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अडानी ने बरबाद की खड़ी फ़सल! आदिवासी महिलाओं के विलाप का यह वीडियो बेचैन करता है !

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कई बार जिन चीज़ों के बारे में बात करना आसान होता है, उनके दृश्यों से गुज़रना उतना ही मुश्किल होता है। देश भर मे ंकिसानों की आत्महत्या अब महज़ आँकड़ा हो गया है, लेकिन कभी किसी किसान विधवा का विलाप दिखाई-सुनाई पड़े तो खड़ा रह पाना मुश्किल होता है। ऐसा ही एक वीडियो आया है झारखंड के गोड्डा से जहाँ आदिवासी स्त्रियाँ अडानी के कारिंदों का पैर पकड़कर गुहार लगा रही हैं। उनका क्रंदन सुनकेर कलेजा मुँह को आता है। उनकी खड़ी फ़सल को अडानी के कारिंदे बर्बाद कर रहे हैं क्योंकि उस ज़मीन पर बिजलीघर लगेगा।

इस वीडियो को देखना हिम्मत का काम है जिसे गुजरात विधानसभा के सदस्य छोटूभाई वासवा ने  फ़ेसबुक पर पोस्ट किया है। साथ में इस लूट के मामले की जानकाारी भी दी है। पढ़ने के बाद हिम्मत बचे तो वीडियो देख लीजिएगा। कोई मुश्किल नहीं कि आँखों में ख़ून उतर आए-संपादक

छोटुभाई वसावा

ये विलाप देखिए, क्रंद्रन सुनिए ,खून-पसीने की सींची धरती पर अडाणी के ठेकेदारों के पांव जैसे ही पड़े पूरे इलाके में त्राहिमाम मच गया । अभी-अभी तो बारिश में महिलाओं ने रात दिन एक कर धान के पौधे रोपे थे । हरियाली फूटी ही थी कि आ धमकी अंग्रेजों के जमाने जैसे ठेकेदार, जमींदारों की आर्मी । ये तस्वीरें अंग्रेजों के राज का हाल बताने के लिए काफी है जब सरकारी और जमींदार किसानों की जमीन पर जबरन कब्जा कर लेते थे गोड्डा में ऑस्ट्रेलिया के कोयले से बांग्लादेश को महंगी बिजली देने वाली इस विवादित परियोजना के लिए मोतिया गांव के माली मौजा में जैसे दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी अडाणी के लोग पहुंचे झारखंड के सबसे गरीब जनजातियों में त्राहिमाम मच गया । सरकारी आदमियों से लैस अडाणी के लोगों पर गांव के किसानों ने जबरन जमीन कब्जा करने, फसल और पेड़ काटने का आरोप लगाया । जिस बांग्लादेशी घुसपैठियों को भगाने के नाम पर कुछ लोग 2019 का सपना देख रहे हैं उसी बांग्लादेश के लिए देश के किसानों को

उनकी जमीन से बेदखल कर पावर प्लांट तैयार किया जा रहा है । गोड्डा में बनने वाले इस पावर प्लांट के लिए अडाणी ने पूरी ताकत लगा दी है । प्रशासन पर अडाणी के लोगों का साथ देने का आरोप लग रहा है । इस पावर प्रोजेक्ट के लिए कोयला ऑस्ट्रेलिया से आएगा । यानी झारखंड का कोयला भी यहां इस्तेमाल नहीं होगा । इतना ही नहीं बताया तो जा रहा है कि इस बिजली को खरीदने में बांग्लादेश के लोगों का भी भारी नुकसान होगा । फायदा होगा तो सिर्फ अडाणी की कंपनी का ।