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कर्जमाफी से नाराज महाराष्ट्र के किसान फिर सड़क पर, करेंगे विधानसभा का घेराव

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महाराष्ट्र के किसान एक बार फिर कृषि कर्जमाफी सहित दूसरी मांगों को लेकर सड़क पर उतर आए हैं। किसानों का कहना है कि सरकार ने उनके खिलाफ  वादाखिलाफी की है। इस बार उन्होंने नासिक से मुंबई तक 180 किमी लंबी पदयात्रा के बाद मांग न पूरी होने तक महाराष्ट्र विधानसभा का घेराव करने का फैसला किया है।

महाराष्ट्र के आंदोलनरत किसान बीते साल राज्य सरकार की कृषि कर्जमाफी से असंतुष्ट हैं। वे कृषि कर्ज और बिजली का बकाया बिल पूरी तरह माफ किए जाने के साथ स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मांग कर रहे हैं।

आन्दोलन का नेतृत्व कर रहे भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक धवले, स्थानीय विधायक जेपी गावित और अन्य नेता कर रहे हैं. इसमें अभी 25 हजार किसान शामिल बताए जा रहे हैं. राजू देसले के मुताबिक बीते साल सशर्त कृषि कर्जमाफी के बावजूद महाराष्ट्र में किसानों की खुदकुशी जारी है। उन्होंने दावा किया कि बीते साल जून से अब तक राज्य में 1,753 किसान आत्महत्या कर चुके हैं।

पदयात्रा से पहले किसान नेता सुनील मुलसरे ने कहा था, ‘हम लोग चाहते हैं कि सरकार सुपर हाईवे या बुलेट ट्रेन जैसी विकास परियोजनाओं के नाम पर किसानों की जमीन जबरन छीनने से बचे।’ उधर, इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक धवले ने नदी जोड़ने की परियोजना में जरूरी बदलाव करने की मांग की है, ताकि नासिक, ठाणे और पालघर में आदिवासी गांवों को पानी में डूबने से बचाया जा सके।

 

3 COMMENTS

  1. Please find the 3 comments on 15 th march strike by workers in mediavigil.com of 7 March. All 3 comments Could be applied in this case also. A joint struggle. No Swaminarayan but tree, health, education that too of good quality to all families of farmers. Minimum 30 thousands per month assured for each family. Run AMUL TYPE COOPERATIVE. COLLECTIVISATION OF LAND LIKE IN CHINA IN 1950. COOPERATIVE WILL DECIDE WHAT TO PRODUCE. SAY POTATO. IT WILL BE PROCESSED MADE INTO CHIPS. IMAGINE ENORMOUS PROFIT.DURING AMUL DAYS KURIEN, MADE IT A SUCCESS WHY NOT NOW. STILL WHEAT FLOUR BRANDED IS 30 RS KG. IF MODI WANT HE MUST ARRANGE SHOPS ON REASONABLE RENT TO CO-OP. IN THESE POTATO ” PAKODA” COULD BE MADE. BY

  2. Free health, education I mean. National level co-op will be highest body. Only it will be empowered to decide what Will be grown in India and in how much quantity. Agriculture ministry will have weekly meeting with Board of directors of Highest body. STATE level ministry will do the same. Without their consent no major changes are possible. Regular meeting at village, districts ,state and national level WILL be done in a Transparent Manner. In line with Chinese, USSR model power will be given to lowest level.

  3. KISAN SAMASYA KE BARE ME HINDI AND ENGLISH ME VISTAAR SE SHANDAAR VISLESHAN PADE…rupe-india.org , aspects of India ‘s economy, issue no 66 and 67. INDIA S PEASANTRY UNDER NEOLIBERAL RULE. This article shows real intent of MODI. Post spell of growth is over is second CHAPTER./. Fairy tales about foreign investment/. Insuring GOVERNMENT against PEASANTRY / Ruinous drive to throw agriculture to market / Peasantry as a subject

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