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तीस्ता सेतलवाड़ को बड़ा सम्मान, ब्रिटिश कोलंबिया यूनीवर्सिटी ने दी मानद डॉक्टरेट की उपाधि

कनाडा की प्रतिष्ठित ब्रिटिश कोलंबिया यूनीवर्सिटी ने अपने सालाना स्प्रिंग कॉन्ग्रेगेशन मानद डॉक्टरेट की उपाधि की घोषणा करते हुए, तीस्ता सेतलवाड़ को - मानद डॉक्टरेट देने का एलान किया है। 

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मशहूर मानवाधिकार कार्यकर्ता और पत्रकार तीस्ता सेतलवाड़ को एक और अहम अंतर्राष्ट्रीय सम्मान मिलने की ख़बर कनाडा से आई है। कनाडा की प्रतिष्ठित ब्रिटिश कोलंबिया यूनीवर्सिटी ने अपने सालाना स्प्रिंग कॉन्ग्रेगेशन मानद डॉक्टरेट की उपाधि की घोषणा करते हुए, तीस्ता सेतलवाड़ को – मानद डॉक्टरेट देने का एलान किया है। 

तीस्ता उन 10 प्रतिष्ठित शख्सियतों में से एक हैं, जो यूनीवर्सिटी ऑफ ब्रिटिश कोलंबिया द्वारा 2020 के मानद डॉक्टरेट उपाधि से सम्मानित की जा रही हैं। हालांकि सोमवार रात को इस सम्मान का एलान किया गया है, लेकिन ये सम्मान एक समारोह में दिए जाने थे – जिसको फिलहाल कोविड-19 संक्रमण की वैश्विक स्थिति को देखते हुए टाल दिया गया है। जल्द ही इस समारोह की नई तारीखों की घोषणा होगी।

ब्रिटिश कोलंबिया विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर, इन मानद सम्मानों की घोषणा करते हुए, तीस्ता सेतलवाड़ के विषय में जो टिप्पणी प्रकाशित की गई है – वो इस तरह से है;

तीस्ता के बारे में ब्रिटिश कोलंबिया यूनीवर्सिटी की मानद डॉक्टरेट उपाधि की टिप्पणी

तीस्ता सेतलवाड़, भारत की एक नागरिक अधिकार कार्यकर्ता, लेखिका और पुरस्कृत पत्रकार हैं – जिन्होंने 2002 में दो हज़ार के लगभग मुस्लिमों के जनसंहार के पीड़ितों को न्याय दिलाने की मुहिम में अहम किरदार निभाया। उन्होंने भारत और अन्य देशों में मानवाधिकार और क़ानूनों के क्षेत्र में बहुसंख्यकवाद और धार्मिक कट्टरता की पोल खोलने का काम कर के – मानवाधिकार न्याय और पीड़ितों की न्याय तक पहुंच बनाने के उद्देश्य को और गहरा किया है। वे महिला अधिकार, धार्मिक अल्पसंख्यकों, मूल निवासियों और वनवासियों के मुद्दों पर भी प्रभावी और मुखर हैं।  

ग़ौरतलब है कि इस मानद डॉक्टरेट की घोषणा करते हुए, ब्रिटिश कोलंबिया विश्वविद्यालय ने गुजरात के 2002 अल्पसंख्यक विरोधी जनसंहार और उसके पीड़ितों को न्याय दिलाने में तीस्ता की भूमिका का ख़ासतौर पर उल्लेख किया है। इसके पहले तीस्ता को 2007 में पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा उनको 2003 में न्यूरेमबर्ग इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स अवॉर्ड और पैक्स क्रिस्टी इंटरनेशनल पीस अवॉर्ड मिल चुका है।

तीस्ता के अलावा जिन शख्सियतों को ये मानद डॉक्टरेट उपाधि दी जा रही है, उनमें कनाडा की मशहूर अभिनेत्री टैंटू कार्डिनल, कनाडा के सबसे प्रतिष्ठित लेखकों में से एक लॉरेंस हिल, संगीतकार डग जॉनसन, चीनी मूल की कनाडाई नृत्यांगना चैन होन गोह, जापानी मूल की कनाडाई एक्टिविस्ट कीको मेरी कितागावा, डिमेंशिया पीड़ितों के लिए काम करने वाले पूर्व व्यापारी जिम मैन, महिला अधिकार कार्यकर्ता और डेवलेपमेंट लीडर साराह मॉर्गन सिल्वेस्टर, कनाडाई अहिंसा आंदोलन की नेता ट्रेसी पोर्टस और दृष्टिबाधित छात्रों-अध्ययनकर्ताओं के लिए काम करने वाले पॉल थिएले शामिल हैं।


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