Home Corona अमित शाह के स्वास्थ्य को लेकर इतनी गोपनीयता क्यों ?

अमित शाह के स्वास्थ्य को लेकर इतनी गोपनीयता क्यों ?

अमूमन रीट्वीट करने में व्यस्त रहने वाले अन्य केंद्रीय मंत्री भी ऐसी हालत में कोई खबर नहीं दे रहे हैं। सब उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। मैं भी करता हूं। पर यह सवाल तो अपनी जगह रहेगा ही कि उनके स्वास्थ्य को लेकर इतनी गोपनीयता क्यों बरती जा रही है?

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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का स्वास्थ्य किसी के भी लिए चिन्ता का विषय है और अगर कोई गुप्त रोग नहीं है तो छिपाने का कोई कारण नहीं है। आम जनता को जानने का हक है। उनके समर्थकों को चिन्ता होगी, राजनीति से जुड़े लोगों को उत्सुकता होगी और समाचार चैनलों का काम है ताजी सूचना देना। कल से संसद का मानसून सत्र देर से शुरू होने वाला है। अमित शाह के स्वास्थ्य से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण सूचनाएं इस प्रकार हैं –

दूसरी ओर, पूर्व गृहमंत्री पी चिदंबरम ने आज छपे अपने कॉलम में लिखा है, (अंग्रेजी से अनुवाद) …. मैंने शारीरिक रूप से सदन में उपस्थित होने में असमर्थ सदस्यों के लिए आभासी हाजिरी लगाने की इजाजत की बात कही थी। लेकिन कुछ दिन पहले राज्यसभा के सभापति ने मेरे सुझाव को खारिज कर दिया। अगर उपस्थिति संतोषजनक रहती है, तब भी माहौल वास्तविकता लिए हुए नहीं होगा। मेरा मानना है कि सदन संसदीय लोकतंत्र के रूप में दिखेंगे पर उसमें से भाव और आत्मा नदारद रहेंगी।

ऐसे में जैसा एनडीटीवी ने लिखा है, संसद के 785 सदस्यों में से 200 पैंसठ साल से ज्यादा के हैं। कम से कम दो केंद्रीय मंत्री और दो दर्जन सांसद कोविड-19 के बाद स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं। ऐसे में कोरोना वायरस की महामारी का असर  मानसून सत्र पर भी है। इस बीच, शनिवार को भारत में एक दिन में कोरोना के 97,570 नए मामले दर्ज किए गए हैं जो अब तक का सबसे ज्यादा है और कोविड संक्रमितों की संख्या आज 47 लाख का निशान पार कर चुकी है।

ऐसी हालत में एक केंद्रीय मंत्री के स्वास्थ्य के संबंध में सूचनाएं ऐसी हैं :

1.abplive.com की खबर है, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को एक बार फिर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया है। उनको दोबारा किस लिए भर्ती कराया गया है इसकी कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। शाह को शनिवार रात करीब 11 बजे एम्स में भर्ती कराया गया। इससे पहले अमित शाह को 18 अगस्त को एम्स में भर्ती कराया गया था। उन्हें सांस लेने में परेशानी हो रही थी। तब एम्स ने एक बयान में कहा था, ‘‘केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह को कोविड-19 बीमारी के बाद की देखभाल के लिए एम्स में भर्ती कराया गया था। वह स्वस्थ हो गये हैं।  इससे पहले 2 अगस्त को अमित शाह कोरोना से संक्रमित हो गए थे। उन्होंने खुद ट्वीट कर इसकी जानकारी दी थी। इसके बाद 14 अगस्त को अमित शाह की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई। तब शाह ने कहा था, ‘मेरी कोरोना टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आई है। मैं ईश्वर का धन्यवाद करता हूं। इससे पहले उनका इलाज मेदांता में चला था। संक्रमण मुक्त होने के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई थी।

2.jansatta.com के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर एम्स की ओर से रविवार को एक प्रेस रिलीज जारी की गई। समाचार एजेंसी  एएनआई ने इसकी प्रति सुबह साढ़े 11 बजे जारी की है, इसमें कहा गया है, “शाह को कोरोना के बाद की देखभाल के लिए 30 अगस्त को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया था। अस्पताल में छुट्टी के दौरान उन्हें सलाह दी गई थी कि वह पूरे मेडिकल चेकअप के लिए हॉस्पिटल आएं। वह उसी के तहत संसदीय सत्र के पहले एक-दो दिनों के लिए मेडिकल चेकअप कराने आए हैं।” यह जानकारी एम्स की मीडिया एंड प्रोटोकॉल डिविजन की चेयरपर्सन की ओर से पत्र में दी गई है। … बताया जा रहा है कि शाह को एम्स अस्पताल के कार्डियो न्यूरो टावर में भर्ती कराया गया है।

3.एम्स की विज्ञप्ति इतवार को सुबह जारी हुई। एएनआई ने जारी की है। इसमें लिखा है, संसद का सत्र सोमवार को शुरू होना है। डिस्चार्ज के समय सलाह दी गई थी उसी के तहत आए हैं। ऊपर खबर है कि रात करीब 11 बजे दाखिल हुए हैं। इससे आप समझ सकते हैं कि इसपर कितना यकीन करना है और दूसरी एजेंसियों ने इसे या एम्स की विज्ञप्ति को महत्व क्यों नहीं दिया।

यह स्थिति तब है जब देश में मीडिया संस्थानों के अलावा एएनआई जैसी समाचार एजेंसियां – पीटीआई, यूएनआई तो हैं ही, पीआईबी भी है जिसे हाल के समय में फैक्ट चेक करने के भी काम में भी लगा दिया गया है। पर खबर नहीं है। ना सोशल मीडिया पर ना वैसे। सब सुशांत, रिया, कंगना और तोड़ने, उखाड़ने में व्यस्त हैं।

अमूमन रीट्वीट करने में व्यस्त रहने वाले अन्य केंद्रीय मंत्री भी ऐसी हालत में कोई खबर नहीं दे रहे हैं। सब उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। मैं भी करता हूं। पर यह सवाल तो अपनी जगह रहेगा ही कि उनके स्वास्थ्य को लेकर इतनी गोपनीयता क्यों बरती जा रही है?



 

 

संजय कुमार सिंह, वरिष्ठ पत्रकार और अनुवाद के क्षेत्र के कुछ श्रेष्ठ नामों में से एक।



 

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