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ऑटोमोबाइल सेक्टर में भारी मंदी, अप्रैल से अब तक करीब 3.5 लाख लोग हुए बेरोज़गार

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ऑटोमोबाइल सेक्टर में भारी मंदी के कारण इस साल अप्रैल तक 3.5 लाख लोग स्थाई या अस्थाई तौर पर बेरोजगार हो चुके हैं. देश की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल कम्पनी मारुती-सुजुकी ने बीते 6 महीने में अपने अस्थाई कार्यबल में 6 फीसदी कटौती की है. वाहनों की बिक्री में लगातार गिरावट के साथ ही वाहन डीलर कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा रहे हैं. उद्योग संगठन फेडरेशन ऑफ आटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) ने दावा किया है कि पिछले तीन माह के दौरान खुदरा विक्रेताओं ने बिक्री में भारी गिरावट के कारण लगभग दो लाख कर्मचारियों की छंटनी की है.

इस साल अप्रैल तक 18 महीने के दौरान देशभर के 271 शहरों में 286 शोरूम बंद हुए हैं. जिसमें 32,000 लोगों की नौकरी गई थी. दो लाख नौकरियों की यह कटौती इसके अतिरिक्त है. ऑटो सेक्टर की हालत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जुलाई महीने में मारुति की बिक्री 33.5% और M&M (महिंद्रा एँड महिंद्रा) की बिक्री 15% गिर गई.

उद्योग संगठन फेडरेशन ऑफ आटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन ने कहा कि निकट भविष्य में स्थिति में सुधार की संभावना नहीं दिख रही है, जिसकी वजह से और शोरूम बंद हो सकते हैं तथा छंटनी का सिलसिला जारी रह सकता है.
देशभर में 15,000 डीलरों द्वारा परिचालित 26,000 वाहन शोरूमों में करीब 25 लाख लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला हुआ है.

वाहन निर्ममाताओं के संगठन सियाम के आंकड़ों के अनुसार चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में सभी श्रेणियों में वाहनों की बिक्री 12.35 प्रतिशत घटकर 60,85,406 इकाई रह गई. इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में वाहन बिक्री 69,42,742 इकाई रही थी.

रिपोर्ट के अनुसार देश की बड़ी कंपनियों मारुति सुजुकी, ह्यूंडई, महिंद्रा, टोयोटा और होंडा की बिक्री में जुलाई महीने में लगातार गिरावट दर्ज की गई. इस साल जुलाई माह में मारुति सुजुकी की घरेलू बिक्री 36.30 प्रतिशत घटकर 98, 210 इकाई रही. पिछले साल इसी महीने में सुजुकी की घरेलू बिक्री 1,54,150 इकाई रही थी.

वहीं हुंडई की जुलाई महीने में घरेलू बिक्री पिछले साल की तुलना में 10 प्रतिशत घटकर 39,010 इकाई रही. पिछले साल इसी महीने में कंपनी की बिक्री 43,481 इकाई रही थी. उधर महिंद्रा की बिक्री में 16 प्रतिशत गिरावट दर्ज की गई. कंपनी ने पिछले साल इस महीने में जहां 44, 605 इकाई बेची थी वहीं इस साल जुलाई माह में 37,474 इकाईयों को ही बेच पाई.

टोयोटा की बिक्री में 24 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. पिछले साल कंपनी के वाहनों की बिक्री 13,677 इकाई थी वहीं इस साल इसी अवधि में कंपनी 10, 423 इकाई बेचने में कामयाब रही. होंडा की बिक्री जुलाई महीने में 48.67 प्रतिशत घट गई. पिछले साल इसी अवधि में कंपनी ने जहां 19,970 इकाई वाहन की बिक्री की थी वहीं इस साल जुलाई में कंपनी की बिक्री 10.250 इकाई रही.

उधर, टाटा मोटर्स ने भी भारी मंदी के चलते टाटा मोटर्स के जमशेदपुर स्थित प्लांट में उत्पादन ठप कर दिया गया है. इसके बाद महाराष्ट्र के पिंपरी प्लांट में भी 3 दिन के लिए उत्पादन बंद करने की घोषणा हुई है.

ऑटोमोबाइल क्षेत्र में मंदी आने से सिर्फ इनके उत्पादन करने वाली कंपनियों और ट्रांसपोर्टरों का ही नुकसान नहीं हो रहा है. इसका विपरीत असर मारुति, होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर एवं हीरो मोटोकॉर्प जैसी कंपनियों को कंपोनेंट (उपकरण) तैयार करने वाली सहायक कंपनियों व डीलरों पर भी हो रहा है. इन स्थानों पर काम करने कर्मचारी भी इस प्रकार के माहौल में अपनी नौकरी को लेकर भी चितित हैं. मंदी का यह सिलसिला अगर कायम रहा तो आने वाले दिनों में इस सेक्टर में लाखों लोग बेरोजगार हो जाएंगे.

 

 

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