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एम्स का डॉक्टर हुआ कोरोना संक्रमित, हिंदूराव में डॉक्टरों का इस्तीफ़ा

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन का दावा है कि देश में सुरक्षा संशाधनों की कोई कमी नहीं है

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देश का सबसे चर्चित अस्पताल ऑल इंडिया मेडिकल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एम्स) के एक डॉक्टर इस वायरस की चपेट में आ गए हैं. उन्हें फिलहाल अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उनके परिवार की भी जांच चल रही है. इससे पहले दिल्ली के 6 डॉक्टर कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं.

ख़बर के अनुसार, बुधवार को दिल्ली राज्य कैंसर संस्थान की एक डॉक्टर में कोविड-19 वायरस की पुष्टि होने के बाद सफदरजंग अस्पताल के दो रेजिडेंट डॉक्टर भी COVID-19 वायरस से संक्रमित पाए गए थे. सफदरजंग अस्पताल के COVID-19 वायरस से संक्रमित पाए गए दोनों डॉक्टरों में एक पुरुष डॉक्टर है जो COVID-19 यूनिट में तैनात है और एक महिला डॉक्टर है जो PG की तीसरी साल की बायोकेमिस्ट्री विभाग की छात्रा है.

इससे पहले दो मोहल्ला क्लिनिक के डॉक्टर भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे. इनमें से एक  डॉक्टर उत्तरी पूर्वी दिल्ली के बाबरपुर इलाके का था तो वहीं दूसरा डॉक्टर मौजपुर इलाके का था. डॉक्टरों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद उनके संपर्क में आए लोगों को भी क्वारंटाइन किया गया. जानकारी के मुताबिक बाबरपुर इलाके के मोहल्ला क्लिनिक के डॉक्टर में कोरोना के लक्षण पाए गए थे जिसके बाद उन्होंने कोरोना का टेस्ट करवाया. इसके बाद डॉक्टर की टेस्ट रिपोर्ट आई जिसमें वह कोरोना पॉजिटिव पाए गए. इस के बाद डॉक्टर औऱ उसके परिवार के साथ उनके स्टाफ को भी आइसोलेट किया गया.

देशभर में से कई डॉक्टरों और नर्सों ने सोशल मीडिया में वीडियो डाल कर बुनियादी सुरक्षा सामग्री की कमी शिकायत की है. खबर है कि दिल्ली के हिंदूराव अस्पताल के कई डॉक्टरों के इस्तीफ़ा की खबर है.

उत्तरी दिल्ली नगर निगम के अन्तर्गत आने वाले हिंदुराव अस्पताल में काम करने वाले डॉक्टर, नर्स व अन्य स्टाफ ने अपनी सेवाओं से इस्तीफा देना शुरु कर दिया है. अभी तक कई लोग अपना इस्तीफा प्रबंधन को सौंप चुके हैं.

डॉक्टर हर्जोत भट्टी ने ट्वीट करते हुए बताया है कि अस्पताल में डॉक्टरों की सुरक्षा के पर्याप्त उपाए नहीं हैं, अस्पताल प्रशासन अस्पताल में मास्क, सैनिटाइजर एवं पीपीई सूट की काफी कमी है. सुरक्षा उपायों के तमाम जरूरी संसाधन जुटा पाने में सक्षम नहीं है. इस कारण से यहां के स्टाफ में उसकी खुद जिंदगी खतरे में पड़ जाने का भय बना हुआ है.

अस्पताल का प्रबंधन करने वाली उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने नोटिस जारी करते हुए चेतावनी दी है कि जो भी डॉक्टर और नर्सिंग कर्मचारी इस्तीफा सौंप रहे हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उनकी सूची दिल्ली मेडिकल काउंसिल को भेज सख्त कदम उठाने की सिफारिश की जाएगी.

उत्तरी दिल्ली नगर निगम की आयुक्त वर्षा जोशी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि इस मामले को लेकर कार्रवाई की जा रही है. अस्पताल में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है. लगातार स्थानीय निर्माताओं से मदद ली जा रही है. अभी तक दो लोगों ने इस्तीफा दिया है। वे हमारे यहां अनुबंध पर हैं. बाकी किसी ने भी इस्तीफा नहीं दिया है.

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन का दावा है कि देश में सुरक्षा संशाधनों की कोई कमी नहीं है.

दिल्ली में बुधवार को कोरोना वायरस के 32 केस और बढ़ गए, जिसमें 29 मरकज के हैं. अब राजधानी में कुल संक्रमितों की संख्या 152 हो गई है. दिल्ली में अभी 700 के करीब कोरोना के संदिग्ध मामले हैं.

 

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