आगरा में जिंदा जलाई गई नाबालिग़ दलित लड़की की मौत, इंसाफ़ के लिए शुरू हुई मुहिम


यूपी में कानून-व्यवस्था की दृष्टि से हालात दिन ब दिन बेकाबू होते जा रहे हैं


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हालाँकि मीडिया यूपी में जंगल राज जैसे शीर्षक देकर ख़बर लिखने को तैयार नहीं है, लेकिन कानून-व्यवस्था की दृष्टि से हालात दिन ब दिन बेकाबू होते जा रहे हैं। चार दिन पहले आगरा में जिस नाबालिग दलित लड़की संजली को जिंदा फूंकने की कोशिश की गई थी वह दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में जिंदगी के लिए जूझते हुए मौत से हार गई। लड़की की उम्र महज़ 15 साल थी। इस घटना के बाद गुस्सा भड़क उठा है जो सोशल मीडिया पर भी नज़र आ रहा है। संजली के इंसाफ़ दिलाने के लिए मुहिम शुरू की गई है।

बीते मंगलवार को आगरा शहर से से 20 किलोमीटर दूर ललाउ गांव के पास दो युवकों ने नाबालिग संजली के ऊपर पेट्रोल छिड़कर उसे आग के हवाले कर दिया था। वह 75 फीसदी तक झुलस गई थी। गंभीर हालत में उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन वह बच नहीं सकी। घटना के बाद दोनों आरोपी फरार हैं जिनकी पुलिस तलाश कर रही है।

इस घटना से न सिर्फ दलित समाज, बल्कि सभी इंसाफपसंद लोग भी काफी गुस्से में है। हर किसी की जबान पर योगी राज को लेकर गुस्सा है। स्थानीय अख़बारों में इस गुस्से की आग देखी जा सकती है। यहाँ अमर उजाला का पन्ना आप देख सकते हैं।

सोशल मीडिया में भी इसकी व्यापक प्रतिक्रिया है। मशहूर पत्रकार दिलीप मंडल ने लिखा है-

आगरा में दलित समाज की लड़की को जिस तरह दबंगो द्वारा जला कर मार डाला गया है। वह हमारे समाज को झकझोर देने वाला है।

लेकिन इस news को पढ़कर केवल अफ़सोस ज़ाहिर करने से कुछ नहीं होने वाला है। हमें इसका विरोध करना होगा।

आप इसके विरोध में लिखिये, SHARE करिये, जो हो सके वह करिये पर कुछ ना कुछ ज़रूर करिये । तब तक करिये जब तक #SANJALI के हत्यारे जेल में ना पहुँच जाये।

जाँच पूरी होने से पहले संजलि के परिजनों को आज ही एक करोड़ रुपए और एक परिजन को क्लास वन अफ़सर की सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए

इस संबंध में संजलि को न्याय दिलाने का अभियान शुरू किया गया हो जो सोशल मीडिया में तेजी से फैल रहा है। देखना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अन्य घटनाओं की तरह इसमें भी परिवार को मुआवजे और नौकरी का इंतजाम करते हैं या नहीं।


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