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बिहार: रूपनचक जनसंहार के खिलाफ 31 मई को भाकपा माले का राज्यव्यापी विरोध

भाकपा माले राज्य सचिव कुणाल ने कहा कि अगर नीतीश जी में थोड़ी भी नैतिकता बची है तो वे सबसे पहले अमरेन्द्र पांडेय को पार्टी से निकालें और उनकी विधानसभा सदस्यता खारिज करवाएं। लेकिन वे ऐसा नहीं करेंगे, क्योंकि आज बिहार पूरी तरह सामंती-अपराधियों के चंगुल में है और 'सुशासन' का नरेटिव बेनकाव हो चुका है.

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बिहार के रूपनचक जनसंहार के खिलाफ भाकपा माले 31 मई को राज्यव्यापी विरोध दिवस आयोजित करेगा। राज्यव्यापी के जरिये विधायक अमरेंद्र पांडेय की गिरफ्तारी व विधानसभा सदस्यता खारिज करने, जनसंहार पीड़ितों को 1 करोड़ का मुआवजा और गाँव में तत्काल पुलिस कैम्प की व्व्यवस्था की भी मांग उठाई जाएगी.

इस बीच, भाकपा माले के राज्य सचिव कुणाल ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सहित कई राजद नेताओं पर लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने के नाम पर मुकदमा थोपे जाने की निंदा की है. माले राज्य सचिव ने कहा कि लॉक डाउन में भाजपा-जदयू के विधायको को जनसंहार रचाने की छूट मिली हुई है, लेकिन इसका विरोध करने पर मुकदमा झेलना पड़ रहा है.

माले राज्य सचिव ने कहा कि अगर नीतीश जी में थोड़ी भी नैतिकता बची है तो वे सबसे पहले अमरेन्द्र पांडेय को पार्टी से निकालें और उनकी विधानसभा सदस्यता खारिज करवाएं। लेकिन वे ऐसा नहीं करेंगे, क्योंकि आज बिहार पूरी तरह सामंती-अपराधियों के चंगुल में है और ‘सुशासन’ का नरेटिव बेनकाव हो चुका है.

उन्होंने कहा कि भाजपा-जदयू को शर्म आना चाहिए कि उनके विधायक और पाले-पोसे गए अपराधी इस महाविकट दौर में भी लोगों की हत्या कर रहे हैं, जब लोग भूख-गरीबी और अन्य कई प्रकार की समस्यायों से जूझ रहे हैं.

इसके पहले 29 मई को भाकपा-माले का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमण्डल गोपालगंज जिले के हथुआ प्रखंड के रूपनचक गांव पहुंचा, जहां विगत 24 मई को बर्बर जनसंहार रचाया गया. आरोप बाहुबली जदयू विधायक अमरेंद्र पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय गिरोह पर है. भाकपा-माले के नेता जनसंहार में किसी तरह बच गए जेपी यादव के परिजनों व ग्रामीणों से मुलाकात की. गांव में ही जनसंहार में मारे गए लोगों के प्रति शोक व श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. ग्रामीणों ने माले नेताओं को वे स्पॉट दिखलाए जहां अभी भी खून के धब्बे मौजूद हैं. साथ ही गोली से दीवाल पर बने गहरे निशान को भी देखा.

टीम में भाकपा-माले के राज्य सचिव कुणाल, पोलित ब्यूरो के सदस्य धीरेन्द्र झा, दरौली विधायक सत्यदेव राम, पूर्व विधायक अमरनाथ यादव, केंद्रीय कमिटी के सदस्य नईमुद्दीन अंसारी, गोपालगंज जिला सचिव इंद्रजीत चौरसिया, जितेंद्र राम आदि शामिल थे.

भाकपा-माले नेताओं ने ग्रामीणों से बातचीत की और पूरे मामले की जांच-पड़ताल की. माले नेताओं ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि यह जनसंहार भाजपा-जदयू संरक्षित सामंती-अपराधियों द्वारा रचाया गया है. इसके मुख्य सूत्रधार जदयू के बाहुबली विधायक अमरेंद्र पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय की विधानसभा सदस्यता अविलम्ब खारिज होनी चाहिए और उनकी तत्काल गिरफ्तारी होनी चाहिए. नीतीश कुमार के तथाकथित सुशासन के झूठे नरेटिव की हकीकत आज पूरे राज्य के सामने है.

भाकपा-माले के राज्य सचिव कुणाल ने कहा कि अमरेंद्र पांडेय की गिरफ्तारी व विधानसभा सदस्यता खारिज करने को लेकर 26 मई को गोपालगंज में प्रतिवाद किया गया था और फिर विधानसभा अध्यक्ष को भी हमारी पार्टी के विधायक दल ने ज्ञापन सौंपा, लेकिन लगता है कि सरकार पर कोई असर नहीं पड़ रहा है. इसलिए हमने इस बर्बर जनसंहार के खिलाफ आगामी 31 मई को राज्यव्यापी प्रतिवाद करने का फैसला किया है और व्यापक विपक्षी एकता के आधार पर जनसंहार के खिलाफ आंदोलन तेज करने का भी आह्वान किया है.

भाकपा माले पोलित ब्यूरो सदस्य धीरेन्द्र झा ने अपने बयान में कहा कि आज पूरा बिहार अपराधियों की गिरफ्त में है, इसके खिलाफ विपक्ष की पार्टियां एकजुट होकर संघर्ष करेंगी. दरौली विधायक सत्यदेव राम ने कहा कि भाजपा-जदयू के सरंक्षण में आज गोपालगंज में अपराधियों की समानान्तर सरकार चल रही है, इसे उखाड़ फेंकना होगा. पूर्व विधायक कॉमरेड अमरनाथ यादव ने कहा कि सतीश पांडेय जैसे अपराधियो को माले ने सिवान से भगाया है, और ये अब गोपालगंज में आकर तांडव मचा रहे हैं. इस लॉकडाउन में जब लोग भूख और अन्य समस्याओं से जूझ रहे हैं, तब ये लोग बर्बर जनसंहार को अंजाम दे रहे हैं. इस बर्बर कृत्य के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी.

माले नेताओं ने मृतक परिजनों के लिए तत्काल 1 करोड़ की राशि उपलब्ध कराने की मांग नीतीश सरकार से की है. यह भी कहा कि ग्रामीण फिर किसी अनहोनी से भयभीत हैं, लेकिन सरकार और जिला प्रशासन ने कोई पुलिस कैम्प नहीं स्थापित किया है. हमारी मांग है कि गांव में अविलम्ब कैम्प की व्यवस्था की जाए.

इसके पहले 28 मई को भाकपा-माले विधायक दल की ओर से विधायक सत्यदेव राम ने विधानसभा के अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी से मुलाकात करके एक पत्र सौंपा और कुचायकोट से जदयू के बाहुबली विधायक पप्पू पांडेय की विधानसभा सदस्यता खारिज करने की मांग की.

 

पत्र में कहा गया है कि विगत 24 मई को गोपालगंज के बर्बर रूपचक जनसंहार ने एक बार फिर से साबित कर दिया है कि बिहार में ‘सुशासन’ का नरेटिव झूठ की बुनियाद पर निर्मित किया जाता रहा है. वास्तव में, आज राज्य की कानून-व्यवस्था पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है और बाहुबलियों का तांडव यथावत जारी है.

सबसे चिंता की बात तो यह है कि रूपचक जनसंहार का मुख्य आरोप कुचायकोट से जदयू के वर्तमान विधायक अमरेंद्र पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय पर है, जिनकी छवि एक बाहुबली की है. भाजपा-जदयू में ऐसे कई नेता-विधायक भरे पड़े हैं.

ऐसे जघन्य अपराधों को किसी भी कीमत पर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. इसलिए, आपसे भाकपा-माले विधायक दल की अपील है कि विधानसभा अध्यक्ष होने के नाते आप अपने स्तर से पहलकदमी लें. बाहुबली विधायक पप्पू पांडेय की विधानसभा सदस्यता खारिज होनी चाहिए ताकि राजनीति व समाज के अपराधीकरण की प्रवृतियों पर अकुंश लगाया जा सके.


विज्ञप्ति पर आधारित

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