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चलती हुई संसद के बाहर कफ़न सत्‍याग्रह कर रही नर्मदा घाटी की औरतों पर लाठीचार्ज, ख़बर नदारद

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संसद के मानसून सत्र के दौरान दिल्‍ली के जंतर-मंतर पर उमड़ी हज़ारों किसानों की भीड़ की चर्चा तो मंगलवार को खूब रही लेकिन वहां से कुछ किलोमीटर दूर नर्मदा बचाओ आंदोलन के लोगों पर हुए लाठीचार्ज और गिरफ्तारी की खबर दब गई।

किसान मुक्ति संसद के मंच पर अपना भाषण देने के बाद नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर नर्मदा घाटी के ग्रामीणों को लेकर कफ़न सत्‍याग्रह करने के लिए जल संसाधन मंत्रालय पहुंची थीं। वहां भारी संख्‍या में पहुंची दिल्ली पुलिस ने शांतिपूर्वक धरने पर बैठे लोगों पर लाठीचार्ज किया और महिला पुलिस की गैर-मौजूदगी में महिलाओं को बड़ी बर्बरता से मारा गया। कई महिलाओं के कपड़े भी फट गए।

दिन में पुलिस ने 67 लोगों को हिरासत में ले लिया। शाम तक छह लोग अस्पताल में भर्ती थे और चार बेहोश हो गए थे। सत्‍याग्रहियों को संसद मार्ग और मंदिर मार्ग पुलिस थाने में ले जाया गया था।

इस घटना पर जनांदोलनों के राष्‍ट्रीय समन्‍वय (एनएपीएम) द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति कहती है:

”एक तरफ मध्य प्रदेश में रासुका कानून की घोषणा करना और दूसरी तरफ दिल्ली में केंद्र सरकार द्वारा नर्मदा घाटी से आए लोगों पर, उनकी बात सुने बिना बड़ी बर्बरता के साथ लाठियां बरसाना, इसे केंद्र और राज्य सरकार का नर्मदा घाटी के लाखों लोगो के लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा नियोजित हमला साबित करता है। मध्यप्रदेश के 192 गांव और 1 नगर की आहुति देकर, गुजरात के भी अधिकांश किसानों को नर्मदा के पानी से वंचित करके अडानी, अम्बानी और अन्य कंपनियों को पानी देकर नर्मदा सेवा यात्रा किसके लिए “अच्छे दिन” लाएगी? प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने आजतक सरदार सरोवर प्रभावित एक भी गांव का दौरा नहीं किया है तो किस आधार पर लाखों को डुबाने का निर्णय?

जन आन्दोलनों का राष्‍ट्रीय समन्वय, नर्मदा बचाओ आन्दोलन के 32 साल के सत्याग्रही संघर्ष का पूरा समर्थन करते हुए केंद्र और राज्य सरकार के दमनकारी और अमानवीय कृत्य की कड़ी निंदा करता है| “कानून व्यवस्था” के नाम पर तानाशाही सरकार सैंकड़ो लोगो की आवाज़ को दबा रही है| अगर बिना पुनर्वास किए नर्मदा घाटी के 40,000 परिवारों और लाखों लोगों को डुबाया गया तो इस घटना को मानव इतिहास में निर्वाचित सरकार द्वारा नरसंहार के रूप में जाना जाएगा।”

 

1 COMMENT

  1. THU SAALA POOJIPATIO KI GULAM DES KI SARKARE AUR HAM SARKARI NOKAR.

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