन करना लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन है। इसीलिए हमने इन्हें हिरासत में लिया है।

पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ का कोटा के छात्रों के लिए प्रदर्शन, हिरासत में लिए गए

आपको बता दें कि इसके पहले पटना में लोगों ने अपने घर पर ही रहकर इन छात्रों और मजदूरों को बिहार वापस लाने के लिए प्रदर्शन किया था। जिसको बिहार सरकार ने अनसुना कर दिया था। वैसे तो बिहार सरकार इन छात्रों और मजदूरों को वापस लाने के लिए बिलकुल तैयार नहीं दिखाई दे रही है लेकिन अपने विधायक साहब के बच्चे को कोटा से लाने के लिए ख़ासतौर पर वाहन पास की व्यवस्था कर देती है।

आपको हम इस घटना से जुड़ी जानकारी पर आगे भी अपडेट करते रहेंगे।