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दिल्ली के अस्पतालों और दिल्ली सरकार के कोरोना संक्रमण से हुई मौतों के आंकड़ों में फ़र्क क्यों?

एक रिपोर्ट के मुताबिक लोकनायक अस्पताल, राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और एम्स के दिल्ली और झज्जर स्थित कोविड 19 सेंटर्स में कोरोना संक्रमण से कुल 116 लोगों की मृत्यु हुई है लेकिन इन चारों अस्पतालों के डाटा और दिल्ली सरकार के डाटा में फ़र्क है।

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महाराष्ट्र,गुजरात के बाद कोरोना संक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित दिल्ली है। दिल्ली सरकार के मुख्य चिकित्सा अधिकारी के ट्विटर पर जारी किये आंकड़ों के हिसाब से दिल्ली में करीब 6542 कोरोना संक्रमण के मामले हैं। 68 लोगों की मृत्यु हुई है। वहीं दिल्ली में कोरोना संक्रमण का इलाज कर रहे अस्पतालों के द्वारा मृतकों की संख्या 116 बताई जा रही है। इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक लोकनायक अस्पताल, राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और एम्स के दिल्ली और झज्जर स्थित कोविड 19 सेंटर्स में कोरोना संक्रमण से कुल 116 लोगों की मृत्यु हुई है लेकिन इन चारों अस्पतालों के डाटा और दिल्ली सरकार के डाटा में फ़र्क है। इसी तरह द हिंदू में 9 तारीख की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि दिल्ली सरकार के हिसाब से मौतों की संख्या 68 है जबकि द हिंदू की जानकारी में दिल्ली के सिर्फ़ दो अस्पतालों में ही 107 लोगों की मृत्यु कोरोना संक्रमण की वजह से हुई है। दिल्ली सरकार के मुताबिक राम मनोहर लोहिया अस्पताल में 26 लोगों की मृत्यु कोरोना संक्रमण से हुई है। जबकि राम मनोहर लोहिया अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक मिनाक्षी भारद्वाज ने द हिंदू से बातचीत में बताया कि शुक्रवार तक 52 लोगों की मृत्यु हुई है। हमने दिल्ली सरकार को मृतकों की संख्या कम नोट किये जाने के बारे में कई बार सूचित किया है। साथ ही सरकार द्वारा पॉजिटिव कोरोना संक्रमण के जितने केस नोट किये गए हैं, वो भी हमारे अस्पताल के रिकॉर्ड से कम हैं। हम नियमित रिपोर्ट भेजते हैं, फ़िर भी पता नहीं क्यों सरकार कम संख्या ही बता रही है ?

इसी तरह एलएनजेपी अस्पताल में दिल्ली सरकार के मुताबिक कोविड 19 से 5 लोगों की मृत्यु हुई है। जबकि नेशनल हेराल्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार एलएनजेपी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ जे.सी.पासे अस्पताल में 47 लोगों की मृत्यु होने की बात स्वीकारते हैं। साथ ही कहते हैं कि मुझे नहीं पता क्यों कम नंबर्स दिखाए जा रहे हैं ? आप सरकार से पूछिये।  एम्स के चिकित्सा अधीक्षक डॉ डी के शर्मा का कहना है कि गुरुवार रात तक 14 लोगों की मृत्यु हो चुकी है लेकिन सरकारी आंकड़ों में दो ही लोगों की मृत्यु की बात है। हम तो पूरा डाटा देते हैं। शायद सरकार केवल दिल्ली एम्स के कोविड 19 सेंटर का ही डाटा दिखा रही हो। झज्जर कोरोना सेंटर वैसे तो हरियाणा में आता है लेकिन दिल्ली के मरीज़ भी यहां भेजे जाते हैं। इसी तरह लेडी हार्डिंग अस्पताल के मुताबिक अब तक कोरोना से 3 लोगों की मृत्यु हुई है लेकिन दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने एक भी मृत्यु की पुष्टि नहीं की है।

हालांकि दिल्ली सरकार कोरोना से हुई मृत्यु के आंकड़ों को कम करके बताने के आरोपों से इंकार करती है। सरकार के प्रवक्ता का कहना है, “ये आरोप राजनीति से प्रेरित हैं। हम हर एक तथ्य को सही ढंग से और पारदर्शिता के साथ दिखा रहे हैं।” उन्होंने बताया कि दिल्ली में कोरोना संक्रमण के केस बढे हैं तो हमने उन्हें बढ़ा हुआ ही बताया है। अगर हमें आंकड़ो से छेड़छाड़ करनी होती तो अभी आ रहे आकंड़ो से भी करते। हमने दिल्ली में टेस्टिंग की संख्या बढ़ाई है। हमारी नीयत में ईमानदारी है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन का इस विषय में कहना है कि दिल्ली सरकार द्वारा डाटा छिपाने का तो सवाल ही नहीं है, क्योंकि यदि कोई पॉजिटिव पाया जाता है तो ये छिपाया नहीं जाना चाहिए। रिपोर्ट्स के आने पर सरकार को सूचित करना चाहिए।

इस ख़बर पर हम आपको आगे भी अपडेट देते रहेंगे

 

 

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