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पॉवर प्लांट के लिए ज़मीन कब्जाने में दैनिक भास्कर को निजी गुंडों का सहारा, कोर्ट को दिखाया ठेंगा

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रायगढ़ मुनादी

अबतक मसल पावर, पोलिटिकल पावर, फाइनेंशल पावर के जोर पर लोग कानून को धता बताते रहे हैं पर दैनिक भास्कर अपने पावर प्लांट के लिए मीडिया हाउस के सहारे दबंगई पर उतारू है। अपने सुरक्षा गार्ड के सहारे कुनकुनी के सरपंच की जमीन पर जबर्दस्ती कब्जा करने की कोशिश कर रही है जबकि हाइकोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया हुआ है।

डीबी पावर की दबंगई दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, यहां तक कि हाई कोर्ट के आदेश को भी जिला प्रशासन के साथ सांठगांठ कर रद्दी की टोकरी में डालने से गुरेज नहीं कर रहे हैं। इसके पहले भी डीबी पावर द्वारा बिना समुचित मुआवजा दिए ग्रामीणों की जमीन पर जबरन कब्जा कर निर्माण कार्य कराया जा रहा था लेकिन ग्रामीणों के हंगामे के बाद रोक दिया जाता था लेकिन इस बार डीबी पावर अपने गार्डों की तैनाती कर जबरन ग्रामीणों की जमीन पर निर्माण कार्य कराने पर आमादा है।
रविवार को डीबी पावर द्वारा सुबह से ही कंपनी के गार्डों की तैनाती कर जबरन कब्जा कर निर्माण कराने पर तुला हुआ है। सुबह से डीबी पावर द्वारा अपने गार्डनुमा गुर्गों को भारी संख्या में तैनात कर दिया है ताकि किसी भी हो हंगामे से निपटा जा सके। डीबी पावर के साथ जिला प्रशासन द्वारा भी हमेशा ग्रामीणों पर दबाव बनाकर बिना मुआवजा दिए जमीन पर कब्जा कर निर्माण कराने पर अमादा रहता है।
रविवार को भी कुछ ऐसा ही नज़ारा देखने को मिला जब डीबी पावर के अधिकारी कंपनी के गार्डों के साथ गांव के सरपंच की जमीन पर कब्जा कर निर्माण कराने पहुंचे। मौके पर डीबी पावर के भारी संख्या में गार्डों की तैनाती को देखते ही ग्रामीणों को समझते देर नहीं लगी। बताया जा रहा है कि मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण पहुंचने लगे हैं स्थिति कभी भी तनावपूर्ण हो सकती है।
खास बात यह है कि इस मामले में ग्रामीणों द्वारा हाई कोर्ट में याचिका भी दायर किया था जिस पर हाई कोर्ट द्वारा कलेक्टर को समुचित मुआवजा दिलाने के बाद ही काम शुरू करने का निर्देश दिया गया था लेकिन इसके बाद भी डीबी पावर सहित जिला प्रशासन दबंगई पर उतारू है।
जिस तरह से मौके पर भारी संख्या में डीबी पावर के अधिकारी कर्मचारियों के साथ डीबी पावर के गार्डों को तैनात किया गया है इससे जाहिर है कि दबाव बनाकर बलपूर्वक ग्रामीणों की जमीन पर कब्जा कर रेल लाईन का निर्माण कराने पर अमादा है। यदि इस पर जिला प्रशासन समय रहते ध्यान नहीं दिया तो स्थिति कभी भी विस्फोटक हो सकती है।
सामाजिक कार्यकर्ता हिमांशु कुमार ने लिखा है:


खबर साभार मुनादी डॉट कॉम से