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ह्यूस्टन पुलिस चीफ़ ने कहा, ‘ट्रंप कुछ कर नहीं सकते, तो अपना मुंह बंद रखें’

अमेरिका के ह्यूस्टन शहर के पुलिस चीफ के बयान को अपने देश के हालात से जोड़कर देखिए कि कैसे पुलिस सेवा के बड़े से बड़े अधिकारी सत्ता की सेवा में लगे रहते हैं। दंगों से लेकर अपराध रोकने और गरीबों से बर्ताव के मामले में हमारी पुलिस आम आदमी के साथ कब खड़ी दिखाई देती है? सोचिए और ह्यूस्टन के पुलिस चीफ के बयान को बार-बार सुनिए...

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‘मैं देश के सारे पुलिस चीफ़ की ओर से राष्ट्रपति से ये कहना चाहता हूं कि वो कुछ रचनात्मक नहीं कर सकते हैं, तो कम से कम अपना मुंह बंद रखें।’ क्या हम ये सोच भी सकते हैं कि हमारे देश में किसी भी शहर या राज्य की पुलिस का कोई मुखिया, किसी छोटे नेता के लिए भी ऐसा कुछ कह सकता है? हमने हमेशा अपने देश और समाज में पुलिस को सत्ता के चाकर की तरह देखा है। लेकिन अमेरिका के ह्यूस्टन शहर के पुलिस मुखिया ने ये बात सीएनएन एक के शो में लाइव बोली। उन्होंने ये बात राष्ट्रपति ट्रंप के राज्यों के गवर्नरों से कही गई उस बात के संदर्भ में कही, जिसमें वे कुछ राज्यों के गवर्नर्स से ये कहते सुनाई दिए थे कि उनको प्रदर्शनकारियों को दबाव में लेना चाहिए। उन्होंने कहा था, ‘अगर आप लोगों को दबा नहीं सकते, तो आप वक़्त बर्बाद कर रहे हैं।’

अमेरिका में लगातार उफान पर चल रहे, रंगभेद विरोधी आंजदो सीएनएन इंटरनेशनल की एंकर क्रिस्टियान एमनपोअर ने एक कार्यक्रम में लाइव चैट में जब राष्ट्रपति के इस संवाद पर ह्यूस्टन शहर के पुलिस चीफ आर्ट एसेवेडो से सवाल किया कि क्या वो इस बयान पर कुछ सोचते हैं, तो उन्होंने जवाब में बेहद गंभीर मुद्रा में आक्रामक होते हुए कहा, “मैं राष्ट्रपति महोदय से अपनी ओर से, बल्कि पूरे देश के पुलिस चीफ्स की ओर से दरख़्वास्त करता हूं कि अगर उनके पास कहने को कुछ रचनात्मक नहीं है। तो वह अपना मुंह बंद रखें। (Let me just say this to the President of the United States, on behalf of the police chiefs of this country: please, if you don’t have something constructive to say, keep your mouth shut.)”

आर्ट एसेवेडो ने आगे कहा, “बात दबाव या दबाने की है कि नहीं, असल बात है कि लोगों का दिल कैसे जीता जाए। मैं राष्ट्रपति से अनुरोध करता हूं कि इस तरह की बातों से नौजवानों की जान ख़तरे में न डालें।” बेहद गंभीर तरीके से उन्होंने इसके आगे बोलते हुए, लोगों को दरअसल डेमोक्रेसी का मूलभूत सिद्धांत भी समझा दिया। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि इस मामले को केवल पुलिस या आंदोलनकारियों के परिप्रेक्ष्य में देखना ही ग़लत है। ये पूरी समस्या राजनैतिक और सामाजिक है। मैं नागरिकों से विनती करता हूं कि अगली बार जब वो वोट डालने जाएं, तो ये याद रखें कि वो किसको वोट दे रहे हैं। 

एसेवेडो ने कहा कि हम जब किसी ऐसे नेता को चुनते हैं, जो इस तरह की बातें करता है। लोगों में भेदभाव का समर्थन करता है और अधिकारों का सम्मान नहीं करता है – तो हम ऐसी घटनाओं को कैसे रोक सकते हैं? जो कुछ मिनिएपोलिस में हुआ वह अमानवीय है, उसका किसी तरह समर्थन नहीं किया जा सकता है। हमको क़ानून व्यवस्था बनाए रखनी है, हिंसा भी रोकनी है – लेकिन इसका कोई मतलब नहीं है अगर हम लोगों को भरोसे में लेकर उनका दिल न जीत सकें।

ह्यूस्टन पुलिस चीफ का भावुक भाषण

ह्यूस्टन के पुलिस चीफ आर्ट एसेवेडो एक दिन पहले चर्चा में तब आए थे, जब उन्होंने शहर के एक चर्च में जॉर्ज फ्लॉएड को लेकर बेहद भावुक भाषण दिया था। इस भाषण में उन्होंने जॉर्ज फ्लॉएड के परिवार और न्याय की मांग कर रहे लोगों के साथ एकजुटता में खड़े रहने की बात कही थी। अब प्रदर्शनकारी, एसेवेडो का सम्मान करने की तैयारी में हैं। ज़ाहिर है कि अमेरिका में एक पुलिसकर्मी इस तरह की बात कह सकता है और उसका इस बात के लिए सम्मान होता है। लेकिन हमारे यहां, शायद एसेवेडो का ट्रांसफर या सस्पेंशन हो जाता। हमको सोचने की ज़रूरत है कि लोकतंत्र क्या है और हमारा लोकतंत्र कैसा है?

अमेरिका के ह्यूस्टन शहर के पुलिस चीफ के बयान को अपने देश के हालात से जोड़कर देखिए कि कैसे पुलिस सेवा के बड़े से बड़े अधिकारी सत्ता की सेवा में लगे रहते हैं। दंगों से लेकर अपराध रोकने और गरीबों से बर्ताव के मामले में हमारी पुलिस आम आदमी के साथ कब

खड़ी दिखाई देती है? सोचिए और ह्यूस्टन के पुलिस चीफ के बयान को बार-बार सुनिए…


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